सरकार बिहार लौटने वाले मजदूरों को दुत्कारने की बजाय करे उनका स्वागत: BJP MP

भाजपा सांसद गोपाल नारायण सिंह

भाजपा सांसद गोपाल नारायण सिंह (Gopal Narayan Singh) ने प्रवासी श्रमिकों को लेकर टिप्पणी की है. उन्होंने कहा है कि अगर हम बिहारी श्रमिकों को सुविधाएं मुहैया नहीं करा पाए तो सरकार चलाना बेमानी है.

  • Share this:
सासाराम. भाजपा सांसद गोपाल नारायण सिंह  (BJP MP Gopal Narayan Singh)  प्रवासी ने श्रमिकों (Migrant Labour) को लेकर टिप्पणी की है. उन्होंने कहा है कि अगर हम बिहारी श्रमिकों को सुविधाएं मुहैया नहीं करा पाए तो हमारा सरकार चलाना बेमानी है. उन्होंने सासाराम में कहा कि पिछले 30 से 40 सालों में बिहार की सरकारों ने वैसा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं कर किया, जिसके बलबूते हम अपने श्रमिकों को राज्य में ही रोजगार दे सकें. ऐसी स्थिति में जो श्रमिक रोजी रोटी (Emloyment) के लिए देश के अन्य प्रांतों में गए और लॉक डाउन के इस विपत्तिकाल में वापिस लौट रहे हैं, उनका तिरस्कार नहीं होना चाहिए. वे कहते हैं कि उन्हें दुत्कारने के बजाए उनका बेहतर तरीके से स्वागत होना चाहिए.

पार्टी कार्यकर्ताओं से की अपील

उन्होंने अपने पार्टी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी अपील की है कि ऐसे प्रवासी मजदूर अगर वापिस आते हैं, तो उनका एक कदम आगे बढ़ कर स्वागत किया जाना चाहिए. हमारे श्रमिक अगर किसी हाल में अपना प्रदेश लौट रहे हैं तो उन्हें हर स्तर पर मदद मुहैया करानी चाहिए. सरकार तो अपने स्तर पर हर सम्भव मदद कर ही रही है लेकिन भाजपा के कार्यकर्ताओं को भी एक कदम आगे बढ़कर ऐसे श्रमिकों को गले लगाना चाहिए तथा अपने अपने इलाके में ही उन मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लौट रहे प्रवासी मजदूरों का स्वागत करे.

'सरकार को श्रमिकों के लिए खड़े रहने की जरूरत'

बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि समाज में इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है कि हमारे श्रमिक जो अन्य प्रांतों से आ रहे हैं, जाहिर है कि उनमें से कुछ लोग कोरोना वायरस का संक्रमण अपने साथ लेकर आएंगे. आज इस विपत्ति की घड़ी में सरकार को उन श्रमिकों के साथ खड़े रहने की जरूरत है. उन्होंने प्रवासी श्रमिकों को अपनी सरकार की जवाबदेही बताई और कहा कि यह सरकार की जिम्मेवारी है कि मजदूरों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएं. ऐसे श्रमिको को लाना, उनका इलाज कराना और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना हमारे सरकार की जिम्मवारी है और हम इससे मुंह नहीं मोड़ सकते हैं.

'बिहार सरकार को स्वीकार करनी होगी चुनौती'

उन्होंने कहा कि सरकार को बिहारी प्रवासी मजदूरों की वापसी को एक चुनौती के रूप में लेना चाहिए तथा इस श्रम संसाधन का प्रदेश में किस तरह बेहतर उपयोग हो सके, इसके लिए दूरगामी नीति बनानी चाहिए. यह समय चुनौतियों का समय है और सरकार को यह चुनौती स्वीकार करनी चाहिए ताकि जो श्रम संसाधन वर्षों पहले पलायन कर गए थे. अब वे अगर किसी भी परिस्थिति में लौट रहे हैं तो सरकार को उन्हें यहां रोजगार देने के बारे में विचार करना करना चाहिए. बिहार से बाहर पलायन कर गए श्रम शक्ति का बिहार में बेहतर उपयोग कर इसे बिहार के विकास में लगाया जाने के बारे नीतियां बनानी होंगी. यह चुनौतियों को अवसर में बदलने का समय है.

ये भी पढ़ें: बिहार के गौशाला में भूख से एक दर्जन गायों की मौत, 50 से अधिक पर मंडरा रहा खतरा

आरक्षण पर SC के फैसले पर बिहार में सियासत,दलित विधायकों ने केंद्र को भेजा पत्र