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संघर्ष के जज्बे ने समस्तीपुर के संजय का भारतीय टीम में सेलेक्शन कराया, पढ़ें सफलता की कहानी

News18 Bihar
Updated: October 5, 2019, 9:51 AM IST
संघर्ष के जज्बे ने समस्तीपुर के संजय का भारतीय टीम में सेलेक्शन कराया, पढ़ें सफलता की कहानी
22 अक्टूबर से शुरू होने वाले साउथ एशियाई ड्रैगन बोट चैंपियनशिप में भारतीय टीम में समस्तीपुर के संजय राय का चयन.

आगामी 22 अक्टूबर से 24 अक्टूबर 2019 के बीच पंजाब के सुल्तानपुर में साउथ एशियाई ड्रैगन बोट चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है

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समस्तीपुर. साहित्य हो या चित्रकारी (Painting) या फिर खेल का मैदान (Sports Field),  समस्तीपुर के युवाओं ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर हर क्षेत्र में अपना परचम लहराया है. एक बार फिर यहां के प्रतिभाशाली युवक संजय राय (Sanjay Rai) ने जिले के साथ बिहार का भी मान बढ़ाया है. दरअसल ग्रामीण परिवेश में रहने वाले गरीब परिवार के इस होनहार नौजवान का चयन साउथ एशियाई ड्रैगन बोट चैंपियनशिप (Asian Dragon Boat Championship) के लिए भारतीय टीम में हुआ है. कोरबाधा गांव के रहने वाले युवक संजय को भारतीय टीम में शामिल किए जाने के बाद घर से लेकर संपूर्ण जिले में खुशी की लहर है.

बता दें कि आगामी 22 अक्टूबर से 24 अक्टूबर 2019 के बीच पंजाब के सुल्तानपुर में साउथ एशियाई ड्रैगन बोट चैंपियनशिप  का आयोजन हो रहा है. संजय बताते हैं कि इस खेल में अच्छी टाइमिंग की वजह से ही भारतीय टीम में उनका सेलेक्शन हो पाया है.

अपनी सफलता पर कहते हैं संजय
अपने बारे में संजय बताते हैं कि बस 2003 से ही खेल के क्षेत्र में आए और एथलेटिक्स में 2011 तक कई बड़ी प्रतियोगिता में जूनियर स्तर पर मेडल भी जीते, लेकिन सीनियर स्तर की प्रतियोगिता में मेडल नहीं मिलने के कारण ड्रैगन बोट के तरफ रुझान गया.

संजय ने कहा कि पहली बार में असफलता हाथ लगी, लेकिन संघर्ष जारी रहा और आज ये मुकाम मिल पाया.


कोच पंकज कुमार ज्योति के सलाह पर यह ड्रैगन बोट के क्षेत्र में ही आगे बढे और सबसे पहले 2012 में केरला में आयोजित ड्रैगन वोट  प्रतियोगिता जो कि सीनियर स्तर पर आयोजित था उस में भाग लिया. पहली बार असफल रहने के बाद भी लगातार ड्रैगन बोट के क्षेत्र में  मेहनत करने लगे.

सफलता पर क्या कहते हैं संजय के पिता
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संजय के पिता राजेंद्र राय बताते हैं कि जब 2003 में यह खेल शुरू किया था तो हमने रोका था. पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए दबाव दे रहे थे, लेेेकिन संजय नहीं माना. वह बताते हैं कि उसे जहां तक बन पड़ा उन्होंने अपने बेटे का सहयोग किया, लेकिन आर्थिक स्तर पर कमजोर होने के कारण अब वे सरकार से सहयोग करने की अपील कर रहे हैं.

संजय के पिता राजेंद्र राय ने पहले तो बेटे को इस खेल में जाने से रोका था, लेकिन आज इस सफलता पर बेहद खुश हैं.


गांव के मित्रों ने की आर्थिक मदद
संजय की सफलता से उनके मित्र भी काफी खुश हैं. उनलोगों ने मिलकर संजय को 2500 रुपये की सहायता दी है. बहरहाल 22 अक्टूबर से शुरू होने वाले साउथ एशियन ड्रैगन बोट प्रतियोगिता में संजय को सफलता मिले और यह और बुलंदियों को छू पाए इसकी कामना न्यूज़ 18 भी करता है.

रिपोर्ट- मुकेश कुमार

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First published: October 5, 2019, 9:35 AM IST
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