सीएम के अभियान से प्रभावित युवक ने बगैर दहेज और तड़क-भड़क के रचाई शादी

ETV Bihar/Jharkhand
Updated: November 15, 2017, 12:08 PM IST
सीएम के अभियान से प्रभावित युवक ने बगैर दहेज और तड़क-भड़क के रचाई शादी
ईटीवी फोटो
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Updated: November 15, 2017, 12:08 PM IST



आपने बहुचर्चित फिल्म नदिया के पार और फणीश्वर नाथ रेणु की तीसरी कसम फिल्म देखी होगी. जिसमें बिहार और मिथिलांचल की सांस्कृतिक विरासत की झलक को प्रस्तुत की गई है. दोनों फिल्मों की पूरी कहानी बैलगाड़ी से ही जुड़ी है.



पूर्णिया के बायसी प्रखंड के सुदूर देहात पुरानागंज का युवक मोहम्मद मखमूर शाकिर अंसारी और तराना कौशर ने रविवार 12 नवंबर को शादी रचायी.


शादी की खात बात ये थी कि लड़का और लड़की दोनों पक्षों ने बिना दहेज के लेन देन के शादी की. दूल्हा और बाराती सजे हुये बैलगाड़ी से शादी रचाने पहुंचे और सादे समारोह में बिना किसी तड़क भड़क के शादी रचायी गई.


इंगलिश से पीजी और बीएड कर दिल्ली में पेशे से शिक्षक और आईआईएमसी से जर्नलिज्म कर चुके दूल्हा शाकिर का कहना है कि वे मुख्यमंत्री के दहेज विरोधी अभियान से काफी प्रेरित है. इसी कारण उसने बिना दहेज के शादी रचाई.


उन्होंने कहा कि ये रेणु की धरती है और सांस्कृतिक विरासत और इको फ्रेंडली होने के कारण उसने बैलगाड़ी से जाकर शादी की ताकि शादी में किसी तरह का अनाप शनाप खर्च न हो. वहीं दुल्हन तराना कौशर भी इस शादी से काफी खुश हैं. उन्होंने कहा कि बेटियां बोझ नहीं है. हर युवक को बिना दहेज के शादी रचानी चाहिये और मुख्यमंत्री के अभियान को आगे बढाना चाहिये.


बिना दहेज के इस अनोखी शादी में पुरानागंज पंचायत के मुखिया बदरे आलम समेत कई जनप्रतिनिधि भी शामिल हुये.  मुखिया ने कहा कि उनलोगों ने गांव में एक कमिटी बनाई है ताकि कोई भी शादी में दान दहेज नहीं ले. वैसे लोगों को सामाजिक बहिष्कार भी किया जा रहा है.


गांव के मुखिया ने कहा कि मखमूर और तराना ने बिना दहेज के शादी कर एक शुरुआत की है. वहीं, दूल्हा के पिता ने कहा कि इस्लाम धर्म में शादी में दान दहेज वर्जित है. इस कारण उसने बेटे की शादी बिना दहेज के किया है.


बायसी के एसडीओ और जनप्रतिनिधियों ने भी बिना दहेज की इस  शादी की काफी प्रशंसा की . एसडीओ सावन कुमार ने मुख्यमंत्री के दहेज और बाल विवाह के खिलाफ अभियान को बढ़ावा देने के लिये दूल्हा दुल्हन और पुरानागंज के लोगों की सराहना की है.


एसडीओ ने कहा कि इस शादी से लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिये. वहीं, जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष महमूद अशरफ ने कहा कि मुख्यमंत्री के अभियान की शुरुआत सीमांचल की धरती से हुई है. जो बड़ी बात है.

उन्होंने कहा कि वे भी इस अभियान को बढ़ावा देने के लिये प्रखंड स्तर पर कार्यक्रम कर लोगों को प्रेरित करेंगे.





First published: November 15, 2017
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