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शादी के डर से 30 साल पहले घर से भागा था इंजीनियरिंग का छात्र, लौटा तो हो गया बूढ़ा

शादी के डर से 30 साल पहले घर से भागा था इंजीनियरिंग का छात्र, लौटा तो हो गया बूढ़ा

जो सत्यप्रकाश अपने जवानी के दिनों में घर छोड़कर भाग गए थे, जब लौटे तो बूढ़े हो चले थे.

जो सत्यप्रकाश अपने जवानी के दिनों में घर छोड़कर भाग गए थे, जब लौटे तो बूढ़े हो चले थे.

बेटे की राह देखते-देखते इनकी मां भी चल बसी. लेकिन बूढ़े बाप की आंखें अपने 30 साल पहले गायब हुए बेटे को देखकर छलक जा रही है.

    सासाराम. बिहार के डेहरी से 30 साल पहले अपने पैरेंट्स से नाराज होकर घर से भागा इंजीनियरिंग का छात्र जब लौटा तो सभी की आंखें चौंधिया गईं. रोहतास (Rohtas) जिला के डेहरी का सत्यप्रकाश गुप्ता इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते थे. लेकिन माता-पिता ने जब उनकी शादी करनी चाही तो वह 1990 में ऐसे घर छोड़कर भागे कि फिर वापस नहीं लौटे.

    1990 में बिना बताए घर से भाग गया था सत्यप्रकाश
    वाकया यह है कि जब वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई की तैयारी कर रहे थे, तभी उनके माता-पिता सत्य प्रकाश की शादी करनी चाही. लेकिन सत्यप्रकाश तब शादी करना नहीं चाहते थे. पैरेंट्स के दवाब के आगे उनकी एक नहीं चली. अंततः वह घर से भाग गए. 30 साल के बाद उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित एक आश्रम में जब वे मिले तो परिजनों ने उन्हें पहचान लिया. सत्य प्रकाश को घर लाया गया. जो सत्यप्रकाश अपने जवानी के दिनों में घर छोड़कर भाग गए थे, जब लौटे तो बूढ़े हो चले थे.

    मोहल्ले के लोग भी हैं खुश
    सत्यप्रकाश के लौटने पर उनके परिवार तथा आसपास के लोग  काफी खुश हैं. मोहल्ले के गुड्डू चंद्रवंशी कहते हैं कि जैसे ही सत्यप्रकाश जी के वापस आने की खबर मिली, मोहल्ले के पुराने लोग पहुंच गए. अपने पराए बिछड़े यार मिलने आ गए. बहुत लोग तो अब पहचान भी नहीं रहे हैं. सत्यप्रकाश को लोगों ने कहा कि देर आए दुरुस्त आए.

    पढ़ाई पूरी करने के बाद करना चाहते थे शादी
    बताया जाता है कि 1964 में जन्मे सत्यप्रकाश अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद शादी करना चाहते थे. लेकिन पैरेंट्स मानने को तैयार नहीं थे. ऐसे में घर छोड़ना ही मुनासिब समझा. लोगों ने कई सालों तक इनकी राह देखी, लेकिन वह नहीं लौटे. घर में छोटे भाईयों की शादियां हो गई. उनके बच्चे बड़े हो गए.  बच्चों ने तो सत्यप्रकाश को देखा भी नहीं था. लेकिन जब सत्यप्रकाश लौटे तो बच्चे भी खुश हैं कि उनके बड़े पापा लौट आए हैं.

    इंतजार में मां ने भी तोड़ दिया दम
    बेटे की राह देखते-देखते इनकी मां भी चल बसी. लेकिन बूढ़े बाप की आंखें अपने 30 साल पहले गायब हुए बेटे को देखकर छलक जा रही है. बुजुर्ग पिता कहते हैं कि उसके बेटे ने उन्हें जिंदगी भर का घाव दे दिया था.महज शादी के लिए कहने पर उसका बेटा घर छोड़कर ऐसा गया था कि कभी नहीं लौटा. लेकिन आज जब लौटा तो दिल बाग-बाग हो गया.

    वाराणसी के आश्रम में मिले सत्य प्रकाश
    आशा छोड़ चुके परिजनों को अचानक वाराणसी के एक आश्रम से खबर आई कि डिहरी का सत्यप्रकाश उनके आश्रम में है. खबर मिलते ही परिजन जब वहां पहुंचे तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था. लेकिन जो सत्यप्रकाश जवानी में घर छोड़कर गए लेकिन जब मिले तो बूढ़े हो चुके थे. घर के बच्चे कहते हैं कि उन्होंने सुना था कि उनके बड़े पापा भी हैं. लेकिन आज देखा तो मन खुश हो गया.

    जवानी में भागे, लौटे तो हो गए बूढ़े
    सत्यप्रकाश जब घर छोड़कर गए थे तो उनकी उम्र 26 साल थी. वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई की तैयारी कर रहे थे. 1980 में हाई स्कूल डिहरी से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की थी. उन्होंने एनसीसी भी ज्वाइन किया था. सत्यप्रकाश इंजीनियर बनना चाहते थे. इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी शुरू कर दी थी. लेकिन माता-पिता चाह रहे थे कि अपने बड़े बेटे का समय से शादी कर दे. यही बात सत्यप्रकाश को खटक गई और एक रात बिना बताए घर से ऐसे निकले कि ढूंढ पाना भी मुश्किल हो गया. तीन दशक बाद जब वह वापस लौटे तो वह बूढ़ा हो चले थे.

    लोग कहते हैं कि सत्यप्रकाश पढ़ाई में अव्वल और कुशाग्र बुद्धि के थे. लेकिन उनके एक फैसले ने उनके जीवन को तबाह कर दिया. खैर जो भी हो, उनके लौटाने से परिजन काफी खुश हैं.

    (रिपोर्ट- अजीत कुमार)

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    Tags: Bihar News

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