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नेपाल भेजे गए बाढ़ के पानी में बह कर आए 4 गैंडे, हाथियों पर चढ़कर किया गया था रेस्क्यू

Munna Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: August 23, 2017, 12:39 PM IST

बिहार, यूपी और नेपाल में भारी बारिश ने इंसानों के साथ जंगली जानवरों पर कहर बरपाया है. लगातार हुई बारिश के बाद नेपाल की नारायणी नदी की धारा में बहकर जानवरों के झुंड में 5 गैंडे भी बिहार के वाल्मीकनगर में पहुंच गये थे.

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बिहार, यूपी और नेपाल में भारी बारिश ने इंसानों के साथ जंगली जानवरों पर कहर बरपाया है. लगातार हुई बारिश के बाद नेपाल की नारायणी नदी की धारा में बहकर जानवरों के झुंड में 5 गैंडे भी बिहार के वाल्मीकनगर में पहुंच गये थे.

वाल्मीक टाइगर रिजर्व की टीम को गैंडों को पकड़ने में सफलता नहीं मिली तो नेपाल को गैंडों को पकडने के लिए बुलाया गया. तीन हाथियों के साथ चितवन पार्क के एक्सपर्ट ने बगहा शहर से गैंडों को पकड़ने का अभियान शुरु किया और काफी मशक्कत से बाद बेहोश कर पकड़ लिया.

बगहा के बाद रेस्क्यू टीम वाल्मीकिनगर के इलाके में पहुंची और एक एक कर तीन गैंडों को और पकड़ लिया. बचाव टीम ने एक शावक को भी रेसक्यू किया. हालांकि नेपाल के वन अधिकारियों ने एक गैंडे की यूपी के इलाके में मौत होने की खबर की पुष्टि की है.

क्या कहते हैं अधिकारी

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के डीएफओ अमित कुमार कहते हैं कि बिहार के इकलौते वाल्मीकि रिजर्व में गैंडे नहीं पाये जाते है.  यहां गैंडे नेपाल के चितवन नेशनल पार्क से ही आते हैं. पकड़े गये गैंडों को नेपाली अधिकारियों को सौंप दिया गया है.

उधर, नेपाल के चितवन नेशनल पार्क के सहायक वार्डेन नुरेन्द्र अर्याल ने गैंडों को पकड़ने में सहयोग के लिए वाल्मीकि टाइगर रिजर्व प्रशासन को धन्यवाद दिया है. उन्होंने कहा कि बिना सहयोग रेस्क्यू करना संभव नहीं था. जानवर एक दूसरे की सीमाओं में आते रहते है. ऐसे में बिना एक दूसरे का सहयोग कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता.

 

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First published: August 23, 2017, 12:33 PM IST
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