बगैर सैंपल लिए ही महिला को बता दिया कोरोना पॉजिटिव, एंबुलेंस लेकर गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
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बगैर सैंपल लिए ही महिला को बता दिया कोरोना पॉजिटिव, एंबुलेंस लेकर गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
रोहतास की वो महिला जिसे बगैर जांच के ही कोरोना पॉजिटिव करार दे दिया गया

पूरा मामला रोहतास जिला से जुड़ा है. संझौली की 50 वर्षीय सूर्यमुखी देवी ने बताया कि उसके पुत्र ने उन्हें सूचना दी कि स्वास्थ्य विभाग की टीम आई हुई है. उनका कहना है कि सूर्यमुखी देवी कोरोना पॉजिटिव हैं जिसे सुनकर उनके होश उड़ गए.

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रोहतास. बिहार में जहां एक तरफ कोरोना (Corona Pandemic) की स्थिति भयावह होती दिख रही है तो वहीं दूसरी तरफ सासाराम से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की एक बड़ी खबर सामने आई है. रोहतास जिला के संझौली में एक महिला का बिना जांच किए ही उसका रिपोर्ट पॉजिटिव (Corona Positive) दिखाया गया. इसके बाद महिला के परिवार में हड़कंप मच गया. बताया जाता है संझौली के कमलेश शर्मा की 50 वर्षीय पत्नी सूर्यमुखी देवी के नाम से एक रिपोर्ट जारी कर दी गई जिसमें उसे पॉजिटिव बताया गया.

आइसोलेशन में भेजने की थी तैयारी

मामले का खुलासा तब हुआ जब संझौली से स्वास्थ्य विभाग की टीम तथा स्थानीय प्रशासन उसके मोहल्ले को कंटेनमेंट जोन बनाने तथा सूर्यमुखी देवी को लेने के लिए पहुंच गए ताकि उसे आइसोलेशन पर भेजा जाए. तब महिला ने कहा कि उसने कहीं जांच कराने गई ही नहीं, तो फिर किस परिस्थिति में उसका रिपोर्ट पॉजिटिव आ गया. यह खुलासा होते हैं स्वास्थ विभाग की नींद उड़ गई. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संझौली के प्रभारी ने बताया कि कंप्यूटर ऑपरेटर की गलती से ये हुआ है, इसे सुधार कर लिया गया है. बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर रोहतास जिला में लगातार लापरवाही की खबरें आ रही हैं.



क्या कहती है पीड़ित महिला?
संझौली की 50 वर्षीय सूर्यमुखी देवी ने बताया कि उसके पुत्र ने उन्हें सूचना दी कि स्वास्थ्य विभाग की टीम आई हुई है. उनका कहना है कि सूर्यमुखी देवी कोरोना पॉजिटिव हैं जिसे सुनकर उनके होश उड़ गए. उन्होंने बताया कि उन्होंने जब कोरोना का कोई जांच ही नहीं कराया, तो रिपोर्ट पॉजिटिव या निगेटिव कहा से आ गया. लोगों का आरोप है कि बिना किसी आधार कार्ड या परिचय पत्र के ही सिर्फ नाम लिखकर लोगों का कोरोना का सैंपल कलेक्शन किया जा रहा है. जिसमें कई लोग अपना गलत नाम बताकर या फिर दूसरे किसी संदिग्ध के नाम पर अपना टेस्ट करवा रहे हैं. संभवत इसी गोरखधंधे के चक्कर में यह खुलासा हुआ.

क्या कहते हैं संझौली के पीएचसी प्रभारी?

संझौली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि कहीं ना कहीं कंप्यूटर ऑपरेटर से गलती हुई है या फिर नाम लिखने वाले क्लर्क की गलती है क्योंकि जब संझौली के उस इलाके में कोरोना के संक्रमित मरीज मिलने लगे तो सूर्यमुखी देवी को भी सैंपल कलेक्शन के लिए बुलाया गया था लेकिन उस दिन सूर्यमुखी देवी नहीं पहुंची. जिससे गलतफहमी हो गई. फिलहाल उसे सुधार लिया गया है. संझौली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई गड़बड़ी ने स्वास्थ्य महकमा के लापरवाही की पोल खोल कर रख दी है मामले को सिविल सर्जन ने भी गंभीरता से लिया है. आगे से इस तरह की लापरवाही ना हो इसके लिए कभी निर्देश दिए गए हैं.
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