'माउंटेन मैन रिटर्न्स': कुदाल और फावड़े से काटा पहाड़ फिर बना डाली दो किलोमीटर लंबी सड़क

ग्रामीण शशि रंजन सिंह, उपेंद्र सिंह कहते हैं कि उन लोगों ने जब दशरथ मांझी की कहानी सुनी तो प्रेरणा जागी कि जब एक दशरथ मांझी अकेले पहाड़ काट सकता है तो हमलोग तो दर्जनों युवाओं की टीम है तो हमलोग ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं

News18 Bihar
Updated: August 13, 2019, 4:49 PM IST
'माउंटेन मैन रिटर्न्स': कुदाल और फावड़े से काटा पहाड़ फिर बना डाली दो किलोमीटर लंबी सड़क
रोहतास में पहाड़ काटकर सड़क बनाते युवक
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Updated: August 13, 2019, 4:49 PM IST
कहते हैं कि अगर इंसान में हौसला हो तो वो पहाड़ का भी सीना चीर के रख दे. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है बिहार के कुछ युवाओं ने. रोहतास जिला के तिलौथू के युवाओं ने गया के दशरथ मांझी से प्रेरणा लेकर न सिर्फ पहाड़ को काटा बल्कि 2 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़क बना डाली. हाथों में कुदाल और फावड़ा लिए ये युवा नई कहानी लिख रहे हैं.

दुर्गम था मंदिर का रास्ता

रोहतास में तिलौथू के पास कैमूर पहाड़ी पर सदियों से पूजा जाने वाला 'तुतुला भवानी' मंदिर है, जहां पहुंचने का रास्ता काफी दुर्गम था. तीन पहाड़ी नदियों को पार करने के बाद जंगली रास्तों से लोग वहां पहुंच पाते थे. इस दौरान हादसे भी होते थे लेकिन यहां की युवाओं ने जब गया के माउंटेन मैन यानि दशरथ मांझी की कहानियां सुनीं तो इन लोगों में भी हौसला आया.

हादसों से लिया प्रण और माउंटेन मैन को किया याद

'तुतला भवानी' मंदिर दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ लगातार हो रहे हादसों से सबक लेकर युवाओं ने प्रण लिया कि वो लोग भी दशरथ मांझी की तरह पहाड़ को काट देंगे. प्रेरणा लेकर गांव के युवाओं ने हाथ से हाथ बढ़ाया और पहाड़ के किनारे को काट-काट कर दो किलोमीटर लंबी पथरीली सड़क हाथों से बना डाला.

बिना मशीन के काटा पहाड़

ग्रामीण शशि रंजन सिंह, उपेंद्र सिंह कहते हैं कि उन लोगों ने जब दशरथ मांझी की कहानी सुनी तो प्रेरणा जागी कि जब एक दशरथ मांझी अकेले पहाड़ काट सकता है तो हमलोग तो दर्जनों युवाओं की टीम है तो हमलोग ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं. वन विभाग के लोगों को जब पता चला तो इन लोगों ने इस पर थोड़ी देर के लिए रोक लगवा दी. शर्त थी कि कोई भी मशीन का उपयोग नहीं करना है.
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माउंटेन मैन
बिहार के सासाराम में पहाड़ काटकर सड़क बनाते युवक


चार किलोमीटर घट गई दूरी

युवाओं ने ऐसा ही किया और अपने हाथों से ही पत्थर तोड़-तोड़ कर रास्ता बना दिया. आज तुतला भवानी मंदिर जाने के लिए लोगों को लगभग साढ़े तीन से चार किलोमीटर जंगली रास्ते का कम सफर तय करना होता है. तुतला भवानी के सुंदर झरने तथा मंदिर का दर्शन अब आसान हो चला है. यहां के युवा कहते हैं कि उन लोगों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से आशा छोड़ दी और अपने हौसलों की बदौलत पहाड़ काटकर सड़क बना लिया.

डीएम ने दिलाया भरोसा

जब जिलाधिकारी इस मंदिर में दर्शन करने को आए तो मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने की बात भी कही थी. समाजसेवी संतोष सिंह कहते हैं कि कुछ दिन पहले जिलाधिकारी यहां आए थे तो भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में इस रास्ते को और सुगम बनाया जाएगा. तिलौथू के युवाओं ने अपनी जीवटता का परिचय देते हुए ऐसा कुछ कर दिया जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी.

रिपोर्ट- अजीत कुमार
First published: August 13, 2019, 10:52 AM IST
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