डिहरी विधानसभा: क्या राजद के गढ़ में जीत का सिलसिला बरकरार रख पाएगी BJP ?

बिहार की डिहरी सीट से विधायक और उनके प्रतिद्वंदी की तस्वीर
बिहार की डिहरी सीट से विधायक और उनके प्रतिद्वंदी की तस्वीर

Bihar Assembly Seat: डिहरी की पहचान 'रोहतास उद्योग समूह' और बिहार के पेरिस के रूप में होती है. बिहार पुलिस के शाहाबाद रेंज का मुख्यालय भी डिहरी में ही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 27, 2020, 7:34 AM IST
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रोहतास. बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Election) की तारीखों का ऐलान हो चुका है और अगले दो महीनों में सरकार का गठन हो जाना है. ऐसे में चुनावी दौर में आज हम बिहार की डिहरी सीट की करेंगे. पहले चरण में ही 28 अक्टूबर को डिहरी विधानसभा (Dehri Assembly Seat) भी मतदान है. रोहतास जिला के डिहरी विधानसभा क्षेत्र को एक समय बिहार का 'पेरिस' कहा जाता था लेकिन आज ये अपनी दुर्दशा पर जार जार रो रहा है. कभी बिहार का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र कहा जाने वाला डालमियानगर का 'रोहतास उद्योग समूह' देश- विदेश के उद्योगपतियों को अपनी खींचता था लेकिन आज इस क्षेत्र में वीरानी छाई हुई है. राजनीतिक उदासीनता के कारण यह इलाका धीरे-धीरे पिछड़ता चला गया.

6 बार विधायक रह चुके हैं इलियास हुसैन

सन 1952 में पहले विधानसभा चुनाव में प्रसिद्ध समाजवादी नेता बसावन सिंह यहां के पहले विधायक चुने गए थे. उसके बाद अब्दुल कयूम अंसारी, खालिद अनवर जैसे नेता इस इलाके का प्रतिनिधित्व किया. लेकिन सन 1980 में मोहम्मद इलियास हुसैन जब जेएनपी (सेकुलर) से चुनाव मैदान में आए और कांग्रेस के खालिद अनवर को 5366 मतों से पराजित किया. इसके बाद 6 बार मो. इलियास हुसैन को डिहरी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला. डिहरी सीट पर सन 1980 के अलावे 1990, 1995 सन 2000, 2005 के फरवरी महीने में हुए विधानसभा चुनाव तथा फिर सन 2015 के विधानसभा चुनाव में जीतकर इस सीट पर कब्जा जमाए रखा.



2005 में प्रदीप जोशी ने जीत हासिल कर बनाई पहचान
अक्टूबर, 2005 में स्थानीय स्तर पर हिंदूवादी छवि लिए एक युवा नेता प्रदीप जोशी का उदय हुआ. सन 2005 के अक्टूबर में हुए विधानसभा के चुनाव में प्रदीप जोशी ने राजद के मो. इलियास हुसैन को 43277 मतों से हराकर कीर्तिमान स्थापित किया. निर्दलीय प्रदीप जोशी को सन 2005 के अक्टूबर में हुए विधानसभा के चुनाव में 70558 मत मिले थे. वही मो. इलियास हुसैन को 27281 मत प्राप्त हुआ था.  प्रदीप जोशी निर्दलीय चुनाव लड़े थे लेकिन सन 2010 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी पत्नी ज्योति रश्मि जोशी को मैदान में उतार दिया. इस बार भी राजद ने मोहम्मद इलियास हुसैन पर ही दाव खेला लेकिन ज्योति रश्मि जोशी ने फिर से मोहम्मद इलियास हुसैन को 9819 मतों से पराजित कर दिया. सन 2015 के विधानसभा चुनाव में राजद के मोहम्मद इलियास हुसैन ने रालोसपा प्रत्याशी रिंकू सोनी को 3898 मतों से पराजित किया था. इसी बीच लालू यादव की सरकार में निर्माण मंत्री रहे मोहम्मद इलियास हुसैन को अलकतरा घोटाले में सजा हो जाने के कारण उनकी विधायक की सदस्यता निरस्त कर दी गई. जिसको लेकर सीट खाली होने पर 2019 के लोकसभा चुनाव के साथ डेहरी विधानसभा का उपचुनाव भी हुआ. जिसमें राजद ने मो. इलियास हुसैन के पुत्र फिरोज हुसैन पर दांव खेला लेकिन भाजपा ने भी औरंगाबाद के ओबरा से विधायक रह चुके सत्यनारायण यादव को टिकट दे दिया. सत्य नारायण यादव ने इस बार डिहरी सीट जीत कर इसे पहली बार भाजपा के खाते में डाल दिया. इसके साथ ही भाजपा डिहरी में पहली बार अपना खाता खोल सका.

वोटर्स

अगर आंकड़ों की बात करें तो डेहरी विधानसभा क्षेत्र की कुल आबादी 531974 है. जिसमें 268449 पुरुष तथा 263524 महिला है. वहीं अगर मतदाताओं की बात करें तो विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 289344 है. जिसमें पुरुष मतदाता की संख्या 150568 है. तथा महिला मतदाताओं की संख्या भी 138770 है. वही थर्ड जेंडर के भी 6 मतदाता हैं.

8 जिलों को पानी देता है जिला

राष्ट्रीय राजमार्ग-2 तथा 119 से सीधा जुड़ा होने के बावजूद इस इलाके का विकास अवरुद्ध है. इतना ही नहीं डेहरी विधानसभा क्षेत्र का पूर्वी भाग सोन नदी से घिरा हुआ है. पूरी तरह से प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा हुआ यह इलाका इंद्रपुरी के सोन बराज के लिए भी जाना जाता है. इस विधानसभा क्षेत्र से निकलने वाली 'सोन नहर प्रणाली' बिहार के 8 जिलों को सिंचित करती है. लेकिन फिर भी यह इलाका विकास से बाधित है. शाहाबाद क्षेत्र के पुलिस मुख्यालय होने के बावजूद यहां अपराध भी कम नहीं है.

हरेक साल देता है अरबों का राजस्व

पत्थर तथा सोन नदी से बालू उत्खनन से यह इलाका सरकार को अरबों रुपए का राजस्व उपलब्ध कराता है. लेकिन फिर भी यह इलाका धीरे-धीरे पिछड़ता चला गया. राजनीतिक उदासीनता के कारण सन 1919 में स्थापित रोहतास उद्योग समूह सन 1984 आते आते हैं पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो गई. डालमियानगर का उद्योग पूरी तरह से सिमटकर रह गया.

28 को ही होनी है वोटिंग

इस बार के विधानसभा चुनाव में यह इलाका जबर्दस्त चर्चा में है. अपना टिकट कटते देख मोहम्मद इलियास हुसैन के पुत्र तथा राजद के प्रदेश महासचिव फिरोज हुसैन ने पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है जिसके बाद इस सीट पर राजनीति गर्म हो गई है. बता दें कि पहले चरण में ही 28 अक्टूबर को डिहरी विधानसभा का भी मतदान है. देखना है की डिहरी का ऊंट किस करवट बैठती है.
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