मेधा परीक्षा: पहले हुए पास, बाद में कर दिया फेल तो छात्रों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांगी मदद

राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) पटना के निदेशक के 4 जून के जारी आदेश में सभी शिक्षा पदाधिकारी को रिवाइज रिजल्ट प्रकाशित करने का निर्देश जारी किया गया. इसके बाद रिवाइज रिजल्ट प्रोसेस के तहत परीक्षा परिणाम घोषित किया गया जिसमें 19 छात्रों को फेल करार दे दिया गया.

News18 Bihar
Updated: July 9, 2019, 2:06 PM IST
मेधा परीक्षा: पहले हुए पास, बाद में कर दिया फेल तो छात्रों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांगी मदद
मेधा परीक्षा में पास करने के बाद 19 छात्रों को फेल किया तो मांगी PMO से मदद
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Updated: July 9, 2019, 2:06 PM IST
राष्ट्रीय आय सह मेधा छात्रवृत्ति की परीक्षा 2018 के परीक्षा परिणाम में हेरफेर करने के बाद छात्रों ने इस पर सवाल उठाए हैं. परीक्षार्थियों के चयन में घोटाले के संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिख कर मामले की जांच करवाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. दरअसल यह परीक्षा बीते साल 4 नवंबर को हुई थी जिसमें 1500 छात्रों ने भाग लिया था. मार्च 2019 में जब इसका परीक्षाफल आया तो 128 परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया गया. लेकिन समस्या तब खडी हुई जब मार्च में ही दोबारा रिजल्ट घोषित करने का आदेश जारी कर दिया गया.

19 छात्रों को फेल करार दिया
गौरतलब है कि राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद  (SCERT) पटना के निदेशक के 4 जून के जारी आदेश में सभी शिक्षा पदाधिकारी को रिवाइज रिजल्ट प्रकाशित करने का निर्देश जारी किया गया. इसके बाद रिवाइज रिजल्ट प्रोसेस के तहत परीक्षा परिणाम घोषित किया गया जिसमें 19 छात्रों को फेल करार दे दिया गया.

45 परीक्षार्थियों  को जोड़कर 154 के रिजल्ट प्रकाशित

इसके साथ ही 45 अन्य परीक्षार्थियों को जोड़कर कुल 154 परीक्षार्थियों का रिजल्ट जारी कर दिया गया. छात्रों का कहना है कि जब एक बार पास घोषित कर दिया गया और इसे प्रकाशित भी कर दिया गया, तब दोबारा रिजल्ट जारी करने और 19 छात्रों को फेल करने का कोई औचित्य नहीं है.

छात्रों ने SCERT के दोबारा रिजल्ट प्रकाशित करने के साथ ही पूरी प्रक्रिया पर ही सवाल उठाए हैं.


पीएमओ को पत्र लिखकर की जांच की मांग
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छात्रों की ओर से पीएमओ को पत्र लिखने वाले अधिवक्ता गौतम वर्मा ने इस तरह के परिणाम को अनुचित बताया है और 128 छात्रों के मनोबल को गिराने वाला करार देते हुए परीक्षा परिणामों की जांच और कार्रवाई की मांग की है. PMO को लिखे पत्र में रिजल्ट प्रकाशित करने की पूरी प्रक्रिया, इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए हैं. साथ ही परीक्षाफल में छेड़छाड़ की आशंका के बीच दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है.

छात्रों के मनोबल पर पड़ा असर
छात्रों की ओर से पीएमओ को पत्र भेजने वाले वकील गौतम वर्मा बताते हैं कि जिन 128 छात्रों को पास करके फिर फेल कर दिया गया है, उन्हें काफी दुख हुआ है. वकील के मुताबिक उतीर्ण छात्रों को मिले परीक्षाफल पर यह निर्देश भी आ चुका था कि वे अपना बैंक अकाउंट डिटेल दें. लेकिन बाद में परिणाम बदल गए और कई जरूरतमंद छात्र इस परीक्षा से मिलने वाले लाभ से वंचित रह गए.

बता दें कि राष्ट्रीय आय सह मेधा छात्रवृत्ति के तहत आठवीं से दसवीं तक के छात्रों की परीक्षा होती है और उन्हें पढ़ने के लिए सरकार एक तय राशि उपलब्ध कराती है. बहरहाल अब देखने वाली बात ये होगी कि पीएमओ इस मामले को किस तरह से संज्ञान लेता है और इसपर क्या कार्रवाई करता है.

रिपोर्ट- राजेंद्र पाठक

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First published: July 9, 2019, 1:12 PM IST
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