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रोहतास में दर्ज हुआ तीन तलाक का पहला मामला, प्रताड़ना का केस नहीं उठाने पर पत्नी को दिया तलाक

News18 Bihar
Updated: September 23, 2019, 3:38 PM IST
रोहतास में दर्ज हुआ तीन तलाक का पहला मामला, प्रताड़ना का केस नहीं उठाने पर पत्नी को दिया तलाक
निकाह के कुछ दिनों बाद ही दहेज (Dowry) में डेढ़ लाख रुपये और एक मोटरसाइकिल के लिए पूरा ससुराल पक्ष जहांआरा खातून को प्रताड़ित करने लगा.

निकाह के कुछ दिनों बाद ही दहेज (Dowry) में डेढ़ लाख रुपये और एक मोटरसाइकिल के लिए पूरा ससुराल पक्ष जहांआरा खातून को प्रताड़ित करने लगा.

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  • Last Updated: September 23, 2019, 3:38 PM IST
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सासाराम. देश में तीन तलाक (Triple Talaq) कानून बनने के बाद बिहार के रोहतास (Rohtas) जिले में तीन तलाक का पहला मामला सामने आया है. महिला ने जब पति पर दहेज प्रताड़ना (Dowry Harassment) का केस किया तो नाराज पति ने पत्नी को मौखिक रूप से तीन तलाक दे दिया.

दहेज के लिए कर रहा था प्रताड़ित
जानकारी के मुताबिक, 16 जनवरी 2017 को सासाराम के लश्करी गंज की जहांआरा खातून के पिता नाजिर हुसैन ने पाई-पाई जोड़ कर अपनी बेटी की निकाह पड़ोस के कैमूर जिला के भभुआ के नवाबी मोहल्ला वार्ड-23 के मो. अकलीम शेख से किया था. लेकिन निकाह के कुछ दिनों बाद ही दहेज में डेढ़ लाख रुपये और एक मोटरसाइकिल के लिए पूरा ससुराल पक्ष जहांआरा खातून को प्रताड़ित करने लगा.

प्रताड़ना का केस वापस लेने का बनाया दबाव, मौखिक रूप से दिया तीन तलाक

दहेज देने में असमर्थ होने पर 20 मार्च 2017 को जहांआरा खातून को ससुराल से निकाल दिया गया. लोगों ने सामाजिक स्तर पर मामले को सुलझाने की कोशिश की लेकिन सारी कोशिशें बेकार रही. बाद में तंग आकर पीड़ित लड़की ने सासाराम के एसडीजेएम कोर्ट में दहेज प्रताड़ना का कोर्ट परिवाद दायर कर दिया. अब जहांआरा के पति मो. अकलिम शेख पर पुलिसिया दबाव बढ़ी, तो वह अपनी पत्नी से प्रताड़ना का केस वापस लेने का दबाव बनाने लगा. 18 सितंबर 2019 को मो. अकलीम शेख अपनी पत्नी जहांआरा के मायके वाले घर सासाराम के लशकरीगंज-बाड़ा आया तथा केस उठाने के लिए दबाव डालने लगा. लेकिन जब जहांआरा नहीं मानी, तो उसने वहीं पर मौखिक रूप से तीन तलाक देकर चलते बना.

जहांआरा खातून ने बताया कि अब उसे इंसाफ चाहिए सरकार ने जब तीन तलाक को गैरकानूनी घोषित कर दिया है तो ऐसे में उसके पति उन्हें महज तीन बार तलाक बोलकर अपनी जिंदगी से कैसे बेदखल कर सकते हैं. वहीं जहांआरा की मां नौशीन बीबी कहती है कि उसकी बेटी को न्याय चाहिए. पिता नाजिर मामूली मजदूरी-कारीगरी कर अपने परिवार का बोझ नहीं उठा सकते हैं.

जहांआरा का प्रताड़ना का केस देख रहे वकील विनोद कुमार का कहना है कि भारत सरकार ने तीन तलाक को गैरकानूनी घोषित कर दिया है. ऐसे में मामले में तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए. आरोप है कि पीड़ित महिला सासाराम नगर थाने में तीन तलाक से संबंधित शिकायत दर्ज कराने पहुंची थी लेकिन उसका केस नहीं लिया गया. ऐसे में पीड़ित महिला ने रजिस्ट्री डाक से रोहतास एसपी को आवेदन भेजा है.
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तीन तलाक कानून 19 सितंबर 2018 से माना जाएगा लागू
हाल ही में, लोकसभा और राज्यसभा से पास होने के बाद तीन तलाक बिल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी दे दी. राष्ट्रपति से मिली मंजूरी के बाद तीन तलाक कानून बन गया. यह कानून 19 सितंबर 2018 से लागू माना जाएगा. इस बिल को 25 जुलाई को लोकसभा में और 30 जुलाई को राज्यसभा में पास करवाया था. बिल के कानून बनने के बाद ये तय हो गया है कि 19 सितंबर 2018 के बाद जितने भी तीन तलाक के मामले सामने आए हैं, उन सभी का निपटारा इसी कानून के तहत किया जाएगा.

(रिपोर्ट- अजीत)

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First published: September 22, 2019, 11:38 PM IST
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