Home /News /bihar /

विवादों से लालू का पुराना नाता, इन 5 मौकों पर दिखी परिवार की दंबगई

विवादों से लालू का पुराना नाता, इन 5 मौकों पर दिखी परिवार की दंबगई

लालू प्रसाद ( फाइल फोटो)

लालू प्रसाद ( फाइल फोटो)

सारे नियम कानूनों को धता बता लालू प्रसाद यादव के घर पर सरकारी डॉक्टरों की तैनाती से बिहार में सियासत गरम है. पर, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. बिना टिकट ट्रेन में सफर करने से लेकर कार शो-रूम की सारी गाड़ियां शादी के लिए जबरन उठा लेने तक के आरोपों से लालू का परिवार घिरा रहा है.

अधिक पढ़ें ...
सारे नियम कानूनों को धता बता लालू प्रसाद यादव के घर पर सरकारी डॉक्टरों की तैनाती से बिहार में सियासत गरम है. पर, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है.

बिना टिकट ट्रेन में सफर करने से लेकर कार शो-रूम की सारी गाड़ियां शादी के लिए जबरन उठा लेने तक के आरोपों से लालू का परिवार घिरा रहा है. ऐसे ही कुछ चर्चित मामलों से हम आपको रू-ब-रू कराते हैं.

1.पटना के शो-रूम की गाड़ियां लालू की बेटी की शादी में (सात जून, 2002) – शुक्रवार की रात लालू और राबड़ी की दूसरी बेटी रोहिणी आचार्या की शादी एक अणे मार्ग, पटना में थी. लगभग 25 हजार बाराती इस शादी में शरीक होने आए. तय हुआ कि बारातियों को चमचमाती नई गाड़ियों से दरवाजे तक लाया जाए. फिर क्या था. लालू की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं ने मारूति और महिंद्रा के शो रूम से बिना नंबर प्लेट वाली नई गाड़ियां निकलवा ली. कहा जाता है कि इसके पीछे भी राबड़ी के दोनों भाइयों साधु यादव और सुभाष यादव का हाथ था.

2. लालू के सास-ससुर की बेटिकट यात्रा – 13 फरवरी, 2007. उस दिन यह संवाददाता भी उत्तर बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से यात्रा कर रहा था. हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर बुजुर्ग दंपति सवार हुई जिसे टीटीई के हुजूम ने फर्स्ट एसी के एक कूपे में सीट दी. गहमागहमी के बीच पता चला कि ये छपरा तक ही जाएंगे. जब अटेंडेंट से मैंने पूछा कि छपरा तक की दूरी के लिए फर्स्ट एसी का टिकट तो बनता ही नहीं है, उसका जवाब था- का बात करते हैं साहब. रेल मंत्री के सास ससुर हैं. ये ख़बर ट्रेन से ही ब्रेक हुई और देखते ही देखते मीडिया की सुर्खी बन गई. तब लालू प्रसाद यादव खुद रेल मंत्री थे और उस दिन सोनिया गांधी के साथ रेल कोच फैक्ट्री का उदघाटन करने रायबरेली गए हुए थे.

लालू के ससुर शिव प्रसाद चौधरी और सास श्रीपति देवी की बेटिकट यात्रा को लालू ने बेहद चालाकी से मैनेज किया. दरअसल मेरी उपस्थिति में ही फोन पर आए आदेश के बाद टीटीई ने खुद अपनी जेब से फाइन देकर टिकट बनाया. लालू ने उसी टीटीई को बिना किसी दबाव में काम करने के लिए अगले दिन सम्मानित कर दिया.

3. राजधानी का प्लेटफॉर्म बदलवाना (2006) – ये वाकया भी लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहते हुआ. उनके साले सुभाष यादव को गुवाहाटी राजधानी से दिल्ली तक की यात्रा करनी थी. वो पटना जंक्शन पर पहुंचे. गुवाहाटी राजधानी का टाइम रात नौ बजे के आस-पास है. गुवाहाटी राजधानी आम तौर पर प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर रूकती है. लेकिन उस दिन सुभाष यादव ने प्लेटफॉर्म नंबर एक पर राजधानी रोकने की जिद ठान ली और रेलवे को झुकना पड़ा. जब इसकी आलोचना शुरू हुई तो रेलवे ने लीपापोती करने की ठानी और एक पंक्ति का बयान जारी कर रहा कि सुभाष यादव ने जान पर खतरा बताया था, इसलिए ऐसा किया गया.

4. सरकारी एंबुलेंस की तैनाती – मामला 2016 का है. कई दिनों से एक सरकारी एंबुलेंस राबड़ी देवी के घर के सामने खड़ी थी. राबड़ी के आवास में ही लालू भी रहते हैं. दरअसल ये 108 नंबर सेवा के तहत आम जनता के लिए इस्तेमाल होने वाली एंबुलेंस थी. निजी रसूख का इस्तेमाल करते हुए इसे स्थायी तौर पर आवास पर रखने का मौखिक आदेश दिया गया. जब ई-टीवी ने प्रमुखता से ये ख़बर दिखाई तो नौ अप्रैल, 2016 को वहां से एंबुलेंस वापस बुलाई गई.

5. घर पर सरकारी डॉक्टरों की तैनाती – आठ जून, 2017 को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) पटना के चिकित्सा अधीक्षक की ओर से जारी एक चिट्ठी न्यूज18 को हाथ लगी. इसमें तीन डॉक्टरों और दो नर्सों की एक टीम की तैनाती 10, सर्कुलर रोड पटना में किए जाने का जिक्र है. ये तैनाती 28 मई को की गई और आठ जून को उन्हें वापस अस्पताल में रिपोर्ट करने को कहा गया. दरअसल इसने राजनीतिक रंग इसलिए ले लिया क्योंकि लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं और उस अस्पताल की गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन भी. ये हैरान करने वाला इसलिए भी है कि लालू के घर में किसी के बीमार होने की कोई सूचना नहीं थी और जिस दिन डॉक्टरों को वापस अस्पताल बुलाया गया उसी दिन तेज प्रताप निजी काफिले से बृंदावन रवाना हो गए.

Tags: Bihar News

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर