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'चीन से बदला लो'...नारे के बीच बिहार के 4 शहीदों को दी गई अंतिम विदाई, देखें तस्वीरें

समस्तीपुर में शहीद को श्रद्धांजलि देने भीड़ उमड़ पड़ी.

समस्तीपुर में शहीद को श्रद्धांजलि देने भीड़ उमड़ पड़ी.

लद्दाख के गलवान घाटी (Galvan Valley of Ladakh) में 15 और 16 जून को चीनी सेना के साथ खूनी झड़प में देश के 20 सैनिकों ने अपना बलिदान दे दिया जबकि भारतीय सेना ने कम संख्या बल होने के बाद भी चीन के 40 से अधिक सैनिकों को मार डाला था.

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पटना. 'कर्म ही धर्म' सूत्र वाक्य और 'बजरंग बली की जय' युद्ध नारा के साथ देश के लिए बिहार रेजिमेंट (Bihar Regiment) के सैनिक दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के साथ अपनी शहादत (Martyrdom) देने में भी आगे रहते हैं. इसी रेजिमेंट में शामिल रहे बिहार के ऐसे ही चार सपूतों ने 'कर्म ही धर्म है' को आधार मानते हुए गलवान घाटी (Galvan Valley) में अपना बलिदान दे दिया था. शुक्रवार को बिहार के इन सपूतों को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई. इस बीच भारत माता की जय, वंदे मातरम के उद्घोष के साथ वीर जवानों का अंतिम संस्कार किया गया.

वैशाली के जंदाहा के शहीद जय किशोर सिंह का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके गांव पहुंचा माहौल गमगीन हो गया. मिलिट्री की गाड़ी से शहीद के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव चक फतेह लाया गया. इस दौरान शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हुई. शहीद के पार्थिव शरीर के साथ सेना के कई जवान मौके पर पहुंचे. शहीद के माता पिता समेत सभी परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया इस दौरान जय किशोर सिंह अमर रहे के नारे लगातार गूंजते नारों के बीच  स्थानीय पुलिस पदाधिकारी, जदयू विधायक उमेश कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के सांसद प्रतिनिधि अवधेश सिंह समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे.

वैशाली जन्दाहा के चक फतेह गांव में शहीद जय किशोर सिंह को अंतिम विदाई दी गई.




वहीं लद्दाख के गलवान में शहीद कुंदन यादव का शव गुरुवार की देर रात सहरसा जिले के आरण गांव पहुंचा. शुक्रवार की सुबह से ही अंतिम दर्शन में हजारों लोग जुटे उसके बाद पूरे पंचायत में शव यात्रा निकाली गई. इस शव यात्रा में आसपास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में जुट गए और वंदे मातरम और भारत माता की जाय के बीच शहीद कुंदन अमर रहे, चीन से बदला लो, के नारे गूंजते रहे.
सहरसा के आरण गांव में शहीद कुंदन यादव को श्रद्धांजलि देने हजारों लोग जुटे.


वहीं भोजपुर के शहीद चंदन कुमार को भी अंतिम विदाई दी गई. उनके पैतृक गांव जगदीशपुर के ज्ञानपुर में गार्ड ऑफ ऑनर के बाद बनास नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया.  इस दौरान जिले के सभी अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. वहीं  कृषि मंत्री प्रेम कुमार भी इस दौरान उपस्थित थे.

आरा के शहीद चंदन कुमार का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में किया गया.


समस्तीपुर के शाहीद अमन का  पार्थिव शरीर सुल्तानपुर गांव पहुंचा. हजारों लोगोंं की भीड़ इस दौरान शहीद अमन अमर रहे का नारा लगाती रही.  इस दौरान चीन से बदला लेने के लिए भी लोगों ने नारे लगाए. बता दें कि लद्दाख के गलवान घाटी में 15 और 16 जून को चीनी सेना के साथ खूनी झड़प में देश के 20 सैनिकों ने अपना बलिदान दे दिया जबकि भारतीय सेना ने कम संख्या बल होने के बाद भी चीन के 40 से अधिक सैनिकों को मार डाला था. (इनपुट-कुमार अनुभव, मुकेश कुमार, राजीव मोहन, हिमांशु प्रवीण)
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