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लॉकडाउन में शादी करने अकेले पहुंचा दूल्हा, सात फेरे के बाद बुलेट से ले गया दुल्हनिया

शादी करने के बाद बुलेट से दुल्हन को ले जाते हुए दूल्हा मनोज

औरंगाबाद (Aurangabad) के बारुण के रहने वाले मनोज का डेहरी के वार्ड नंबर- 27 की रहने वाली मानवी से पिछले 4 सालों से प्रेम संबंध था.

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सासाराम. कोरोना वायरस (Corona virus) के चलते पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) घोषित है. ऐसे में लोगों के घर से निकलने पर प्रतिबंध लगा हुआ है. केवल जरूरी काम से ही कोई बाहर जा सकता  है. इसके बाद भी प्रेमी युगलों को प्यार के बंधन में बंधने से कोई नहीं रोक सका. दिलचस्प वाकया रोहतास (Rohtas) के डेहरी का है, जहां एक दूल्हे राजा अपनी दुल्हनिया को लेने बुलेट से पहुंच गया. वह शादी करने के बाद बुलेट से ही दुल्हनिया को साथ ले गया. अब दूल्हे राजा की शादी की इलाके में खूब चर्चा हो रही है. लोग इस प्रेमी युगल की शादी और विदाई को अद्भुत मानते हैं.

मनोज और मानवी 4 सालों से थे प्रेम में
औरंगाबाद के बारुण के रहने वाले मनोज का डेहरी के वार्ड नंबर- 27 की रहने वाली मानवी से पिछले 4 सालों से प्रेम संबंध था. प्रेम परवान चढ़ा तो दोनों एक दूसरे से विवाह बंधन में बंधने की सोची. लेकिन दोनों के परिवार राजी नहीं हो रहे थे. कई सालों के मान मनोबल के बाद आखिरकार दोनों परिवार मान गए. दोनों परिवार के राजी होने के बाद 25 अप्रैल को विवाह का दिन तय हुआ. शादी के कार्ड भी छप गए. रिश्तेदारों, सगे संबंधी और मित्रों को न्योता भी भेज दी गई. लेकिन इसी बीच लॉकडाउन ने मानो इन प्रेमी युगल के अरमान पर पानी फेर दिया. लेकिन यह प्यार है, जो इतनी आसानी से झुकता कहां है. समस्त वैवाहिक कार्यक्रम स्थगित होने लगे. लेकिन यह प्रेमी जोड़ा रुकने वाला कहा था.

दूल्हा बुलेट से पहुंचा शादी करने
दूल्हा राजा शादी के दिन अपनी बुलेट बाइक से अकेले ही शादी करने अपनी दुल्हनिया के यहां पहुंच गया. लोगों को आश्चर्य हुआ कि लॉकडाउन में  जहां सब कुछ बंद है ऐसे में यह शादी कैसे हो सकती है. लेकिन चंद परिवार के लोगों के बीच सादे रस्मो- रिवाज के बीच शादी सम्पन्न हुई. फिर अपनी दुल्हनिया को बुलेट के पीछे बैठा कर दूल्हे राजा फुर्र हो गए. लॉकडाउन में हुए इस बुलेट वाली शादी की आसपास के इलाके में चर्चा है.

खुश है दुल्हन मानवी की मां
मानवी के पिता ललन चौधरी का पहले ही निधन हो चुका है. उनकी मां नीलम देवी बड़ी मुश्किल से अपनी बेटी को पाल पोस कर बड़ा किया है. वह उसे ऐसे हाथ में सौंपना चाहती थी जो उनकी बेटी का ख्याल रख सके. शादी की तिथि तय होने के बाद जब लॉकडाउन हो गया तो मानो दुल्हन की मां नीलम देवी पर पहाड़ टूट पड़ा. एक बिना पिता की पुत्री की शादी और वह भी तिथि निर्धारित होने के बाद लॉकडाउन ने पूरे परिवार को तनाव में डाल दिया. लेकिन बाद में जिस तरह से दूल्हा मनोज ने बिना किसी तामझाम के आकर शादी की रस्म निभाई तथा उनकी बेटी को बुलेट से ही विदा कर ले गया, उससे मां नीलम देवी काफी खुश हैं.

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