बिहार चुनाव 2020: रोहतास में वापसी के लिए बेकरार है कांग्रेस, इन 2 सीटों पर जबरदस्त फाइट

रोहतास ही नहीं आसपास के जिलों में भी गिरीश नारायण मिश्रा की आज भी लोग प्रशंसा करते हैं. (सांकेतिक फोटो)
रोहतास ही नहीं आसपास के जिलों में भी गिरीश नारायण मिश्रा की आज भी लोग प्रशंसा करते हैं. (सांकेतिक फोटो)

कांग्रेस ने करगहर सीट अपने जिला अध्यक्ष संतोष मिश्रा (Santosh Mishra) को दी है. प्रत्याशी संतोष मिश्रा के पिता स्वर्गीय गिरीस नारायण मिश्र जगन्नाथ मिश्र मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री थे.

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रोहतास. रोहतास जिले (Rohtas District) में कांग्रेस दो सीटों पर चुनाव लड़ रही है. कांग्रेस (Congress) के प्रत्याशी करगहर विधानसभा के अलावा चेनारी सुरक्षित सीट पर भी इस बार अपना भाग्य आजमा रहे हैं. करगहर (Karghar) से जहां संतोष मिश्रा उम्मीदवार बनाए गए हैं तो चेनारी (Chenari) से मुरारी प्रसाद गौतम (Murari Prasad Gautam ) मैदान में उतरे हैं. कांग्रेस के जिला महासचिव रमेश पांडे ने बताया कि खासकर नीतीश कुमार के प्रति लोगों में बेहद नाराजगी है और विकास योजनाओं में लूट खसोट के कारण सरकार की छवि जनता में नकारात्मक हो चली है. ऐसे में रोहतास जिले में कांग्रेस दोनों सीटों पर चुनाव जीतेगी. बता दें कि चेनारी एससी- एसटी के लिए सुरक्षित विधानसभा सीट है. यहां कांग्रेस के मुरारी प्रसाद गौतम का मुकाबला जदयू के प्रत्याशी ललन पासवान (Lalan paswan) से है. वहीं, करगहर में कांग्रेस के संतोष मिश्रा की लड़ाई जदयू के वशिष्ठ सिंह से है. जिले की इन दोनों सीटों पर कांग्रेस ने इस बार पूरी ताकत लगा दी है. वह इस बार दोनों सीटों को जीतने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है.

पुराने कांग्रेसी के बेटों पर आजमाया है दाव
कांग्रेस ने करगहर सीट जिला अध्यक्ष संतोष मिश्रा को दी है. बता दें कि प्रत्याशी संतोष मिश्रा के पिता स्व. गिरीस नारायण मिश्र जगन्नाथ मिश्र मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री थे. रोहतास ही नहीं आसपास के जिलों में भी गिरीश नारायण मिश्रा की आज भी लोग प्रशंसा करते हैं. लंबे संघर्ष के बाद उनके पुत्र संतोष मिश्रा को इस बार कांग्रेस ने टिकट देकर करगहर से उतारा है. ऐसे में पुराने कांग्रेसियों में जान आ गई है. वहीं, दूसरी ओर चेनारी सीट से कांग्रेस ने पूर्व विधायक मुरारी प्रसाद गौतम को मैदान में उतारा है. मुरारी प्रसाद गौतम भी पुराने कांग्रेसी स्व. महेंद्र राम के पुत्र हैं. महेंद्र राम के निधन के बाद उपचुनाव में मुरारी विजई हुए थे. 2015 के विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस ने मुरारी गौतम को टिकट नहीं दिया था. जिसका खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ा और कांग्रेस ने चेनारी सीट गवा दी थी. लेकिन इस बार कांग्रेस अपना भूल सुधारने में लगी है तथा फिर से मुरारी प्रसाद गौतम पर भरोसा जताया है. जिले में दोनों ही युवा चेहरे पर कांग्रेस ने भरोसा जताकर इस बार पूरा दमखम लगा दिया है.

क्या कहते हैं कार्यकर्ता
कांग्रेस के कार्यकर्ता इस बार कोई भी दाव झुकना नहीं चाहते हैं. पूरे जिले के कार्यकर्ता चेनारी तथा करगहर इलाके में रात-दिन एक किए हुए हैं. जिला महासचिव रमेश पांडे कहते हैं कि इस बार दोनों ही सीट कांग्रेस जीत रही है और जिले में फिर से कांग्रेस अपने पुराने स्थिति में लौट रही है.
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