एक ऐसा शवदाह गृह जहां नहीं हुआ किसी का दाह संस्कार
Purnia News in Hindi

10 साल पहले 42 लाख की लागत से एक विद्युत शवदाह गृह बनाया गया था. शवदाहगृह तो बना लेकिन बिजली की कनेक्शन नहीं होने के कारण यह कभी चालू नहीं हो पाया.

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बिहार के पूर्णिया में 42 लाख की लागत से बने एक विद्युत शवदाह गृह का इन्तकाल हो गया. बताया जा रहा है कि बिजली का कनेक्शन नहीं होने के कारण 10 सालों में कभी यहां किसी का दाह संस्कार नहीं किया जा सका.

पूर्णिया शहर के कप्तान पुल के पास सौरा नदी के तट पर 10 साल पहले 42 लाख की लागत से एक विद्युत शवदाह गृह बनाया गया था. शवदाहगृह तो बना लेकिन बिजली की कनेक्शन नहीं होने के कारण यह कभी चालू नहीं हो पाया. मो0 जमशेद का कहना है कि शवदाह गृह बनाने के नाम पर लाखों रुपये खर्च हो गये लेकिन लोगों को कोई सुविधा नहीं मिली. पिछले साल आई बाढ ने इस शवदाह गृह को अपने चपेट में ले लिया. इससे अब तो यह ध्वस्त भी हो गया है.

स्थानीय अनिल कुमार सिंह का कहना है कि आजतक इस शवदाह गृह में एक भी शव का दाह संस्कार नहीं हुआ. लोग नदी किनारे लकड़ी से ही शव का अंतिम संस्कार करते हैं. इससे नदीं में प्रदूषण भी होता है. साथ ही लोगों को दाह संस्कार में लागत भी अधिक लगती है.



सदर विधायक विजय खेमका का कहना है कि जल्द ही पूर्णिया समेत बिहार के सभी नगर निगम में गोरखपुर के तर्ज पर अत्याधुनिक शवदाहगृह का निर्माण किया जाएगा. इससे कम लागत में दाह संस्कार होगा. उन्होंने कहा कि विधायक निधि से शवदाह गृह स्थल पर शेड बनाने और सौंदर्यीकरण का काम किया जायेगा.
(कुमार प्रवीण की रिपोर्ट)

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