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आतंकियों के बाद अब जाली नोट और ड्रग्स सप्लायर का सेफ जोन बना सीमांचल, अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

कॉन्सेप्ट इमेज.

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Purnia News: बिहार के पूर्णिया सहित आसपास के जिलों में हाल के दिनों में नशे का कारोबार धड़ल्ले से बढ़ा है. इस इलाके में एसएसबी की तीन बटालियन तैनात हैं जो सभी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है.

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पूर्णिया. बिहार के सीमांचल इलाके में इन दिनों सुरक्षाबलों (Security Forces) की पैनी नजर है. दरअसल ये जिला नेपाल (Nepal) और बांग्लादेश (Bangladesh) जैसे दो अंतर्राष्ट्रीय बार्डर के साथ ही पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसी राज्यों की सीमा से भी जुड़ा है, इस कारण जहां इस इलाके में कई तरह की संदिग्ध गतिविधियां होती है. फेक करेंसी और नशीले पदार्थों के तस्करी का भी यह हब और सेफ जोन बन गया है. इस इलाके से पहले भी कई आतंकी और संदिग्ध लोग पकड़े गये हैं.

ताजा घटना में मंगलवार को पूर्णिया में जहां भारी मात्रा में स्मैक पकड़ाया था वहीं विदेशी शराब और फेक करेंसी जैसी चीजें भी इस इलाके में कई बार पकड़ी गई हैं. पुलिस के साथ सीमाई ईलकों पर एसएसबी की भी चौकसी हमेशा बनी रहती है. एसएसबी के डीआईजी एसके सारंगी की मानें तो पिछले कुछ वर्षों में इस इलाके में कुछ संगठनों की संदिग्ध गतिविधि बढ़ी है. इसके अलावा नेपाल, और बंग्लादेश बार्डर से जुड़ा होने के कारण इस इलाके में नशीले पदार्थों खासकर गांजा, स्मैक और फेक करेंसी की भी तस्करी होती है.

उन्होंने कहा कि पूर्णिया और सीमांचल इन तस्करों का हब है. इस इलाके में तस्करों के लिये मुख्य रुप से तीन रुट हैं जिसमें नेपाल, मालदह और नार्थ ईस्ट के रास्ते हैं. एसएसबी के डीआईजी ने कहा कि कुछ दिन पहले एसएसबी 52 बटालियन ने अररिया जिले में एक संदिग्ध युवक परवेज आलम को कुछ करेंसी के साथ पकड़ा था फिलहाल उसकी जांच की जा रही है कि वह फेक करेंसी है या नहीं. उसका किसी तरह का टेरर फंडिंग या जम्मू काश्मीर से लिंक है कि नहीं इन बिन्दुओं पर अभी जांच चल रही है.



जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पायेगा. उन्होंने कहा कि इस इलाके में एसएसबी की तीनों बटालियन 52, 56 और 45 पूरी मुस्तैदी से सुरक्षा में जुटी हैं और हर तरह की संदिग्ध गतिविधि पर नजर बनाये हुये है. पूर्णिया पुलिस ने भी मंगलवार को सीमांचल की अबतक की स्मैक की सबसे बड़ी खेप के साथ अन्तर्राज्यीय स्मैक सरगना समेत छः तस्करों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने 80 लाख रुपये मूल्य के करीब 1550 ग्राम स्मैक भी पकड़ा है.
पूर्णिया के एसपी दयाशंकर ने कहा कि इन तस्करों केा बंगाल से कनेक्शन है. इनके अन्य लिंक की भी जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि स्मैक और नशीले पदार्थो की तस्करी को रोकने लिए एक स्पेशल टीम बनाई गयी है जिस कारण लगातार तस्कर पकड़े जा रहे हैं. 2011 में इस इलाके के जलालगढ़ के खाता हाट से इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी आफताब आलम को दिल्ली स्पेशल टीम ने पकड़ा था वहीं 2012 में नेपाल के रास्ते बिहार आ रहे अफगानी आतंकी मिर्जा खां को भी पूर्णिया जंक्शन से पकड़ा गया था.

हाल में ही कटिहार से भी पांच संदिग्ध अफगानी नागरिक को पकड़ा गया था. नेपाल के साथ खुला बार्डर होने के कारण तस्करों और आंतिकयों के लिये यह ईलाका सेफ जोन बना हुआ है, ऐसे में जरुरत है इन इलाकों में सुरक्षा एजेन्सियों की कड़ी मुस्तैदी की ताकि ऐसे संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम लगाया जा सके.
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