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Google की मदद से SP को किया फोन तो जिस्म की मंडी में बिकने से बचीं छत्तीसगढ़ की लड़कियां
Raipur News in Hindi

Ajeet Kumar | News18 Bihar
Updated: January 5, 2020, 2:06 PM IST
Google की मदद से SP को किया फोन तो जिस्म की मंडी में बिकने से बचीं छत्तीसगढ़ की लड़कियां
रोहतास से मुक्त कराई गई लड़कियां

दिनारा थाना के सब-इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि लड़कियों को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल लाया गया जहां महिला चिकित्सक ने उनके स्वास्थ्य का जांच की है. सभी औपचारिकता के बाद मुक्त कराई गई लड़कियों को उनके घर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है.

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रोहतास. बिहार की रोहतास पुलिस (Rohtas Police) ने छत्तीसगढ़ (Chhatishgarh) की तीन लड़कियों को मुक्त कराया है. तीनों लड़कियों को उनके साथी ने ही 60-60 हज़ार में बेच दिया था और तीनों पर देह व्यापार का दबाव बनाया जा रहा था. पिछले 15 दिनों से रोहतास जिला के दिनारा थाना अंतर्गत करंज गांव के एक खंडहरनुमा मकान में तीनों युवतियों को बंधक (Hostage) बनाकर रखा गया था. इन तीनों युवती को छत्तीसगढ़ के विलासपुर जिला के अलग-अलग गांव से लाकर यहां रखा गया था.

गुगल से नंबर निकाल पुलिस को मिलाया फोन

रोहतास के एसपी सत्यवीर सिंह को फोन कर युवती ने मदद मांगी और कहा कि वो अपनी दो सहेलियों के साथ पिछले 15 दिनों से एक मकान में बंद है. उसे मकान से नहीं निकलने दिया जा रहा है और ना कहीं आने दिया जाने दिया जा रहा है. पीड़िता ने बताया कि वो रोहतास जिला के किस गांव में है उसे यह भी पता नहीं है. उसने अपने मोबाइल से इंटरनेट पर लोकेशन के आधार पर जो भी समझ में आया पुलिस को बताई और पुलिस ने उसी आधार पर लोकेशन ट्रैक किया तथा लड़कियों के ठिकाने का पता लगा लिया.

दोस्त ने ही बेचा

एक पखवारा पूर्व छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला की तीन लड़कियों को उन्हीं के जान-पहचान का रामबाबू नामक युवक आर्केस्ट्रा में काम दिलाने के नाम पर रोहतास के दिनारा लाया और कहा कि यहां उनको लगातार काम मिलेगा लेकिन जब वो यहां आई तो उन तीनों लड़कियों को एक कमरे में बंद कर दिया गया. बाद में पता चला की जिस रामबाबू नामक युवक पर भरोसा कर वह यहां आई है उसने उन तीनों लड़कियों के नाम पर 60-60 हज़ार रुपये ले लिए हैं तथा उन्हें जब्बार खान नामक आर्केस्ट्रा संचालक के हाथों बेच कर चला गया है. यह जानकारी मिलते ही लड़कियों के होश उड़ गए.

पुलिस का 100 नंबर भी नहीं आया काम

लड़कियों ने बताया कि वो अपने मोबाइल से लगातार 100 नंबर डायल कर पुलिस से मदद चाह रही थीं लेकिन नंबर नहीं लग रहा था. बाद में गूगल से सर्च कर पुलिस अधीक्षक का नंबर मिला. जब उस नंबर पर फोन किया गया तब जाकर उसे तुरंत मदद मिली. बंधक लड़कियों का मोबाइल का लोकेशन ट्रैक किया गया तथा उसके आधार पर दिनारा थाना के करंज गांव के एक मकान में छापेमारी कर उन तीनों लड़कियों को मुक्त करा लिया गया.तीनों लड़कियों का कराया गया मेडिकल जांच

पुलिस की छापामारी में मिली तीन लड़कियों को सदर अस्पताल लाकर उसकी स्वास्थ्य जांच की गई. दिनारा थाना के सब-इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि लड़कियों को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल लाया गया जहां महिला चिकित्सक ने उनके स्वास्थ्य का जांच की है. सभी औपचारिकता के बाद मुक्त कराई गई लड़कियों को उनके घर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है.

आर्केस्ट्रा संचालक गिरफ्तार

जिस मकान में लड़कियों को छिपाकर रखा गया था, उस मकान के मालिक तथा आर्केस्ट्रा संचालक जब्बार खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. उससे पूछताछ की जा रही है. पूछताछ के आधार पर लड़कियों को बेचने वाला रामबाबू तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. पुलिस ये जांच में भी लगी है कि जिला में इस तरह का कोई रैकेट तो नहीं चल रहा, जो ऑर्केस्ट्रा और नाच- पार्टी के नाम पर अन्य प्रांतों से लड़कियों को लाकर खरीद-फरोख्त की जा रही हो.

देह व्यापार के लिए बनाया जा रहा था दबाव

मुक्त कराई गई लड़कियों में एक ने बताया कि आर्केस्ट्रा संचालक जब्बार खान जबरन देह व्यापार के लिए दबाव बना रहा था. उसने कई बार खुद शारीरिक संबंध बनाने की भी कोशिश की लेकिन समय पर पुलिस की मदद मिलने से नर्क में जाने से ये लड़कियां बच गईं.

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First published: January 5, 2020, 1:59 PM IST
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