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Delhi Fire: सात बेटों को गंवाने वाले गांव के लोग बोले- 'फैक्ट्री मालिक ने कहा- सब ठीक है, फिर मोबाइल ऑफ कर लिया'

News18 Bihar
Updated: December 9, 2019, 11:23 AM IST
Delhi Fire: सात बेटों को गंवाने वाले गांव के लोग बोले- 'फैक्ट्री मालिक ने कहा- सब ठीक है, फिर मोबाइल ऑफ कर लिया'
दिल्ली अग्निकांड

दिल्ली अग्निकांड (Delhi Fire Accident) के बाद सहरसा (Saharsa) के नारियार गांव के ग्रामीण सिकंदर खान ने बताया कि सीजन ऑफ होने की वजह से कुछ लोग वहां से आ गए थे. दस-बारह लोग अभी वहां रुके हुए थे जिनमें से सात लोगों की मौत की खबर शाम में मिली है.

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रिपोर्ट- कुमार अनुभव

सहरसा. दिल्ली के फिलिमिस्तान इलाके के अग्निकांड (Delhi Fire Accident) में बिहार के तीस मजदूर मारे गए हैं. मृतकों में अकेले सहरसा (Saharsa) जिले के सात मजदूर शामिल हैं. सदर थाना क्षेत्र के नरियार गांव में रहने वाले इन सातों लोगों के मरने की खबर आ रही है लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. पीड़ित परिजनों और ग्रामीण सिकंदर खान के मुताबिक दिल्ली में हुए हादसे में गांव के सात लोगों की मौत हुई है.

जैकेट की फैक्ट्री में काम करते थे मृतक

मृतकों में नरियार गांव के ही मोहम्मद राशिद, मोहम्मद संजर, मोहम्मद फैसल, मोहम्मद संजीम, मोहम्मद अफजल, मोहम्मद फरीद,और मोहम्मद ग्यास हैं. दरअसल नरियार गांव के ही मोहम्मद जुबैर ने फिल्मिस्तान इलाके में जैकेट की फैक्ट्री खोल रखी थी. इसकी वजह से गांव के ज्यादातर लोगों को ये उस फैक्ट्री में काम पर लगाए हुए था. रविवार को जैसे ही फैक्ट्री में आग लगने की खबर गांव वालों को लगी तो यहां कोहराम मच गया.

फोन नहीं लगा तो दिल्ली निकल पड़े परिजन

गांव के लोगों ने इस घटना के बाद अपने रिश्तेदारों और बच्चों से फोन पर संपर्क करना चाहा लेकिन किसी से किसी को बात नहीं हो पाई. यहां तक की फैक्ट्री मालिक जुबैर से भी ग्रामीणों का संपर्क नहीं हो पाया. फैक्ट्री मालिक जुबेर के नरियार स्थित घर में भी ग्रामीणों को किसी से मुलाकात नहीं हो पाई  लिहाजा कई पीड़ित परिजन गांव से दिल्ली को निकल पड़े. रात के वक़्त ग्रामीणों को सात लोगों के मौत की खबर मिली.

दिल्ली अग्निकांड, सहरसा के मजदूरों की मौत
दिल्ली अग्निकांड के बाद बिहार के सहरसा स्थित गांव में पसरा सन्नाटा
ग्यास ने बिल्डिंग से कूदकर बचाई जान

मृतक ग्यास की नानी रशीदा ने बताया कि मेरे घर के दो बच्चे मुबारक और ग्यास उस जैकेट फैक्ट्री में काम करते थे. आग की चपेट में आने के बाद मेरा एक बच्चा मुबारक खिड़की से कूद पड़ा जिसमे उसका पैर फ्रेक्चर हो गया है जिसका इलाज वहां चल रहा है जबकि एक बच्चे ग्यास की जान चली गई और अब वो इस दुनिया में नहीं है. मृतक फैसल की माँ का कल शाम बेटे से बाते हुई थी. उसने कहा था टिकट बना हुआ है लेकिन जुबैर भाई (फैक्ट्री मालिक )आने नहीं दे रहा है.

सात बजे मिली आग लगने की खबर

मृतक फैसल के मामा सोहेल ने कहा कि फैसल की मौत हो गयी है. फैसल पांच-छह महीने से जैकेट फैक्ट्री में काम करता था. हादसे के एक अन्य मृतक संजीमुद्दीन की भांजी मुसरत जहां ने बताया कि मेरे मामा जैकेट फैक्ट्री में कटिंग मास्टर थे लेकिन वो अब इस दुनिया में नहीं रहे. आठ-दस सालों से उस फैक्ट्री में वो काम करते थे. सुबह सात बजे फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली. इसके बाद फैक्ट्री मालिक पहले बोला कि सब ठीक है लेकिन उसके बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया. अभी सूचना मिली की मामा अब नहीं रहे.

नारियार गांव का ही है फैक्ट्री मालिक

ग्रामीण सिकंदर खान ने बताया कि सात लोगों की मौत की खबर मिली है जिनमें सभी नरियार के ही थे. मेरे गांव का ही फैक्ट्री मालिक है जो दिल्ली में फैक्ट्री चलाता है. इसी वजह से गांव के बहुत सारे लोग उस फैक्ट्री में काम करते हैं लेकिन सीजन ऑफ होने की वजह से कुछ लोग वहां से आ गए थे. दस-बारह लोग अभी वहां रुके हुए थे जिनमें से सात लोगों की मौत की खबर शाम में मिली है. फिलवक्त पीड़ित परिजनों के घर मातम का माहौल है.

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First published: December 9, 2019, 11:10 AM IST
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