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VIDEO : शहीद दारोगा की पत्नी के विलाप को देख अधिकारियों समेत सबकी अाँखें हुईं नम

News18 Bihar
Updated: October 15, 2018, 11:15 AM IST

वरिष्ठ अधिकारियों के सामने उनके विलाप से माहौल गमगीन हो गया. हर किसी की आंखों में आंसू थे. सविता बार-बार कह रही थी, ऊ चले गए, मुझे भी गोली मारिए.. मैं भी शहीद हो जाऊंगी.

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नवगछिया के सलारपुरा दियारा में अपराधियों के साथ मुठभेड़ में शहीद दारोगा आशीष कुमार सिंह का अंतिम संस्कार रविवार को सहरसा के उनके गांव सरोजा में राजकीय सम्मान के साथ कर दिया गया. इससे पहले पसराहा में जब उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए आया तो आशीष की पत्नी सविता बदहवास हो गईं. वरिष्ठ अधिकारियों के सामने उनके विलाप से माहौल गमगीन हो गया. हर किसी की आंखों में आंसू थे. सविता बार-बार कह रही थी, ऊ चले गए, मुझे भी गोली मारिए.. मैं भी शहीद हो जाऊंगी.

आशीष के परिवार में पत्नी, माता - पिता और दो बच्चे हैं. छह साल के बेटे शौर्य ने पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी. तीन साल की बेटी को तो पता भी नहीं था कि उसके पिता के साथ क्या हुआ है.

पत्नी सविता हाऊस वाइफ हैं. जैसे ही खगड़िया की एसपी मीनू कुमारी सविता के पास पहुंची, वो बिलख बिलख कर रोने लगी. कई लोग उसे सांत्वना दे रहे थे. खींच रहे थे. लेकिन वो बार-बार कह रही थी.. बहुत नौकरी के प्रति ईमानदार थे वे.. एक छुट्टी नहीं देते थे. छुट्टी से बुला लेते थे. बच्चा का बर्थ डे हो या कुछ हो, कोई चीज हो. कभी छुट्टी नहीं मिली. हमको गोली मारिए. ऊ शहीद हुए तो हम भी शहीद होंगे. हमको गोली मारिए.

आशीष के ससुर को शिकायत थी कि दुर्गम इलाके में पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें रात को धावा बोलने के लिए क्यों कहा. शंभू सिंह ने दावा किया कि बार-बार आशीष को रात में कम फोर्स के साथ छापेमारी के लिए कहा जाता था.

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First published: October 14, 2018, 6:23 PM IST
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