पैतृक गांव पहुंचा शहीद थानेदार का शव, तिरंगे में लिपटे बेटे को देख रो पड़े गांव के लोग

शहीद थानाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह के गांव में मातम पसरा हुआ है. सहरसा के सरोजा गांव के हर शख्‍स की आंखे नम हैं. हर व्‍यक्‍ति इस शहीद बेटे पर गौरवान्वित भी महसूस कर रहा है.

News18 Bihar
Updated: October 14, 2018, 11:31 AM IST
पैतृक गांव पहुंचा शहीद थानेदार का शव, तिरंगे में लिपटे बेटे को देख रो पड़े गांव के लोग
शहीद के शव को सलामी देते पुलिस अधिकारी
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Updated: October 14, 2018, 11:31 AM IST
बिहार के खगड़िया में अपराधियों के साथ हुई मुठभेड़ की घटना में शहीद हुए सब-इंस्पेक्टर आशीष कुमार सिंह का पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक गांव सहरसा जिले के सरोजा पहुंचा है. गांव के सपूत और शहीद के शव को देखने के लिए ग्रामीणों का जनसैलाब उमड़ पड़ा. हर कोई शहीद का शव देखकर रो रहा है.

कुछ देर में उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन किया जाएगा. सुबह से ही शहीद के परिजन अपने बेटे के अन्तिम संस्कार की तैयारी में जुटे हुए हैं. पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अन्तिम संस्कार किया जाएगा. राज्य सरकार की तरफ से मंत्री दिनेश चंद्र यादव भी अन्तिम दर्शन करने सरोजा गांव पहुंचे हैं.

शहीद थानाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह के गांव में मातम पसरा हुआ है. सहरसा के सरोजा गांव के हर शख्‍स की आंखे नम हैं. हर व्‍यक्‍ति इस शहीद बेटे पर गौरवान्वित भी महसूस कर रहा है.

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शहीद थानाध्यक्ष के परिवार में एक पुत्र-पुत्री और कैंसर पीड़ित मां हैं, जिसके इलाज के लिए अक्सर शहीद थानाध्यक्ष मुम्बई ले जाया करते थे. पिता गोपाल सिंह के सबसे छोटे बेटे शहीद थानाध्यक्ष के घर पर दुख व्‍यक्‍त करने लोगों का आना जारी है. पूरे गांंव मे मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. लोगों की आंखें उन्हें याद करके बार-बार नम हो जा रही हैं.

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गौरतलब है कि बिहार के खुख्यात गैंगेस्टर दिनेश मुनि के साथ मुठभेड़ में खगड़िया के थानाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह बदमाशों की अंधाधुंध फायरिंग के चपेट में आकर शहीद हो गए थे. जिबकी एक पुलिस कर्मी गोली लगने से गंभीर रूप से जख्मी हो गया था. इस घटना के बाद से ही पूरे प्रशासनिक महकमें में शोक की लहर दौड़ गई थी.
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रिपोर्ट- कुमार अनुभव
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