सासारामः जब पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. कांति सिंह ने मंच पर गाया- ऐ मेरे वतन के लोगों...
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सासारामः जब पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. कांति सिंह ने मंच पर गाया- ऐ मेरे वतन के लोगों...
रोहतास में राजद नेत्री डॉ. कांति सिंह ने शहीद के सम्मान में गाया ऐ मेरे वतन के लोगों...

बिहार (Bihar) के रोहतास (Rohtas) जिले में अशोक चक्र विजेता शहीद ज्योति प्रकाश (Martyr Jyoti Prakash) की पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में राजद नेत्री डॉ. कांति सिंह (Dr. Kanti Singh) ने मशहूर देशभक्ति गीत ऐ मेरे वतन के लोगों... (Ai Mere Watan Ke Logon) गाया तो लोगों की आंखें नम हो गईं.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: November 18, 2019, 11:46 PM IST
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सासाराम. जिन राजनेताओं को आप हमेशा आरोप प्रत्यारोप के भाषण देते हुए सुनते आए हों, उन्हें जब मंच पर सुरीले गीत गाते सुनना काफी रोमांचक होता है. राजद की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. कांति सिंह सोमवार को रोहतास में एक शहीद के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में मंच पर 'ऐ मेरे वतन के लोगों, जरा आंख में भर लो पानी...' गाती दिखीं. पूर्व मंत्री की आवाज में यह देशभक्ति गीत सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. पूर्व केंद्रीय मंत्री खुद भी इतना भाव-विभोर हो गईं कि गाते-गाते उनका गला भी रूंध गया.

शहीद की याद में था कार्यक्रम
रोहतास जिले के काराकाट में अशोक चक्र विजेता शहीद ज्योति प्रकाश निराला की दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा हुई. इस दौरान शहीद की आदमकद प्रतिमा का अनावरण भी किया गया. जहां सभी लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी. पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ कांति सिंह की जब बारी आई, तो वह मंच से भाषण की जगह 'ऐ मेरे वतन के लोगों.... जरा आंख में भर लो पानी'..... गीत गाने लगीं. उनकी आवाज में इतना दर्द था कि मंच से लेकर आम लोगों तक की आंखें भर आईं. बाद में डॉ. कांति सिंह ने बताया कि उन्होंने कहीं पढ़ा था कि महान गायिका लता मंगेशकर के इस गीत को सुनकर कभी भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू भी रो पड़े थे. आज इसी गीत से वह शहीद को श्रद्धांजलि दे रही हैं.

2017 में शहीद हो गए थे ज्योति
दो साल पहले 18 नवंबर 2017 को काराकाट के बादिल डिह के रहने वाले तेज नारायण सिंह के पुत्र वायु सेना के गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश 'निराला' जम्मू कश्मीर में 5 आतंकवादियों को मार कर खुद शहीद हो गए थे. 2018 में राष्ट्रपति ने उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया था. शांति काल में किसी सेना के जवान को मिलने वाला यह सबसे बड़ा सम्मान है. वायुसेना के शहीद गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला के पैतृक गांव बादिल डिह में इस जवान की याद में स्थानीय युवाओं ने कार्यक्रम का आयोजन किया था. कार्यक्रम के संयोजक स्थानीय युवा रविरंजन कुमार उर्फ पप्पू यादव ने बताया कि हर साल शहीद के सम्मान में कार्यक्रम का आयोजन होता हैं. जिसमें हर दल तथा हर वर्ग के लोग आकर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. सोमवार को हुए कार्यक्रम में वायु सेना के अधिकारियों ने भी भाग लिया.



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