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Teachers Day: लॉकडाउन में बंद हुआ सरकारी स्कूल तो हेडमास्टर ने बच्चों की पढ़ाई के लिए बनाया ऐप

Teachers Day: लॉकडाउन में बंद हुआ सरकारी स्कूल तो हेडमास्टर ने बच्चों की पढ़ाई के लिए बनाया ऐप

बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए ऐप बनाने वाले शिक्षक

बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए ऐप बनाने वाले शिक्षक

Samastipur News: बिहार के समस्तीपुर जिला का यह स्कूल कई मायनों में खास है. इस स्कूल के हेडमास्टर की प्रयास की सभी लोग प्रशंसा कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने न केवल बच्चों के लिए ऐप बनाया बल्कि इसकी नियमित रूप से उपोयिगता भी सीखाई.

समस्तीपुर. आज शिक्षक दिवस है और शिक्षक दिवस (Teachers Day 2021) के मौके पर हम आपको बिहार के एक ऐसे सरकारी विद्यालय के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपने सीमित संसाधन के बावजूद निजी विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था को चुनौती दे रहा और यह सब कुछ हो रहा है वहां के शिक्षक प्रधानाध्यापक के मेहनत की वजह से. समस्तीपुर सदर अनुमंडल क्षेत्र के लगुनियां सूर्यकंठ गांव में स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय ने कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के समय एक ऐसा नजीर पेश किया जो पूरे शिक्षा समाज से जुड़े लोगों के लिए चर्चा का विषय बना.

कोरोना महामारी के बीच जब निजी विद्यालय के छात्र-छत्राएं ऑनलाइन क्लास के माध्यम से अपनी पढ़ाई कर रहे थे तो वहीं दूसरी ओर सरकारी विद्यालय के छात्र छात्राएं घर में बैठे थे. उनके लिए पढ़ाई की व्यवस्था नहीं थी लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के इस विद्यालय के प्रधानाध्यापक सौरभ कुमार ने जो किया वह विद्यालय से जुड़े ग्रामीण छात्र छात्राओं के लिए बहुत बड़ी चीज थी. विद्यालय के प्रधानाध्यापक सौरव कुमार बताते हैं कि कोरोना काल में सरकार द्वारा जब शिक्षकों को विद्यालय में रहने का आदेश दिया गया ऐसे में शिक्षकों के पास कुछ विशेष काम नहीं था. इसी दौरान उन्होंने एक ऐप बनाने की सोची जिसके माध्यम से निजी विद्यालय के तरह उनके विद्यालय के छात्र-छात्राएं भी अपनी पढ़ाई ऑनलाइन कर सकें.

जिसके बाद स्मार्ट लगूनिया नाम के एक ऐप का निर्माण कराया गया और फिर विद्यालय के प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षकों ने बच्चों के घर-घर जाकर इसकी जानकारी दी और मोबाइल में ऐप डाउनलोड करया. फिर यहीं से शुरू हो गई गांव के इस सरकारी विद्यालय के द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई. कोरोना काल में जब सभी विद्यालयों में नामांकन की प्रक्रिया बंद थी उस दौरान यहां ऑनलाइन नामांकन बच्चों का लिया जा रहा था. करीब 80 से अधिक बच्चों का नामांकन ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से विद्यालय में किये गये और आज भी इस ऐप के माध्यम से जो बच्चे विद्यालय नहीं आते हैं उनकी पढ़ाई के लिए वीडियो अपलोड किया जाता है ताकि उन्हें पढ़ाई करने में सुविधा हो साथ. विद्यालय में आने वाले बच्चों का अटेंडेंस भी स्मार्ट लगूनिया ऐप के माध्यम से बनाया जाता है.

बच्चों का कहना है कि जब विद्यालय बंद थे और ऐसे में उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था मिली तो वह काफी खुश हुए क्योंकि अन्य सरकारी विद्यालय के बच्चे अपनी पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे और वह ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कर रहे थे होमवर्क को भी बना रहे थे जिससे उन्हें काफी सहूलियत मिली. इस विद्यालय में एक और व्यवस्था है जो अपने आप में अनोखा प्रयास है. इसका जुड़ाव नैतिक शिक्षा से है. दरअसल विद्यालय के एक कमरे में ईमानदारी की दुकान लगाई जहां बच्चे जाते हैं और उन्हें जिस चीज की जरूरत होती है उसका मूल्य खुद वहां पर रखकर वह सामान ले लेते हैं, साथ ही विद्यालय के बच्चों द्वारा एक पुस्तकालय भी संचालित की जाती है.

Tags: Bihar News, Samastipur news, Teacher's Day 2021, Teachers day

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