सहरसा में खनन विभाग का घोटाला: एक ही लाइसेंस पर धड़ल्ले से चल रहे दो-दो ईंट उद्योग

बिहार के सहरसा का ईंट उद्योग

बिहार के सहरसा का ईंट उद्योग

बिहार में ईंट उद्योग लगाने के लिए खनन विभाग के अलावा वन और पर्यावरण विभाग से भी आदेश-लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है. सहरसा से जुड़े इस मामले में विभाग की तरफ से सफाई दी गई है.

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सहरसा. बिहार के सहरसा में खनन विभाग (Mining) की गड़बड़ी सामने आई है. सदर अनुमंडल क्षेत्र के सौर बाजार प्रखंड अंतर्गत भादा गांव में खनन विभाग की मिली भगत से अवैध रूप से ईंट भट्ठा (Brick Factory) संचालित हो रहा है, वो भी एक ही लाइसेंस पर दो-दो ईंट भट्ठे. इससे सरकारी राजस्व का नुकसान तो हो ही रहा है वहीं पर्यावरण के लिये भी सही नहीं है.

खनन विभाग से सना ब्रिक्स के नाम से ईंट भट्ठा का लाइसेंस लेने वाले फारूक आजम की मानें तो खनन पदाधिकारी और उप निदेशक की मिली भगत से ईंट भट्ठा चल रहा है. इकी जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गई जिसके बाद एक साल पूर्व अवैध लाइसेंस पर चल रहे सना ब्रीक्स को बंद करने का निर्देश दिया गया लेकिन अब तक इसे बंद नही किया गया है. फारूख की मानें तो अभी भी जिले में कई ईंट भट्ठे अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं, जिससे सरकारी राजस्व का नुकसान भी हो रहा है.

इस बाबत जिला खनन पदाधिकारी सुनील चौधरी ने कहा कि गलत तरीके से सीटीओ बनाकर ईंट भट्ठा संचालित किया गया है जिसकी जांच होने पर गलत पाया गया. इसके बाद प्रदूषण विभाग ने अवैध रूप से चल रहे ईंट भट्ठे का सीटीओ रद्द करने का आदेश दिया है. इस पर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने जिले भर में अवैध रूप से चल रहे ईंट भट्ठो पर जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई करने की बात कही.

रिपोर्ट- कुमार अनुभव सिंह
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