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हिन्दुस्तान के इस 'पाकिस्तान टोले' का नाम बदलना चाहते हैं लोग, जानें क्या है माजरा

News18 Bihar
Updated: October 19, 2019, 11:15 AM IST
हिन्दुस्तान के इस 'पाकिस्तान टोले' का नाम बदलना चाहते हैं लोग, जानें क्या है माजरा
पूर्णिया के श्रीनगर प्रखंड स्थित पाकिस्तान टोला का नाम लोग बदलना चाहते हैं.

ग्रामीणों के अपने नाम और गांव का परिचय देने के साथ ही पहले गांव के नाम की ही चर्चा शुरू हो जाती है. फिर बात हिंदुस्तान-पाकिस्तान की होने लगती है. इस तरह टोले पर पाकिस्तान का असर ज्यादा दिखता था काम की बातें कम होती थीं.

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पूर्णिया. श्रीनगर प्रखंड के सिंघिया पंचायत का पाकिस्तान टोला (Pakistan Tola) अपने नाम से हमेशा चर्चा में रहता है. मीडिया (Media) में मिली सुर्खियों की वजह से यह टोला यहां आने-जाने वालों के आकर्षण का भी केंद्र है. इस टोले का ये नाम होना महज इत्तफाक ही कहा जाएगा क्योंकि यहां पाकिस्तान जैसे कोई भी हालात नहीं मिलते हैं. हिंदुस्तान की सरजमीं पर मौजूद इस  'पाकिस्तान टोले' का नाम अब यहां के लोग बदलना चाहते हैं.

अब नहीं रहेगा पाकिस्तान टोला, कहिए बिरसानगर
महज आठ आदिवासी परिवारों का यह टोला पाकिस्तान के नाम पर जमाने से चलता आ रहा है. कहा जाता है कि 1971 में पूर्वी पाकिस्तान के कुछ शरणार्थी यहां भाग कर ठहरे थे इसलिए ही यह नाम चलन में आया. अब जनजाति परिवारों ने अपने टोले का नाम पाकिस्तान नहीं, बल्कि बिरसा मुंडा के नाम पर बिरसा टोला रखने की मांग कर दी हैं.

नाम बदलने की मुहिम में लगे ग्रामीण

अपनी मांग की बाबत ग्रामीणों ने सिंघिया पंचायत के सरपंच के दस्तखत के साथ एक आवेदन श्रीनगर प्रखंड के सीओ को सौंपा है, जो डीएम को संबोधित है. टोले का नाम प्रशासनिक तौर पर बिरसा टोला करने की यह मांग पाकिस्तान टोला के रहने वाले मुन्नू बेसरा, गुरु बेसरा और अशोक मुंडा वगैरह नेपहल शुरू की है. इस बात पर उन्हें सामाजिक समर्थन भी मिल रहा है.

सभी दस्तावेजों में 'पाकिस्तान टोला'
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और पेशे से वकील मुकेश प्रभाकर कहते हैं कि पाकिस्तान टोला नाम के कारण यह जगह हमेशा से मीडिया की सुर्खियों में बना रहा. आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों में भी इस जगह और यहां के लोगों की पहचान पाकिस्तान टोला निवासी के रूप में दर्ज है.
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'पाकिस्तान टोले' से परेशान ग्रामीण
यहां के आदिवासी समाज के लोगों का कहना है कि उनके टोले का नाम पाकिस्तान से जुड़े होने की वजह से बाहर जाने पर उन्हें अपने टोले का नाम बताने और फिर शादी ब्याह की चर्चा करने में झिझक और परेशानियां सामने आती हैं.

पाकिस्तान टोला का नाम बदलने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने अधिकारियों को आवेदन सौंपा है.


दरअसल ग्रामीणों के अपने नाम और गांव का परिचय देने के साथ ही पहले गांव के नाम की ही चर्चा शुरू हो जाती है. फिर बात हिंदुस्तान-पाकिस्तान की होने लगती है. इस तरह टोले पर पाकिस्तान का असर ज्यादा दिखता था काम की बातें कम होती थीं. यही वजह है कि वे अब इसका नाम बदलना चाहते हैं.

'बिरसा मुंडा टोला' चाहते हैं लोग
भगवान बिरसा आदिवासी समाज के महापुरुष हैं और इस टोले में आदिवासी परिवार के लोग ही रहते हैं. यही वजह है कि आदिवासियों ने इस 'पाकिस्तान टोले' का नाम 'बिरसामुंडा टोला' या 'बिरसा टोला' करने की मांग रखी है.

अधिकारियों ने आगे बढ़ाई मांग
पाकिस्तान टोला के लोगों की इस मांग और उससे जुड़े आवेदन को इसी हफ्ते श्रीनगर प्रखंड के सीओ नंदन कुमार ने टोलावसियों के संयुक्त हस्ताक्षर से प्राप्त करने की पुष्टि की है और कहा है कि, वे उनकी मांग और आवेदन को अगली कार्रवाई के लिए अपने सीनियर अफसरों को बढ़ा देंगे.

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First published: October 19, 2019, 10:05 AM IST
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