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COVID-19: क्वारंटाइन सेंटर में नहीं मिली जगह, गांव वालों को बचाने प्रवासियों ने पेड़ के नीचे ही डाला डेरा
Rohtas News in Hindi

Ajit Kumar | News18 Bihar
Updated: May 24, 2020, 7:45 AM IST
COVID-19: क्वारंटाइन सेंटर में नहीं मिली जगह, गांव वालों को बचाने प्रवासियों ने पेड़ के नीचे ही डाला डेरा
ग्रामीणों ने पेड़ के नीचे डाला डेरा.

बिहार (Bihar) में अपने गांव लौटने के बाद भी प्रवासी श्रमिकों (Workers) की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं.

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रोहतास. बिहार (Bihar) में अपने गांव लौटने के बाद भी प्रवासी श्रमिकों (Workers) की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. मामला रोहतास (Rohtas) जिला के करगहर प्रखंड अंतर्गत पानापुर का है. जहां दिल्ली, हरियाणा, सूरत आदि शहरों से पैदल साइकल तथा अन्य साधनों से अपने गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों को अब क्वॉरेंटाइन सेंटरों में जगह नहीं मिल रही है. ऐसी स्थिति में जब प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए तो लोग अब गांव के बाहर पेड़ के नीचे खुद को क्वॉरेंटाइन किए हुए हैं. इस भीषण गर्मी में गांव के घनी बस्ती से दूर एक किनारे पेड़ के नीचे यह लोग अपने आप को रखे हुए हैं.

प्रवासी मजदूरों का कहना है कि प्रदेश से लौटने के बाद जब खुद को क्वॉरेंटाइन करने के लिए प्रखंड कार्यालय गए, तो वहां कहा गया कि अब कहीं जगह नहीं है. ऐसी स्थिति में अपने गांव तथा परिवार को इस संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए यह लोग खुद को गांव से बाहर पेड़ के नीचे अपने आपको क्वॉरेंटाइन किए हुए हैं.

क्या कहते हैं प्रवासी श्रमिक?
हरियाणा से लौटे प्रवासी श्रमिक श्रीकांत कहते हैं कि परिवार को बचाने के लिए 14 दिन के बजाय खुद को 21 दिनों तक वे लोग अपनों से अलग रहेंगे. इन लोगों को घर से कोई ना कोई खाना पहुंचा देते हैं और किसी तरह यह लोग वक्त गुजार रहे हैं. पानापुर में एक जगह जहां 8 श्रमिक टिके हुए हैं. वही खरारी में भी एक दर्जन से अधिक श्रमिक खुद को गांव से बाहर खेत में क्वॉरेंटाइन किए हैं.



आंधी, वर्षा और कड़ी धूप में भी टिके हैं खेतों में


बता दे कि जैसे-जैसे मई का महीना आगे बढ़ रहा है तथा जून निकट आ रही है.वैसे-वैसे गर्मी का पारा चढ़ता जा रहा है. खेतों में तेज गर्म हवा से यह लोग परेशान हैं ही, साथ ही वर्षा तथा आंधी से भी यह लोग कम परेशान नहीं है. इतना ही नहीं, रात में विषैले जंतुओं का भी खतरा रहता है. लेकिन फिर भी अपने परिवार और समाज के लिए खुद को अपनों से दूर रहना ही यह लोग बेहतर समझ रहे हैं.

प्रवासियों को दिक्कत
करगहर के खरारी पंचायत के मुखिया अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि पंचायत के मोहनिया स्थित स्कूल को जिला प्रशासन ने प्रखंड स्तरीय क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाया है. ऐसे में उनके पंचायत के प्रवासी श्रमिकों को दिक्कत हो रही है. उधर क्वॉरेंटाइन सेंटर संचालन की पूरी जवाबदेही जिला प्रशासन के पास है. इसलिए चाह कर भी वे अपने लोगों की मदद नहीं कर पा रहे हैं.

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First published: May 24, 2020, 7:42 AM IST
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