बिहार: अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर संतोष सिंह के विरुद्ध NIA कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

पूर्णिया पुलिस ने म्यांमार बॉर्डर के जरिये नागालैंड के नगा विद्रोहियों की सांठ-गांठ से चलाए जा रहे एक बड़े नेटवर्क का खुलासा बीते 7 फरवरी को किया था. इसी नेटवर्क के जरिये देश के कुख्यात गैंगस्टर, बड़े आपराधिक गिरोहों और माओवादियों को हथियार आपूर्ति की जाती थी.

News18 Bihar
Updated: June 20, 2019, 7:02 PM IST
बिहार: अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर संतोष सिंह के विरुद्ध NIA कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट
11 फरवरी, 2018 को पूर्णिया के एसपी विशाल शर्मा हथियारों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए (फाइल फोटो)
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Updated: June 20, 2019, 7:02 PM IST
आधुनिक हथियारों के तस्करी मामले में पटना के NIA कोर्ट ने आरोपी संतोष कुमार सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है. बता दें कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय सीमा से हथियारों की तस्करी से जुड़ा हुआ है जिसकी तहकीकात NIA कर रही है. इस मामले में सबसे पहले पूर्णिया के बायसी थाने में 7 फरवरी 2019 को मामला दर्ज किया गया था. इसी मामले में NIA की दिल्ली टीम बीते 28 फरवरी से अनुसंधान कर रही है.

म्यांमार बॉर्डर से होती थी तस्करी
गौरतलब है कि पूर्णिया पुलिस ने म्यांमार बॉर्डर के जरिये नागालैंड के नगा विद्रोहियों की सांठ-गांठ से चलाए जा रहे एक बड़े नेटवर्क का खुलासा बीते 7 फरवरी को किया था. इसी नेटवर्क के जरिये देश के कुख्यात गैंगस्टर, बड़े आपराधिक गिरोहों और माओवादियों को हथियार आपूर्ति की जाती थी.

दालकोला चेकपोस्ट पर पकड़ाए थे तस्कर

इसी मामले को एनआईए की दिल्ली टीम ने 28 फरवरी को एक मामला दर्ज कर अनुसंधान कर रही है. दरअसल 7 फरवरी को बायसी थाना की पुलिस ने गश्ती के दौरान दालकोला चेकपोस्ट पर बंगाल की ओर से आ रही सफेद सफारी को खदेड़कर पकड़ा और गाड़ी से 600 राउंड गोली बरामद किया था.

सफारी के तहखाने में छिपा रखे थे हथियार
इसमें गिरफ्तार अपराधियों में सूरज कुमार गोरखपुर और अन्य दो वीआर कहोरनगम और क्लियर्सन कावो मणिपुर के उखरुल पोंग्यार का रहने वाला था. तीनों तस्करों से पूछताछ के बाद पुलिस ने सफारी गाड़ी के तहखाने से एक एके-47, यूबीजीएल से लैस 2 अत्याधुनिक राइफल और 1200 जिंदा कारतूस बरामद किया था.  इसमें एके-47 को छोड़कर सभी हथियार म्यांमार आर्मी का था.
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संतोष सिंह है स्मगलिंग का मास्टरमाइंड
इसी मामले में पुलिस ने 11 फरवरी को खुलासा किया था कि तस्करों को हथियार म्यांमार का उग्रवादी संगठन एनएससीएन उपलब्ध कराता है. यह संगठन म्यांमार आर्मी से हथियार खरीदकर इसे बिहार के अलावा अन्य राज्यों में भेजता और बेचता है. तस्करों ने पूछताछ में बताया था कि हथियार की डिलीवरी पटना और आरा जिला के अपराधी मुकेश सिंह और संतोष सिंह को करनी थी.

माओवादियों-अपराधियों से सांठ-गांठ
तीनों गिरफ्तार अभियुक्तों ने यह भी बताया था कि इसका मास्टरमाइंड मुकेश सिंह और संतोष सिंह, पटना और आरा जिला से जुड़ा है. इन्हीं दोनों का मणिपुर और नागालैंड में अपराधियों से साठगांठ है.  इसके बाद पूर्णिया एसपी ने एक टीम का गठन कर पटना रवाना किया था. मुकेश सिंह के आरके पुरम दानापुर स्थित उसके घर पर छापेमारी की गई थी, जिसमें 50 कारतूस भी बरामद किया गया था.

इनपुट- क्रांति कुमार

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First published: June 20, 2019, 7:02 PM IST
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