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पराली जलाने पर 6 किसानों के खिलाफ FIR, सरकारी मदद का भी नहीं मिलेगा लाभ

Ajit Kumar | News18 Bihar
Updated: December 1, 2019, 8:27 AM IST
पराली जलाने पर 6 किसानों के खिलाफ FIR, सरकारी मदद का भी नहीं मिलेगा लाभ
रोहतास में धान की पराली जलाते किसान

रोहतास जिले (Rohtas District) के किसानों (Farmers) के लिए काम करने वाले संगठन 'किसान महासंघ' ने जिला प्रशासन के इस कठोर कार्रवाई की निंदा की है तथा आंदोलन (Strike) की चेतावनी दी है.

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रोहतास. बिहार में रोहतास (Rohtas) का इलाका का 'धान का कटोरा' कहा जाता है. यहां धान के कटनी के बाद फसल के अवशेष को जलाने की होड़ रहती है, लेकिन इस बार खेतों में पराली जलाने पर किसानों (Farmers) पर सीधे कार्रवाई की जा रही है जिससे किसानों में हड़कंप की स्थिति है. धान के फसल अवशेष 'पराली' जलाने को लेकर रोहतास में किसानों पर एफआईआर (FIR) का सिलसिला जारी है.

कोचस थाने में हुआ केस

रोहतास जिला में अब तक 6 किसानों पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया है. शनिवार को फिर कोचस थाना में 5 किसानों के खिलाफ 'पराली' जलाने का केस दर्ज किया गया. कोचस के रामपुर तथा कपासिया के किसानों पर यह एफआईआर दर्ज की गई है. डीएम के निर्देश पर किसान सलाहकारों ने किसानों को अभियुक्त बनाया है जिसके बाद किसानों में हड़कंप की स्थिति है. पराली जलाने वाले किसानों को सभी प्रकार के अनुदान से वंचित करने के भी निर्देश दिए गए हैं.

इन 6 किसानों पर अब तक हुआ है FIR

रोहतास जिला में सबसे पहले करगहर प्रखंड के बसडीहा पंचायत के किसान मंतोष कुमार पर 'पराली' जलाने का FIR दर्ज किया गया. मंतोष पर आरोप लगाया गया कि सरकारी निर्देशों का अवहेलना करते हुए अपने खेत में बचे 23 डिसमिल जमीन की 'पराली' को आग जलाकर नष्ट किया. शनिवार को कोचस प्रखंड के रामपुर गांव के परमेश्वर कुमार, ज्योत सिंह, निरंजन पटेल तथा आलोक कुमार के अलावे कपासिया गांव के निर्मल कुमार चौधरी पर कृषि समन्वयक शैलेश सिंह ने कोचस थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाया.

किसान संगठन दे रहे 'आंदोलन की धमकी'

दूसरी ओर जिले के किसानों के लिए काम करने वाले संगठन 'किसान महासंघ' ने जिला प्रशासन के इस कठोर कार्रवाई की निंदा की है तथा आंदोलन की चेतावनी दी है. महासंघ ने कहा है कि जिला प्रशासन जब तक किसानों के लिए फसलों के अवशेष को नष्ट करने के वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करती है तब तक उन्हें F.I.R. नहीं करना चाहिए. अगर यह सिलसिला जारी रहा तो किसान सड़क पर होंगे. किसान महासभा के अध्यक्ष रामाशंकर सरकार ने कहा कि सरकार ने बिना किसी व्यवस्था के किसानों के सामने तुगलकी फरमान जारी कर दिया है जिसका किसान विरोध करते हैं. अगर जल्द से जल्द यह सिलसिला नहीं रोका गया तो जिला के किसान सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे.
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क्या कहते हैं डीएम

रोहतास के डीएम पंकज दीक्षित ने इस बाबत न्यूज़18 को बताया कि जिला के कृषि विभाग फसल अवशेष निस्तारण को लेकर किसानों को जागरुक रही है तथा इसके लिए कई स्तर पर कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं. खेतों में 'प्राराली' जलाने से एक तरह जहां खेतों की उर्वरा शक्ति समाप्त होती है वहीं दूसरी ओर पर्यावरण को भारी क्षति पहुंच रही है ऐसे में किसानों को सहयोग करना चाहिए.

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First published: December 1, 2019, 7:53 AM IST
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