राहत राशि नहीं मिली तो सड़क पर उतरे बाढ़ पीड़ित, प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी 
Samastipur News in Hindi

राहत राशि नहीं मिली तो सड़क पर उतरे बाढ़ पीड़ित, प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी 
पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ.

बाढ़ पीड़ितों (Flood Victim) का आरोप है कि कोसी नदी का पानी उनके घरों में घुस गया है. फिर भी प्रशासन ने उन्हें राहत राशि नहीं दी है.

  • Share this:
समस्तीपुर. बिहार के समस्तीपुर में बाढ़ (Flood) से प्रभावित लोगों का गुस्सा सरकार के खिलाफ फूट पड़ा. राहत राशि समय पर नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए लोग सड़क पर उतर आए. बाढ़ पीड़ितों ने सड़क जाम कर जमकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी (Sloganeering) की और हंगामा किया गया. आपको बता दें कि ये पूरा मामला  समस्तीपुर जिले के सिंघिया प्रखंड इलाके के कोल्हुआघाट का है. यहां जहांगीरपुर गांव के बाढ़ पीड़ित लोगों ने बाढ़ राहत राशि नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए सड़क जाम और हंगामा किया.

हंगामा कर रहे बाढ़ पीड़ितों ने  प्रशासन पर भेदभाव करने का आरोप लगाया. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जहांगीरपुर के वार्ड 5, 6 और 7 के लोगों को बाढ़ राहत के तहत मिलने वाली 6 हजार रुपये की राशि अब तक नहीं मिली है. इस वजह से नाराज लोगों ने कोल्हुआघाट में सिंघिया रोसड़ा मुख्य सड़क मार्ग एसएच-88 को जाम कर दिया. इस दौरान आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों ने सिंघिया के अंचलाधिकारी और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.

ये भी पढ़ें: यौन शोषण मामला: महेश नेगी केस में नया ट्विस्ट, WhatsApp चैट से होगा बड़ा खुलासा 



बाढ़ पीड़ितों ने लगाया बड़ा आरोप
बाढ़ पीड़ित लोगों का कहना था कि कोसी नदी में आए बाढ़ की वजह से पानी घरों में घुस गया. बाबजूद इसके बाढ़ राहत राशि नहीं दी गई है. लोगों ने तकरीबन 3 घंटे तक एनएच जाम रखा जिससे यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी. फिर जीपीएस पवन सिंह के पहल पर रोसड़ा के अनुमंडल पदाधिकारी अमन कुमार सुमन द्वारा लोगों को आश्वासन के बाद सड़क जाम खत्म किया गया. वहीं इस मामले में समस्तीपुर जिला अधिकारी शशांक शुभंकर ने बताया कि जहां से भी इस तरह की शिकायत मिल रही है उसकी जांच करवाई जा रही है. इस दौरान बहुत सी शिकायत गलत भी पाई गई है. खेत में अगर पानी है तो जीआर की राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा. जहां-जहां से भी इस तरह के मामले आ रहे हैं सर्वे भी कराया जा रहा है. साथ ही जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि कई मामले सामने आए हैं कि राहत के लिए लोगों को उकसा कर सड़क जाम और आंदोलन करवाए जा रहे हैं. ऐसे लोगों को चिन्हित कर एफआईआर करने का भी आदेश दिया गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज