लाइव टीवी
Elec-widget

करोड़ों रुपये लगाकर लालू यादव ने खरीदी थीं 70 बस, जानें क्यों हो गईं कबाड़

News18 Bihar
Updated: November 19, 2019, 7:53 AM IST
करोड़ों रुपये लगाकर लालू यादव ने खरीदी थीं 70 बस, जानें क्यों हो गईं कबाड़
लालू यादव ने वर्ष 2012-13 में सांसद निधि से 70 बसें खरीदी थीं, लेकिन उसे उपयोग में नहीं लाया गया.

लालू यादव (Lalu Yadav) ने सांसद निधि (MPLADS Fund) में मिली राशि से बसें खरीदी थीं, लेकिन सभी बसें जहां-तहां पड़ी हैं. जयप्रकाश विश्वविद्यालय (Jayprakash University) के कुलपति ने भी इन बसों को शुरू कराने की पहल की थी, लेकिन उसका कोई असर नहीं दिखा. आज विश्वविद्यालय कैंपस में कई बसें बेकार पड़ी हुईं.

  • Share this:
छपरा. वर्ष 2013 में छपरा के तत्कालीन सांसद लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) ने छात्राओं के लिए बस सेवा (Bus Service) की शुरुआत की थी. उस वक्‍त उन्होंने कहा था कि यह बस नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की साइकिल का विकल्प बनेगी. हालांकि, सीएम नीतीश कुमार की साइकिलें आज भी सड़कों पर दिख जाती हैं, लेकिन लालू यादव की तमाम बसें अब कबाड़ हो गई हैं.

सड़ रही हैं लालू की खरीदी गई करोड़ों की बस
दरअसल, लालू यादव ने अपने कार्यकाल में छात्राओं को घर से कॉलेज और स्कूल तक जाने और आने के लिए बस सेवा की शुरुआत की थी. बस की खरीदारी तो हो गई, लेकिन इसके लिए आवश्यक संसाधन नहीं जुटाए गए. यही वजह रही कि यह बस सड़क पर उतर ही नहीं सकी. नतीजा यह है कि तमाम बसें जहां-तहां सड़ रही हैं. आलम यह है कि सारण के जगदम कॉलेज में तो दो बसों को असामाजिक तत्वों ने आग के हवाले भी कर दिया.

खास एजेंसी को फायदा पहुंचाने के लगे थे आरोप

गौरतलब है कि 6 साल पहले 8.51 करोड़ की लागत से 70 बसें खरीदी गई थीं, लेकिन यह योजना शुरू से ही विवादित रही. दरअसल, स्कूलों को बस तो दे दी गई, लेकिन ड्राइवर कहां से आएगा और इसका खर्च कौन वहन करेगा, इसकी कोई व्यवस्था नहीं की गई. इसी वजह से स्कूल प्रबंधन ने इसके संचालन में कोई रुचि नहीं दिखाई. बता दें कि तब इन बसों की खरीद में भी एक खास एजेंसी को फायदा पहुंचाने के आरोप लगे थे.

छपरा के जगदम कॉलेज में असामाजिक तत्वों द्वारा जलाई गई बस.


बर्बाद हो गए जनता की कमाई के 11 करोड़ 97 लाख
Loading...

बता दें कि राजद सुप्रीमो लालू यादव ने सांसद निधि से वर्ष 2013-14 में 70 बसें खरीदी थीं. सांसद मद से कुल 11 करोड़ 97 लाख की राशि क्षेत्र के विकास के लिए मिली थी, जिसमें 8 करोड़ 51 लाख रुपए की राशि बसों की खरीद पर खर्च कर दी गई. चयनित स्कूलों और कॉलेजों ने बसें लेने में कोई खास रुचि नहीं दिखाई. छह साल में इन बसों की स्थिति जर्जर हो चुकी है.

स्कूलों और विश्वविद्यालयों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी
हालांकि, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, राजेंद्र कॉलेज, जगदम कॉलेज, जेपीएम कॉलेज सहित 20 चयनित शिक्षा संस्थानों ने बस लेने के लिए इकरारनामा जिला योजना कार्यालय को उपलब्ध कराया था. जिलाधिकारी ने इन संस्थानों के प्रमुखों के साथ बैठक भी की थी. कई प्राचार्यों ने बस कैसे चलेगी, कहां से डीजल खर्च आएंगे? इन समस्याओं को सामने रखा था. चयनित विद्यालयों और कॉलेजों से एक बार फिर इकरारनामा मांगा गया था जो अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया.

ये भी पढ़ें:

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए सारण से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 19, 2019, 7:27 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...