समस्तीपुर : तीन दिन पहले प्रेमिका के भाई ने फोन कर बुलाया, आज मिली लापता युवक की लाश

तीन दिन से लापता मिथिलेश (फाइल फोटो) की लाश गुरुवार को मिली.

तीन दिन से लापता मिथिलेश (फाइल फोटो) की लाश गुरुवार को मिली.

मारे गए शख्स की पहचान मिथिलेश कुमार के रूप में की गई है. बताया जाता है कि मिथिलेश 7 जून को लापता हो गए थे. परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट 9 जून को हसनपुर थाने में दर्ज कराई थी.

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समस्तीपुर. बिहार के समस्तीपुर से तीन दिन पहले लापता हुए युवक का शव आज गुरुवार को मिला है. इस मामले में परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है. मारे गए शख्स की पहचान मिथिलेश कुमार के रूप में की गई है. बताया जाता है कि मिथिलेश 7 जून को लापता हो गए थे. परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट 9 जून को हसनपुर थाने में दर्ज कराई थी.

तीन दिन पहले लापता हो गए थे मिथिलेश

यह मामला रोसरा अनुमंडल के हसनपुर थाना इलाके का है. यहां धोबौलिया गांव स्थित अपने घर से मिथिलेश उर्फ लालू प्रसाद तीन दिन पहले यानी 7 जून को गायब हो गए थे. मिथिलेश के लापता होने के बाद उनके पिता चंद्रशेखर राम और उनके परिजन लगातार तलाश करते रहे. दो दिन की खोजबीन के बाद भी जब मिथिलेश का कुछ पता नहीं चला तो उन्होंने 9 जून को हसनपुर थाने में मिथिलेश की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस इस मामले की तहकीकात कर ही रही थी कि गुरुवार को मिथिलेश के घर से तकरीबन सौ मीटर दूर गांव के लोगों ने विद्यालय के पीछ नहर के किनारे एक शव पड़ा देखा. ग्रामीणों ने इसकी सूचना हसनपुर थाने को दी. इस बीच मिथिलेश के परिजन भी मौके पर पहुंच चुके थे. उन्होंने शव की शिनाख्त मिथिलेश के रूप में की. परिजनों का आरोप है कि मिथिलेश की प्रेमिका के परिजनों ने यह हत्या की है.

प्रेम प्रसंग में हत्या का संदेह
मिथिलेश के भाई ने कहा कि गांव के मुखिया कारी साह की बेटी से मिथिलेश का प्रेम प्रसंग चल रहा था. 7 जून को लड़की के भाई ने फोन करके मिथिलेश को बुलाया था. उसके बाद से ही मिथिलेश लापता था. परिजनों ने आशंका व्यक्त की है कि प्रेम प्रसंग की वजह से युवक की हत्या कर शव को नहर के किनारे फेंक दिया गया है. हसनपुर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

आक्रोशित ग्रामीणों ने कर दिया सड़क जाम

हालांकि मिथिलेश का शव मिलने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने हसनपुर-सखवा सड़क को जाम कर घंटों बवाल काटा. आक्रोशित ग्रामीण लगातार पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे. सूचना पाकर पहुंची स्थानीय पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर सड़क जाम खत्म कराया.

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