बॉर्डर के इस तरफ भाई तो दूसरी तरफ बहन, भारत-नेपाल सीमा पर कुछ ऐसे मना रक्षाबंधन
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बॉर्डर के इस तरफ भाई तो दूसरी तरफ बहन, भारत-नेपाल सीमा पर कुछ ऐसे मना रक्षाबंधन
भारत नेपाल सीमा पर भाई को राखी बांधी एक युवती

बिहार के सीमांचल इलाके में किशनगंज, अररिया और सुपौल जिलों की सीमाएं नेपाल से लगी हैं और दोनों ओर के दोनो देशों गांवों में बेटी रोटी के सम्बंध हैं.

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रिपोर्ट- राजेंद्र पाठक/आशीष सिन्हा

किशनगंज. पूरा देश आज रक्षाबंधन मना रहा है और बहनें भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सलामती की दुआ कर रही हैं. इस दौरान बिहार में नेपाल और भारत की सीमा पर काफी मार्मिक दृश्य दिखा.  यूं तो दोनों देशों के बीच बेटी-रोटी का सम्बंध है लेकिन हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच काफी तनातनी चल रही है. इस कारण राखी का भावुक दृष्य दिखा सीमा के उन गांवों में दिखा जहां बहनों और भाइयों दोनों ने बार्डर क्रॉस किये बिना ही राखी बांधी और बंधवाई. ये दोनों ओर से हुआ. कुछ बहनों ने अपनी भाई के नाम की राखी एसएसबी के जवानों को भी बांधकर घर वापसी की.

बिहार के सीमांचल इलाके में किशनगंज, अररिया और सुपौल जिलों की सीमाएं नेपाल से लगी हैं और दोनों ओर के दोनो देशों गांवों में बेटी रोटी के सम्बंध हैं. भारत-चीन विवाद के बाद भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है और ऐसे में रक्षाबंधन का त्यौहार भारत-नेपाल में आवाजाही करके मनाना असंभव था. ऐसे में भारत की कुछ बहनें जो नेपाल में और नेपाल की बेटियां जो भारत में ब्याही हुई हैं  बॉर्डर आरपार ना कर पाने की स्थिति में बॉर्डर एरिया में ही आकर दोनों दोनों देशों के अपने भाईयों को दोनो देश की बहनों ने राखी बांधने की परम्परा निभाई.



कई भाई बहनों ने रक्षाबंधन त्यौहार को सीमा पर मनाया, साथ में भाइयों के अलावे सीमा पर तैनात जवानों को भी राखी बांधकर हौसला अफजाई की. इसमें वैसी बहनें भी शामिल हैं जिनके भाई सीमा पर आकर मिल न सके. इस मौके पर बहनों ने रक्षाबंधन के उपलक्ष में अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए बोले कि हमें प्रशासन और सीमा पर तैनात जवानों के दिए गए नियमों का पालन करना चाहिए जिसमें हम सबका भलाई है, और ये लोग जो भी कानूनी प्रक्रिया कर रहे हैं सब हम लोगों की भलाई के लिए ही है.
भारत-नेपाल की बहनों ने कहा कि जो हालात चल रहे हैं वह हर समय नहीं रहेंगे. भले ही हम लोग आज आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं लेकिन एक ना एक दिन यह समय भी टल जाएगा. तब हम लोग स्वतंत्र होकर पहले जैसा ही आना जाना कर सकेंगे और राखी, भैया दूज मनाएंगे. इसी विश्वास के साथ सीमा पर दोनो देशों की भाईयों ने बहनों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया, राखी बंधाई,पांव छुए और मिठाईयां खाकर घर वापसी की।
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