क्वारेंटाइन सेंटर से लौटे शख्स की मौत, कोरोना के भय से ग्रामीणों ने शव को गांव से निकाला
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क्वारेंटाइन सेंटर से लौटे शख्स की मौत, कोरोना के भय से ग्रामीणों ने शव को गांव से निकाला
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर उसे सदर अस्पताल लाया. जहां कोरोना जांच के लिए उसका सैंपल लिया गया.

करगहर के प्रखंड विकास पदाधिकारी मो. असलम ने बताया कि जैसे ही युवक की मौत की सूचना मिली. उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी. कोरोना के सेम्पल कलेक्शन किया गया है. जो भी सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग का गाइडलाइन है, उसके तहत काम किया जा रहा है.

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सासाराम. कोरोना वायरस (Coronavirus) का भय मानवता को भी नुकसान पहुंचाने लगा है. क्वॉरेंटाइन सेंटर से लौटे युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने परिजनों पर दबाव डालकर शव को गांव से बाहर निकलवा दिया. मामला रोहतास (Rohtas) जिला के करगहर थाना अंतर्गत शुकुलपुरा गांव का है. सरकार द्वारा करगहर के अमवलिया में एक निजी विद्यालय सेंट मैरी स्कूल के क्वॉरेंटाइन सेंटर में सुभाष को रखा गया था लेकिन पीलिया रोग से ग्रसित सुभाष की जब तबियत बिगड़ने लगी तो चार दिन पहले परिजन उसे इलाज के लिए सेंटर से बाहर ले गए जिसके बाद शनिवार को जिसकी मौत हो गई.

पीलिया रोग से ग्रसित था श्रमिक सुभाष पासवान

बताया जाता है कि सुभाष पासवान की उम्र 19 वर्ष थी. वो बेंगलुरू में मजदूरी करता था. पिछले कई महीनों से वह पीलिया रोग से ग्रसित था. उसका इलाज बेंगलुरु में भी हो रहा था लेकिन इसी बीच लॉकडाउन में लापरवाही बरती गई जिस कारण उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. किसी तरह सुभाष अपने चचेरे बड़े भाई के साथ बेंगलुरु से अपने गांव करगहर के सुकुलपुरा लौट गया और गांव में बनाए गए क्वॉरेंटाइन सेंटर में रहने लगा लेकिन एक सप्ताह के बाद ही उसकी तबीयत और बिगड़ने लगी. जिसके बाद परिजनों ने क्वॉरेंटाइन सेंटर से ले जाकर उसका इलाज कराया.



ग्रामीणों ने शव को गांव से निकलवाया



मृतक सुभाष दलित परिवार से है. जैसे ही गांव में उसकी मृत्यु की खबर फैली. गांव में लोग सतर्क हो गए. लोग उसके पास जाने से कतराने लगे. कुछ लोगों ने दबाव बनाया कि जितना जल्द हो गांव से मृतक का शव हटाया जाए. परिजनों को जब कुछ समझ में नहीं आया तो शव को एक ऑटो में लादकर इसी तरह गांव से बाहर लाया तथा सड़क किनारे रख दिया. इसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई. मृतक सुभाष पासवान की मां का कहना है कि वे अपने बेटे के शव को गांव में ले जाकर पूरे विधि विधान से अंतिम संस्कार करना चाह रही हैं. लेकिन गांव के कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं.

शव का किया जा रहा है कोरोना सैंपल कलेक्शन

बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर उसे सदर अस्पताल लाया. जहां कोरोना जांच के लिए उसका सैंपल लिया गया. बता दे कि कोना सैंपल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मृतक के बारे में कुछ कहा जा सकता है.

क्या कहते हैं करगहर के BDO मोहम्मद असलम?

करगहर के प्रखंड विकास पदाधिकारी मो. असलम ने बताया कि जैसे ही युवक की मौत की सूचना मिली उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी. कोरोना का सैम्पल कलेक्शन किया गया है. जो भी सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग का गाइडलाइन है, उसके तहत काम किया जा रहा है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही विशेष कुछ कहा जा सकता है.

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First published: May 31, 2020, 1:51 PM IST
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