लॉकडाउन में भूख से तड़प रहे बंदरों ने मचाया उत्पात तो भोजन लेकर पहुंचे SDM और SSP
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लॉकडाउन में भूख से तड़प रहे बंदरों ने मचाया उत्पात तो भोजन लेकर पहुंचे SDM और SSP
रोहतास के भालुनी भवानी मंदिर के बंदरों को भोजन करवाते हुए ग्रामीण.

लॉकडाउन (Lockdown) के बीच बिहार के रोहतास जिले में स्थित एक मंदिर परिसर में रहने वाले भूखे बंदरों को भोजन कराने का ग्रामीणों ने लिया निर्णय. इस काम में जिला प्रशासन भी कर रहा सहयोग.

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रोहतास. लॉकडाउन (Lockdown) में इंसान तो इंसान जानवर भी कम परेशान नहीं है. रोहतास जिला के दिनारा प्रखंड अंतर्गत भलुनी भवानी मंदिर (Bhaluni Bhawani Temple in Rohtas district) के आसपास सैकड़ों बंदरों का बसेरा होता है. इन दिनों मंदिर बंद हो जाने से इन बंदरों के सामने भुखमरी की समस्या आ गई है, जिसके कारण बंदरों का आचार-व्यवहार बदल गया है. ये लोग आसपास के गांव में जाकर उत्पात मचा रहे हैं. दरअसल पहले जो भी भक्त आते, वे मंदिर में पूजा अर्चना के बाद यहां के बंदरों को भोजन कराते थे, लेकिन मंदिर बंद हो जाने के कारण इन बंदरों को भोजन कराने वाला कोई नहीं है.

बंदरों के सामने आई इस विकट समस्या के बाद आसपास के ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि अब प्रतिदिन बंदरों के लिए भी भोजन की व्यवस्था की जाएगी. आसपास के 4 गांव के लोग अब लॉकडाउन में इन बंदरों को खाना खिला रहे हैं. बंदरों को भोजन कराने के लिए गांव में लोग राशन इकट्ठा कर रहे हैं. इसके अलावा पका हुआ खाना भी लाकर बंदरों को खिलाया जा रहा है ताकि बंदर भूखे ना रहें. इस काम में SDM और SSP के अलावा प्रशासन से जुड़े अन्य अधिकारी, मंदिर के पुजारी तथा कार्यकर्ता भी मदद कर रहे हैं.

SDM तथा DSP ने बंदरों को कराया भोजन



भलुनी भवानी मंदिरके बंदरों की हालत देख प्रशासनिक अधिकारी भी अब अपने स्तर से बंदरों के भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं. विक्रमगंज के एसडीएम विजयंतकांत तथा डीएसपी राज कुमार ने भी दिनारा पहुंचकर इन बंदरों को खाना खिलाया. उन्होंने अपने स्तर से भी स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि बंदरों को खाना खिलाने में ग्रामीणों की मदद की जाए. स्थानीय लोग कहते हैं कि इस लॉकडाउन में जहां गरीब, असहाय लोगों के भोजन की व्यवस्था मुश्किल से होती है, वही इन सैकड़ों बंदरों के लिए भी भोजन का व्यवस्था करना कठिन हो गया है.
बंदरों के व्यवहार में आया परिवर्तन

मंदिर प्रांगण में अर्से से रह रहे इन बंदरों को लोगों से बड़ा लगाव रहा है. आम दिनों में यहां तक कि बच्चे भी इन बंदरों के साथ उछल-कूद करते रहते हैं. हमेशा लोगों के साथ रहने के कारण इन बंदरों में भी मानवीय गुण आ चुका है. परंतु लॉकडाउन के कारण समुचित भोजन नहीं मिलने से बंदर उत्पाती हो गए हैं तथा आए दिन आस-पास के गांव में जाकर उत्पात मचाते रहते हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों से ग्रामीणों द्वारा जब भोजन की व्यवस्था की जा रही है तो इन बंदरों के व्यवहार में कुछ शांति आई है.

क्या कहते हैं पुजारी

भलुनी भवानी मंदिर के मुख्य पुजारी हरेंद्र नंद शास्त्री कहते हैं कि यह मंदिर सालों भर धन-धान्य तथा अन्न से भरा हुआ रहता है. यहां भक्तों का सालों भर तांता लगा रहता है. खासकर चैत महीने में यहां विशेष मेले का आयोजन होता रहा है. लेकिन लॉक डाउन के बाद सदियों की यह परंपरा टूटी है.

मंदिरों में ताला लगा दिया गया है तथा आम भक्तों के दर्शन रोक दिया गया है.जिस कारण यहां कोई भी पूजा करने नहीं आते. ऐसी परंपरा रही है कि यहां जो भी भक्त देवी की आराधना करने आते हैं उसके बाद वह बंदरों को अवश्य भोजन कराते हैं. लेकिन लॉकडाउन में किसी भक्त के नहीं आने के कारण इन बंदरों के सामने भोजन की समस्या आ गई है.

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