चौथी क्लास में सिर से उठा पिता का साया, मामा ने पढाकर बनाया अंतरिक्ष वैज्ञानिक

रोहतास का अंकित जिसका चयन बतौर अंतरिक्ष वैज्ञानिक हुआ है

रोहतास का अंकित जिसका चयन बतौर अंतरिक्ष वैज्ञानिक हुआ है

Space Scientist: अंकित जब चौथी कक्षा में पढ़ता था, तभी उसके पिता अशोक गुप्ता का और समय के निधन हो गया था. जिसके बाद अंकित को अपने मामा के घर गोरखपुर जाकर आगे की पढ़ाई करनी पड़ी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 5, 2021, 1:29 PM IST
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रोहतास. परिस्थितियां कितनी भी विकट क्यों न हो? हौसलों से मंजिल पाई जा सकती है. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है सासाराम के तकिया बाजार का 22 वर्षीय अंकित गुप्ता ने. अंकित का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद में अंतरिक्ष वैज्ञानिक के लिए हुआ है. 10 वर्ष की उम्र में सिर से पिता का साया उठ जाने के बाद अंकित आगे की पढ़ाई के लिए अपने मामा के घर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर चला गया. चौथी कक्षा से लेकर 12वीं तक उसने गोरखपुर से पढ़ाई की. फिर एक साल की तैयारी के बाद अंकित जेईई मेंस में चयनित हुआ.

त्रिवेंद्रम से की पढ़ाई

इसके उपरांत अंकित का नामांकन इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी त्रिवेंद्रम में हो गया. जहां से पढ़ाई पूरी करने के बाद अंकित का चयन 'इसरो' के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र तिरुवंतपुरम में अंतरिक्ष वैज्ञानिक के रूप में हुआ है, पिछले महीने के 24 दिसंबर को ही अंकित को इसरो से नियुक्ति प्रस्ताव मिला है. तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर अंकित है. इसरो में वैज्ञानिक के रूप में चयन होने पर परिवार के लोग काफी खुश हैं तथा अंकित के उज्जवल भविष्य की कामनाएं कर रहे हैं.

चौथी कक्षा में छूट गई थी पढाई
अंकित जब 10 साल का था, तब चौथी कक्षा में पढ़ता था. उसी दौरान पिता की सामायिक निधन के बाद उसकी पढ़ाई छूट गई थी. लेकिन अंकित की मां प्रेमलता हिम्मत नहीं हारी और अपने होनहार बेटे अंकित को आगे की पढ़ाई के लिए अपने मायके अर्थात अंकित के मामा के घर भेज दी. अंकित 12वीं तक उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में ही पढ़ाई किया. उसके बाद उसने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि के कारण इंडियन इंस्टीट्यूट आफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी त्रिवेंद्रम में उसका चयन हो गया. जहां से उसने अंतरिक्ष विज्ञान की गहन अध्ययन किया. जिस उम्र में ज्यादातर युवा शॉपिंग मॉल मॉल, मल्टीप्लेक्स और नए नए दोस्त बनाने में मशगूल रहते हैं. उस उम्र में अंकित में अंतरिक्ष मे उड़ान के सपने बुने

अपनी सफलता पर क्या कहता है अंकित?

अंकित कहते हैं कि बचपन से ही लक्ष्य के प्रति संकल्पित रहा. अपने समय का बेहतर उपयोग कर कोई भी अपनी मंजिल आसानी से पा सकता है. टाइम मैनेजमेंट से ही कम समय में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है.
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