पूर्णिया विधानभा: विकास के मुद्दों पर क्या भारी पड़ेगी सुशांत सिंह राजपूत की मौत?

सुशांत सिंह राजपूत बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले थे. (फाइल फोटो)
सुशांत सिंह राजपूत बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले थे. (फाइल फोटो)

इस साल जून महीने से बिहार (Bihar) का पूर्णिया (Purnia) जिला पूरे देश में चर्चा में है. फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) का मूल निवास इसी जिले के एक गांव में है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 21, 2020, 1:28 PM IST
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पूर्णिया. इस साल जून महीने से बिहार (Bihar) का पूर्णिया (Purnia) जिला पूरे देश में चर्चा में है. फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) का मूल निवास इसी जिले के एक गांव में है. सुशांत की मौत के बाद पूरे बिहार में उनको न्याय दिलाने की मांग हो रही है. इस बार बिहार चुनाव 2020 (Bihar Election 2020) में सुशांत को न्याय भी एक बड़ा मुद्दा माना जा रहा है. हालांकि सुशांत सिंह राजपूत का गांव मल्ल्डीहा पूर्णिया सदर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा नहीं है, लेकिन जिला मुख्यालय व शहरी इलाका होने के नाते इस सीट पर सुशांत की मौत मुद्दा बन सकती है.

पूर्णिया सदर से 1952 से 1977 तक कांग्रेस से कमलदेव नारायण सिन्हा विधायक रहे‌. 1977-1980 तक देवनारायण राय जनता पार्टी, 1980 से 1998 तक अजीत सरकार सीपीएम से जीते. 1998 में उनकी हत्या होने के बाद माधवी सरकार 2000 तक विधायक रहीं. 2000 से 2009 तक भाजपा से राजकिशोर केसरी चुनाव जीते. 2009 में राजकिशोर केसरी की हत्या होने के बाद किरण केसरी 2015 तक एमएलए रहीं. 2015 से 2020 तक भाजपा से विजय खेमका यहां से विधायक हैं.

इन जातियों का प्रभाव
इस सीट पर वैश्य समाज की सभी जातियां हैं. उसके बाद दूसरे नंबर मुसलमान समुदाय है। यादव और तमाम पिछड़ी जातियां भी ठीक ठाक स्थिति में हैं. आदिवासी और दलित समुदाय भी चुनाव के लिहाज से इस सीट पर फैक्टर होता है. सवर्ण और बंगाली समुदाय भी प्रतिशत भले कम हो, लेकिन मुख्य धारा की राजनीति में सदाबहार रहती है. यह इलाका 90 प्रतिशत आबादी नगर निगम क्षेत्र में है.
विकास का इंतजार


मूलभूत सुविधाएं और नागरिक अधिकार के लिहाज से जनता को अब भी विकास का इंतजार है. शहर में जल निकासी एक बड़ा मुद्दा है। नाले पर किये गये अतिक्रमण को हटाने जाने की मांग लंबे अरसे से की जाती रही है. ट्रैफिक समस्या भी है. शहर को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिए ओवर फ्लाई भी चुनावी मुद्दा बनेगा. पूर्णिया एयरपोर्ट की स्वकृति हो गई है, लेकिन अभी तक बनाया नहीं है. जो इस सीट पर एक बड़ा मुद्दा बनकर इस दफे चुनाव में देखने को मिल सकता है. पूर्णिया को उपराजधानी बनाने से लेकर पटना हाईकोर्ट का ब्रांच स्थापित करने के लिए विरोधी पार्टियों ने मुद्दा बनाने के लिए कमर कस लिया है‌.

इस क्षेत्र में वोटर्स
कुल वोटर्स- 3 लाख 6 हजार 993
पुरुष वोटर्स- 1 लाख 58 हजार 652
महिला वोटर्स- 1 लाख 43 हजार 395
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