कैम्पस सरकार : 36 साल बाद हो रहे है चुनाव को लेकर समस्तीपुर में सरगर्मियां तेज

छात्र संघ चुनाव में अलग अलग छात्र संगठनों से जुड़े कुल 264 छात्रों ने नामांकन दाखिल किया है.

Mukesh Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: February 15, 2018, 4:46 PM IST
कैम्पस सरकार : 36 साल बाद हो रहे है चुनाव को लेकर समस्तीपुर में सरगर्मियां तेज
बिहार में छात्र संघ चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज
Mukesh Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: February 15, 2018, 4:46 PM IST
36 साल बाद छात्र संघ चुनाव की चर्चा महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के बीच जोरों पर है. इस चुनाव को लेकर एबीवीपी,आइसा, एसएफआई सहित लगभग सभी छात्र संगठन कॉलेज परिसरों में काफी सक्रिय हो गए हैं और अपने अपने प्रत्याशियों के समर्थन में आम छात्रों को रिझाने में जुट गए हैं.

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के 12 सरकारी कॉलेज में चुनाव के प्रथम चरण में नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. समस्तीपुर कॉलेज समस्तीपुर, बलिराम भगत कॉलेज, महिला महाविद्यालय सहित सभी 12 कॉलेजों में अलग अलग छात्र संगठनों से जुड़े कुल 264 छात्रों ने नामांकन दाखिल किया है. वहीं, कॉलेज की छात्रों की उत्सुकता भी इस चुनाव को लेकर देखते बन रही है.

मिथिला विश्वविद्यालय के समस्तीपुर जिले के 12 कॉलेजों में हुए नामांकन नजर डाले तो अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष और काउंसलर के पदों पर समस्तीपुर कॉलेज समस्तीपुर में -44 , बीआरबी कॉलेज -24, महिला कॉलेज -24 , आरएनएआर कॉलेज -12, आरबी कॉलेज दलसिंहसराय -40 ,आरबीएस  कॉलेज अन्दौर -13, यूआर कॉलेज रोसरा - 30,  एएंडडी कॉलेज पटोरी - 20 , पीयू कॉलेज पूसा -07, डीबीएनके कॉलेज नरहन -18, जीएमआरजी कॉलेज मोहनपुर - 19 और डॉ. एलकेबीएड कॉलेज ताजपुर में - 13 अलग अलग छात्र संगठनों के समर्थित उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया है.

आगामी 25 फरवरी को वोटिंग होगी और इसे लेकर सभी छात्र संगठनों ने कैम्पस से लेकर छात्रों के घर तक संपर्क शुरु कर दिया है. एबीवीपी के छात्र नेता आदित्य कुमार ने बताया कि पहली प्राथमिकता परिसर में छात्रों की संख्या कम है उसे बढ़ाना होगा. वही इस छात्र संघ चुनाव को लेकर शिक्षक भी काफी उत्साहित हैं.

छात्र संघ चुनाव को लेकर जंहा कॉलेज से लेकर हर चौक चौपालों पर उत्साह का वातावरण है, लेकिन मिथिला विश्वविद्यालय और स्थानीय प्रसाशन के सामने शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाना एक चुनौती है.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर