बंगाल में 500 लोगों की भीड़ ने किया था इंस्पेक्टर अश्विनी पर हमला, पढ़ें हत्या की पूरी कहानी

शहीद इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार (फाइल फोटो)

शहीद इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार (फाइल फोटो)

Inspector Ashwini Kumar Murder: बिहार के किशनगंज के इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार की हत्या के बाद पुलिस ने अभी तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने भी बंगाल की चुनावी सभा में उनकी हत्या का जिक्र किया है.

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पूर्णिया. बिहार के शहीद थानेदार अश्विनी कुमार की हत्या (Inspector Ashwini Kumar Murder Case) के मामले में नया खुलासा हुआ है. किशनगंज के निलंबित अंचल निरीक्षक मनीष कुमार ने पंतापाड़ा ओपी में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के लिए जो आवेदन दिया है, उसमें स्पष्ट है कि जिस समय अश्विनी कुमार पुलिस टीम के साथ बाइक लुटेरों को गिरफ्तार करने पश्चिम बंगाल (West Bengal) के गांव में गए थे तो वहां के कुछ लोगों ने मस्जिद से लाउडस्पीकर से अनाउंस कर करीब 500 लोगों की भीड़ इकट्ठा करवाई थी. भीड़ में शामिल सभी लोगों के हाथ में लाठी, लोहे के रॉड और चाकू जैसे हथियार थे.

उन्‍मादी भीड़ ने पीट-पीटकर थाना प्रभारी अश्विनी कुमार को मरणासन्न हालत में पहुंचा दिया था. जब उनको इस्लामपुर अस्पताल लाया गया तो उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. पंतापाड़ा ओपी में एफआईआर संख्या 96/2021 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें 21 लोगों पर नामजद और 500 अज्ञात लोगों पर मॉब लीचिंग कर पीट-पीटकर हत्या करने का मामला दर्ज किया गया है.

IPC की धारा 147, 148, 149, 341, 332, 333, 353, 307, 302 और 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. इस मामले में अभी तक कई आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है. चार डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा शहीद अश्विनी कुमार का पोस्टमार्टम किया गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी पूरे शरीर पर जख्म और पिटाई से मौत की बात सामने आई है. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, अपराधियों और उग्र भीड़ ने एसएचओ की अमानवीय तरीके से पिटाई कर उनकी हत्या की है.

इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि एक बहादुर पुलिस ऑफिसर कि बंगाल में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. इस सदमे को उनकी मां भी बर्दाश्त नहीं कर पाईं और उनका भी निधन हो गया. एक साथ घर से मां और शहीद बेटे की अर्थी निकली थी. इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल में कानून व्यवस्था को जिम्मेवार बताया था. शहीद अश्विनी कुमार की बेटी नैंसी ने भी सिस्टम पर कई सवाल छोड़े हैं. साथ ही इंसाफ की मांग की है. परिजन इस घटना की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं.
सोमवार को ही किशनगंद के एसडीपीओ ने भी खुलासा किया था कि मस्जिद से अनाउंस कर  ग्रामीणों की भीड़ जुटाई गई थी और मॉब लीचिंग कर थाना प्रभारी अश्विनी कुमार की पीट-पीटकर हत्या की गई थी.
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