दिनारा विधानसभा: JDU और BJP की दोस्ताना लड़ाई के लिए चर्चा में है मंत्री जय कुमार सिंह की ये सीट

मंत्री जय कुमार सिंह के साथ राजेंद्र सिंह की फाइल फोटो
मंत्री जय कुमार सिंह के साथ राजेंद्र सिंह की फाइल फोटो

Bihar Assembly Election: साल 2015 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर जीत-हार का अंतर काफी कम रहा था. जदयू के जय कुमार सिंह को 64699 मत मिले थे तो भाजपा के राजेंद्र सिंह को 62008 मत प्राप्त हुए थे. इस चुनाव में राजेंद्र सिंह मात्र 2691 मतों से पराजित हुए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 10:17 AM IST
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रोहतास. बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) को लेकर दिनारा विधानसभा सीट इस बार काफी चर्चा में है. इस सीट से बिहार सरकार के मंत्री जय कुमार सिंह विधायक (Minister Jai Kumar Singh) हैं. दिनारा रोहतास जिला का एकमात्र ऐसा विधानसभा क्षेत्र है जो बक्सर लोकसभा क्षेत्र के अधीन आता है. इस विधानसभा क्षेत्र में तीन प्रखंड दिनारा, दावथ तथा सूर्यपुरा है. राजनीति के क्षेत्र में यह इलाका काफी उर्वर रहा है. कभी रामधनी सिंह और लक्ष्मण राय का इस विधानसभा सीट पर कब्जा रहता था लेकिन 2005 के बाद जैसे ही परिसीमन बदला यहां की राजनीति ध्रुवीकरण बदल गई. राजपूत, यादव बहुल इस इलाके में अति पिछड़ों की निर्णायक भूमिका रही है.

हार के बाद भी राजेंद्र सिंह ने नहीं बदला क्षेत्र

पिछले 5 सालों से दिनारा की राजनीतिक लड़ाई जदयू और भाजपा के ही बीच ही पीस रही हैं. कारण यह है कि पिछला विधानसभा चुनाव में जदयू के जय कुमार सिंह ने भाजपा के राजेंद्र सिंह को मामूली मतों के अंतर से हराकर इस सीट पर अपना कब्जा कर लिया था लेकिन उसके बाद भी राजेंद्र सिंह नहीं माने और चुनाव हारने के पश्चात लगातार क्षेत्र में बने रहे. उधर जय कुमार सिंह चुनाव जीतकर नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में फिर से मंत्री पद हासिल कर लिये.



दो बार से जीत रहे हैं जय कुमार सिंह
रामानंद उपाध्याय को दिनारा का पहला विधायक होने का गौरव प्राप्त है लेकिन पिछले तीन दशक की बात करें तो सन 1990 के बाद चार बार रामधनी सिंह दिनारा के विधायक हुए. सन 2005 में बसपा की प्रत्याशी सीता सुंदरी से उन्हें पराजय का मुंह देखना पड़ा. सन 2010 के विधानसभा चुनाव में जय कुमार सिंह को जदयू ने दिनारा से मौका दिया. जय कुमार सिंह ने सीता सुंदरी देवी को सन 2010 के विधानसभा चुनाव में 16610 मतों से पराजित किया. उस वक्त जय कुमार सिंह को 47176 मत मिले थे. जबकि सीता सुंदरी देवी तब राजद की उम्मीदवार थी, उन्हें मात्र 30566 मतों से ही संतोष करना पड़ा था. बड़ी बात है कि सन 2010 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रही थी. ऐसे में शीला सिंह भी 10098 वोट लेकर दिनारा में तीसरे स्थान पर थीं.

2015 के चुनाव में बिहार की हॉट सीट थी दिनारा

सन 2015 के विधानसभा चुनाव में जब जदयू ने फिर से जय कुमार सिंह पर भरोसा किया तो सामने भाजपा के कद्दावर नेता राजेंद्र सिंह थे. सन 2015 के विधानसभा चुनाव में दिनारा हॉट सीट बन गया था. देशभर के दिग्गज भाजपा नेता दिनारा की धरती पर चुनाव प्रचार के लिए आए थे लेकिन जब चुनाव परिणाम आया तो वह अप्रत्याशित था. जदयू के जय कुमार सिंह को 64699 मत मिले तो भाजपा के राजेंद्र सिंह को 62008 मत प्राप्त हुए ऐसे में राजेंद्र सिंह मात्र 2691 मतों से पराजित हो गए.

बीजेपी-जेडीयू दोनों की निगाहें दिनारा पर

लगातार जीत से जय कुमार सिंह की सरकार में पकड़ बढ़ती गई. सहकारिता मंत्री से लेकर उद्योग मंत्री तक के पदों को उन्होंने सुशोभित किया. फिलहाल वो नीतीश सरकार में विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री हैं वहीं सीएम नीतीश कुमार के बेहद करीबी भी माने जाते हैं लेकिन दिनारा की राजनीति यह है कि सन 2015 के विधानसभा चुनाव में 2691 मतों से पराजित होने के बाद भी राजेंद्र सिंह लगातार क्षेत्र में बने हुए हैं. उनके समर्थकों का कहना है कि इस बार के चुनाव में NDA गठबंधन से राजेंद्र सिंह को टिकट मिलना तय है. जबकि जदयू इसे अपनी सीटिंग सीट मानती है.

आबादी और वोटर

अगर आबादी तथा मतदाता की बात करें तो दिनारा विधानसभा क्षेत्र में की कुल आबादी 533650 है जिसमें 269295 पुरुष तथा महिला की संख्या 264356 है. अगर मतदाताओं की बात की जाए तो दिनारा विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाता की संख्या 296572 है जिसमें से पुरुष मतदाता की संख्या 155784 एवं महिला मतदाताओं की संख्या 140784 है. वही थर्ड जेंडर के भी 4 लोग यहां मतदाता हैं.
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