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Women's day 2021: महिला होकर भी मधु ने पंचायत को सबसे पहले बनाया था खुले में शौच मुक्त, PM नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं सम्मानित

संझौली की उप प्रमुख डॉ. मधु उपाध्याय

संझौली की उप प्रमुख डॉ. मधु उपाध्याय

International Women's Day: बिहार के रोहतास जिले की डॉक्टर मधु उपाध्याय स्वच्छ भारत अभियान, नशा मुक्ति अभियान, दहेज उन्मूलन अभियान से भी जुड़ी हुई हैं.

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रोहतास. महिला दिवस के मौके पर हम आपको आज बता रहे हैं एक ऐसी महिला की कहानी जो कि बिहार में ओडीएफ (ODF) के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान के लिए जानी जाती हैं. रोहतास जिला (Rohtas District) के संझौली की उप प्रमुख डॉ. मधु उपाध्याय ने महिला होते हुए स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है. इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) भी वर्ष 2018 को गुजरात के गांधीनगर में स्वच्छ शक्ति सम्मेलन में उन्हें सम्मानित कर चुके हैं.

संझौली की उप प्रमुख डॉ. मधु उपाध्याय नारी सशक्तिकरण की प्रतीक हैं. उन्होंने अपने पंचायत ही नहीं अपने पूरे प्रखंड को बिहार का पहला खुले में शौच मुक्त ओडीएफ प्रखंड बनवाया. सीएम नीतीश कुमार खुद उनके पंचायत में जाकर वर्ष 2017 में उनका हौसला वर्धन किया था. उनके प्रयास से संझौली के उदयपुर को बिहार का पहला खुले में शौच मुक्त पंचायत होने का गौरव प्राप्त हुआ. जिसके बाद वर्ष 2018 के विश्व महिला दिवस के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात के उदयपुर में खुद उन्हें स्वच्छ शक्ति सम्मेलन में सम्मानित किया.

आज मधु उपाध्याय को सैकड़ों पुरस्कार मिल चुके हैं. कोरोना काल में उन्होंने 'हेलो बहन चेन' बनाकर हजारों महिलाओं को जोड़ कर संक्रमण से बचने के लिए उपाय बताएं तथा उस पर काम किया. नशा मुक्ति अभियान हो या फिर बिहार सरकार के दहेज उन्मूलन अभियान सब में डॉ. मधु उपाध्याय रोहतास जिला की आइकॉन बनकर उभरी है. वो प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी तक से सम्मानित हो चुकी हैं.



मधु कहती हैं कि वह शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ना देखना चाहती हैं. उनका कहना है कि जब नारी सशक्त होगी, तभी समाज सशक्त होगा और इसके लिए महिलाओं को स्वावलंबी होना जरूरी है. गांव में महिलाओं के आय के साधन को जागृत करने के लिए उनके नेतृत्व में 100 से अधिक स्वयं सहायता समूह संचालित है जिसकी प्रशंसा कई बार सरकारी स्तर पर भी हुई है. स्वच्छ भारत अभियान, नशा मुक्ति अभियान, दहेज उन्मूलन अभियान, जल जीवन हरियाली, स्वयं सहायता समूह, हेलो बहन चेन, बालिका शिक्षा के अलावे महा परिवर्तन आंदोलन से भी वे जुड़ी हुई हैं. नारी सशक्तिकरण की विवेचना वह खुद कविता के माध्यम से कहती हैं.
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