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OMG! 18 किलो का सीताफल...15 किलो का कद्दू... क्या आपने कभी देखा है?

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18 किलो का कदिमा 15 किलो का कद्दू लेकर पहुँचा किसान सबको किया हैरान, जानें किसान

इसे तैयार होने में 5 से 6 महीने लगे और यह पौधा में छोड़ दिया गया. लेकिन इसमें लगे सूखे पत्ते को तोड़ता रहा, लेकिन इसके ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- विक्रम कुमार झा
पूर्णिया. आपने अपने घरों में सीता फल (कदिमा) और कद्दू (घीया) को जरूर देखा होगा. लेकिन क्या आपने  कभी 18 किलो का कदिमा और 15 किलो का कद्दू देखा है? किसान दीपू कुमार सिंह अपने खेती के तरीके और जैविक उर्वरक से ऐसे कई सब्जियों का उत्पादन करते हैं. इसके लिए वो काफी मशहूर हैं. किसान कहते हैं की जैविक उत्पादन से अधिकतम 23 किलो तक वजन के सब्जी का उत्पादन कर नाम कमा रहे हैं.

पूर्णिया के किसान सुरेंद्र टुडू ने कहा वह इतने वजन और इतना साइज का कदिमा या कद्दू अपने पूरे जीवन में पहली बार देखकर हैरान रह गए.उन्होंने कहा की मैं भी किसान का बेटा हूं,लेकिन आज तक 18 किलो वजन का कदिमा और 15 किलो का कद्दू नहीं देखा था. उन्होंने बिना देर किये किसान से संपर्क कर खेती करने की तरकीब को जाना.

कृषि प्रदर्शनी मेला की बढ़ी खुबसुरती, सभी हुए दंग
कटिहार जिले के मनिहारी के किसान दीपू कुमार सिंह ने न्यूज़ 18 लोकल को बताया कि उन्हें उद्यान विभाग की तरफ से प्रमंडलीय स्तरीय कृषि प्रदर्शनी मेले में जैविक उत्पादन का प्रदर्शनी में बुलाया गया. तभी किसान ने अपने जैविक उत्पादन के सब्जी 18 किलो का कदिमा और 15 किलो का कद्दू लेकर प्रदर्शनी में पहुंचा, तो उनके सब्जी को देखने किसानों की भीड़ जमा होने लगी.

तैयार होने मे लगे इतने महीने
किसान बताते हैं कदिमा का वजन 18 किलो है, लेकिन इससे बड़े-बड़े भी कदीमा इनके पास रहते हैं.जो 23 किलो तक होता है. उन्होंने कहा इसे तैयार होने में 5 से 6 महीने लगे और यह पौधा में छोड़ दिया गया. लेकिन इसमें लगे सूखे पत्ते को तोड़ता रहा, लेकिन इसके पौधों को नुकसान नहीं पहुंचाया.यह बढ़ता गया और आज ज्यादा बड़ा हो गया.साथ-साथ उन्होंने कहा कि मैं अपने जैविक तरीके से ही कई वर्षों से खेती करते आ रहा हूं.

किसान भाईयों को दी विशेष सलाह, होगाअच्छाउत्पादन
किसानों को संदेश देते हुए कहा आप अपने खेतों में रसायन खाद का प्रयोग नहीं करें. आप जैविक उर्वरक और देसीगोवर वर्मी कंपोस्ट डालकर करें. खेती जिससे आप ऐसे फसल का उत्पादन करें.आपके फसल का भी नाम हो और आपके उद्यान विभाग का भी नाम हो साथ-साथ आपका नाम है. वहीं उन्होंने कृषि वैज्ञानिक से निवेदन करते हुए कहा कि आप भी किसानों को किसी भी चीज की जानकारी समय-समय पर दें.पंचायत स्तरीय जिला स्तरीय प्रखंड स्तरीय समय-समय पर जानकारी देते रहें.

Tags: Vegetables

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