'तेरी मेहरबानियां' गाने की धुन के साथ गांववालों ने दी 'टोनी' को अंतिम विदाई

ब‍िहार के समस्तीपुर के कुत्‍ते टोनी की मौत होने पर पूरे गांववालों ने उसे अंत‍िम व‍िदाई दी

Samastipur News: ब‍िहार के समस्‍तीपुर में कुत्‍ते टोनी की मौत पर शव यात्रा निकाली गई और उसे अंतिम विदाई दी गई. आगे-आगे ठेले पर कुत्ते का शव तो पीछे पीछे पूरा गांव 'तेरी मेहरबानियां' गीत की धुन के साथ आगे बढ़ते रहे.

  • Share this:
फ़िल्म तेरी मेहरबानियां तो आपने जरूर देखी होगी, ज‍िसमें मालिक के प्रति कुत्ते की जो वफादारी थी. उसे हर कोई याद करता है, लेकिन जो कहानी दिखाने जा रहे हैं वो रील नहीं बल्कि र‍ियल लाइफ की है, जहां वफादार कुत्ते की मौत के बाद पूरा गांव शव यात्रा में शामिल हुआ और हर किसी की आंखें नम दिखी.

ब‍िहार के समस्तीपुर के विद्यापति नगर में कुत्‍ते टोनी की अचानक मौत हो गई, जिसके बाद फूल-माला और कफ़न में लपेटकर उसकी शव यात्रा निकाली गई और उसे अंतिम विदाई दी गई. आगे-आगे ठेले पर कुत्ते का शव तो पीछे पीछे पूरा गांव 'तेरी मेहरबानियां' गीत की धुन के साथ आगे बढ़ते रहे. विद्यापति नगर के शेरपुर गांव के नरेश साह इसे अपने घर की सदस्य से बढ़कर प्यार देते थे और मोहल्ले का भी टोनी रखवाला था.

नरेश साह इसे सोनपुर मेले से 12 साल पहले खरीदकर लाए थे तबसे यह बेजुबान बॉडीगार्ड की तरह इनका साया बनकर इनके साथ रहता था. यही वजह है कि मरने के बाद हिन्दू रीति रिवाज के साथ अर्थी सजाई गई और इसको अंतिम विदाई दी गई, साथ ही वाया नदी के तट पर इसे दफन किया गया. टोनी के माल‍िक नरेश साह पेशे से चिकित्सक हैं जो बताते हैं कि यह मेरे लिए भाग्यशाली था और जब से आया मेरी किस्मत बदल गई.

उन्‍होंने बताया क‍ि सन 1985 में आई फ़िल्म तेरी मेहरबानियां में जैकी श्रॉफ और पूनम ढिल्लन के साथ कुत्ते की दोस्ती को दिखाया गया था, जो आज रियल लाइफ में समस्तीपुर में देखने को मिली. ये प्रेम बहुत कुछ सिखलाता है और सन्देश भी देता जहां इंसान-इंसान में मेल नहीं होता आज बेजुबान के लिए इतनी मुहब्बत देख हर कोई हतप्रभ है क्योंकि वो वफादार होता है.