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Delhi Fire: ताबूत में बंद 11 नौजवानों का शव देख रो पड़ा पूरा गांव

Rajneesh Kumar | News18 Bihar
Updated: December 11, 2019, 9:37 AM IST
Delhi Fire: ताबूत में बंद 11 नौजवानों का शव देख रो पड़ा पूरा गांव
दिल्ली में हुए हादसे में मारे गए बिहारी मजदूरों के शव को लेने पहुंचे परिजन

दिल्ली के फिल्मीस्तान (Delhi Fire Accident) इलाके में रविवार को फैक्ट्री (Factory) में लगी आग में 45 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई लोग जख्मी हो गए थे. मरने वालों में अधिकांश मजदूर बिहार (Bihar) के ही थे.

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समस्तीपुर/पटना. रविवार की सुबह दिल्ली के फिल्मीस्तान इलाके (Delhi Fire Accident) में लगी आग में बिहार (Bihar) के कई मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी. इस अग्निकांड से सबसे ज्यादा बिहार का समस्तीपुर (Samastipur) जिला प्रभावित हुआ है. यहां के 13 लोगों की इस दर्दनाक हादसे में मौत हुई है. घटना के बाद समस्तीपुर के सिंघिया गांव के हरिपुर में नौजवानों का शव जैसे ही पहुंचा पूरे इलाके में कोहराम मच गया और लोग रो पड़े. हर आंखें नम हो गयी. दिल्ली के फिल्मिस्तान बैग फैक्ट्री के अग्निकांड में मारे गए 11 नौजवानों का शव जैसे ही एम्बुलेंस से पहुंचा, गांव वाले अंतिम दर्शन के लिए एम्बुलेंस के साथ दौड़ने लगे.

ताबूत पर लगे नाम ढूंढ रहे थे लोग

ठंड की रात में 12 बजने के बावजूद भी गांव के बूढ़े, बच्चे नौजवान और महिलाओं की भारी भीड़ जुट गई और ताबूत में बंद शव में अपनों का नाम ढूंढने लगे. कोई बेटे को ढूंढ रहा था तो कोई पति तो कोई पिता को. महिलाएं लगातार फफक-फफक कर रोती जा रही थी. ताबूत की कतार देख गांव के नौजवानों का गुस्सा भी आसमान पर था और हर कोई सरकार को कोस रहा था. हादसे के बाद दिल्ली से गांव पहुंचे कई नौजवानों ने तो दिल्ली जाने से भी अब तौबा कर लिया.

दिल्ली जाने से डरने लगे हैं गांव के युवा

ग्रामीण तबरेज ने कहा कि दिल्ली से डर लगता है जैसे भी हो गांव में ही रोटी की तलाश कर लेंगे. गुड्डू, साजिद, वाजिद, अकबर, अताउल, सदरे आलम समेत इस गांव के 11 नौजवान गरीबी की वजह से दिल्ली के फिल्मिस्तान स्थित बैग फैक्ट्री में कुछ साल और कुछ महीने पहले ही काम पकड़े थे लेकिन लापरवाही की ऐसी भेंट चढ़ गए जिसे ताउम्र गांव वाले और परिवारवाले नहीं भुला पाएंगे.

दिल्ली आग हादसा, दिल्ली के फैक्ट्री में लगी आग
बिहार के समस्तीपुर पहुंचा दिल्ली हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों का शव


किसी ने गंवाया बेटा तो किसी ने इकलौता भाईइस हादसे ने हर किसी को तबाह कर दिया. इसी हरिपुर गांव का मोहम्मद गुड्डू जो पिता की मौत के बाद ही 21 वर्ष की उम्र में परिवार की जिम्मेदारी संभालने दिल्ली चला गया था और परिवार का सहारा बना था. इस हादसे में जहां नौजवान गुड्डू नहीं रहा वहीं छोटा भाई भी घायल होकर अस्पताल में जिंदगी मौत से जूझ रहा है. घर मे विधवा मां सदमे में है तो दोनों दिव्यांग बहनें तमन्ना और तबस्सुम टूट गई हैं. गुड्डू ही घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था. उसने घर के लोगों से वादा किया था कि इस बार मार्च में आऊंगा तो अपनी बहन की शादी करा दूंगा लेकिन वक्त को ये मंजूर नहीं था. पहले से गरीबी से जूझ रहे इस परिवार का अब गुड्डू के मरने के बाद मानो सबकुछ लूट गया और परिजनों को ताउम्र गम दे दिया.

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First published: December 11, 2019, 9:24 AM IST
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