Home /News /bihar /

बिहार के सीमांचल में चल रहा फर्जी मदरसों का खेल, न जगह न पता और न वजूद, खुल गए मदरसे

बिहार के सीमांचल में चल रहा फर्जी मदरसों का खेल, न जगह न पता और न वजूद, खुल गए मदरसे

बिहार के पूर्णिया जिला में खुला एक मदरसा सेंटर

बिहार के पूर्णिया जिला में खुला एक मदरसा सेंटर

Fake Madarsas In Bihar: बिहार में सीमांचल के फर्जी मदरसों के मामले पर मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष अब्दूल क्यूम ने कुछ दिन पहले भी जांच में कई फर्जी मदरसे पकड़े जा चुके हैं. सरकारी अनुदान और शिक्षकों से पैसा ऐंठने के मकसद से मदरसा खोलने की बाढ़.

अधिक पढ़ें ...

पूर्णिया. बिहार में सरकारी अनुदान पाने और शिक्षकों की बहाली में पैसा ऐंठने के उद्देश्य से फर्जी मदरसों (Bihar Madarsa) की बाढ़ सी आ गई है. पूर्णिया (Purnia) में ऐसे ही कुछ मदरसों का खुलासा हुआ है, जो फर्जी हैं. जिले के रजीगंज पंचायत में अब्दुल्ला नगर फसिया में जगह दिखाकर दो मदरसे पंजीकृत करा लिए.. इसमें सेे एक मदरसा फैजूल उलूम जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 1090-92 और दूसरा मदरसा फातमा लीलबनात अब्दुल्ला नगर, फसिया, जिसका निबंधन संख्या 1048 है, का फर्जी निबंधन कराने का मामला सामने आया है. इस बाबत ग्रामीणों ने डीएम देकर जांच की माग की है. जब न्यूज 18 ने स्थल निरीक्षण किया तो वहां स्थानीय ग्रामीण और मुखिया पति मनोज चौधरी ने कहा कि रजीगंज पंचायत में अब्दुल्ला नगर नाम का कोई जगह ही नहीं है.

मुखिया पति ने कहा कि इस गांव में धरातल पर इन दोनों मदरसा का अस्तित्व ही नहीं है. आवेदक मो0 खलील और वार्ड सदस्य नुरुल हक समेत दर्जनों ग्रामीणों ने कहा कि गांव के ही वार्ड सदस्य मो0 रफीक द्वारा फर्जी तरीके से इन दोनों मदरसों का निबंधन करा लिया गया है, जबकि गांव में न तो अब्दुल्ला नगर नाम का कोई जगह है, न ही इन दोनों मदरसों का अस्तित्व है. इस बाबत् उसने डीएम को आवेदन देकर जांच कराने की मांग की है. लोगों ने कहा कि मस्जिद में कुछ लोग बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते हैं, उसी को फर्जी मदरसा बनाकर फर्जी तरीके से निबंधन करा लिया गया है.

जो जगह ही नहीं, वहां के पते पर मदरसे
तंजीमुल मदरसा के सचिव हाजी मंसूर आलम ने कहा कि फसिया मे एक मदरसा है, जिसका नाम मदरसा तंजीमुल इस्लाम है. इसके अलावा कुछ लोगों ने फर्जी मदरसा बना लिया है, ताकि उसी के आड़ में सरकारी पैसा का गबन कर सके. शिक्षकों की बहाली में भी ये लोग मोटी कमाई करना चाहते हैं. लोगों ने कहा कि इस फर्जीवाड़ा में मदरसा बोर्ड के कुछ अधिकारी भी शामिल हैं. इस मामले में जब दोनों फर्जी मदरसा के संचालक रफीक से पूछा गया तो उसने कहा कि उनके पूर्वजों के नाम पर यह मदरसा है. रफीक ने कहा कि उनके टोला का नाम अब्दुल्ला नगर है, जबकि ग्रामीण और मुखिया का सीधा कहना है कि इस पंचायत और गांव में अब्दुल्ला नगर है ही नहीं और ये सारा फर्जीवाड़ा है.

सरकारी अनुदान, सुविधाएं लेना मकसद
सबके पीछे एक ही उद्दे्श्य है सरकारी राशि गबन करना. जानकारी के अनुसार सीमांचल में ऐसे कई फर्जी मदरसे हैं जिसके नाम पर जमकर सरकारी राशि का गबन किया जाता है. मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष अब्दूल क्यूम ने कुछ दिन पहले जब मदरसों की जांच कराई थी तो उस समय भी कई फर्जी मदरसा पाये गये थे. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मदरसा बोर्ड बिना जांचे ही इन फर्जी मदरसों का निबंधन कर देते हैं.

Tags: Bihar News, Madarasa, Purnia news

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर