Bihar Assembly Election 2020: आजादी के 7 दशक बाद भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है गरखा

यहां नीतीश सरकार के ही कार्य दिखते हैं, लेकिन विधायक के कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं.
यहां नीतीश सरकार के ही कार्य दिखते हैं, लेकिन विधायक के कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं.

Bihar Assembly Election 2020: सारण जिले का गरखा विधानसभा क्षेत्र (Garkha Assembly Constituency) आजादी के सात दशक बाद भी बुनियादी सुविधाओं (Basic facilities) का अभाव झेल रहा है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 24, 2020, 10:18 PM IST
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सारण. जिले की गरखा विधानसभा क्षेत्र (Garkha Assembly Constituency) राजद विधायक मुनेश्वर चौधरी यहां से 5 बार विधायक और दो बार राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं. लेकिन गरखा क्षेत्र आज भी विकास को लेकर उनसे नाराज दिखता है. इलाके में विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार (Corruption) दिखता है, लेकिन चौधरी को इसकी कोई परवाह नहीं है. हालांकि पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक मुनेश्वर चौधरी (MLA Muneshwar Chaudhary) का कहना है कि उन्होंने इलाके में ऐसा विकास किया है कि इसकी पूरी तस्वीर ही बदल गई है.

1962 तक यह सामान्य सीट थी, लेकिन उसके बाद इसे अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया. गरखा विधानसभा में वोटर जातीय आधार पर गोलबंद नहीं होते हैं. लेकिन चुनाव के वक्त यहां विकास के दावे बढ़चढ़ कर किए जाते हैं. इस बार भी राजद से उम्मीदवार बने पूर्व मंत्री मुनेश्वर चौधरी को घेरने की तैयारी चल रही है और बीजेपी के ज्ञानचंद मांझी चुनावी तैयारियों में जुटे हुये हैं. वहीं गरखा में टिकट के लिए सबसे अधिक मारामारी जदयू में मची हुई है. इसमें कुसुम रानी और ईश्वर कुमार राम का नाम चर्चा में है.

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विधायक के कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं
यहां नीतीश सरकार के ही कार्य दिखते हैं, लेकिन विधायक के कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं. हर घर नल जल योजना के जरिए लोगों को सुविधा देने की कोशिश की गई, लेकिन इसमें भ्रष्टाचार हावी रहा. गरखा में जाम की समस्या, शौचालय का निर्माण, ओवरब्रिज की मांग, सभी प्रवासी मजदूरों की नौकरी, उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ जैसी बुनियादी सुविधाओं का इंतजार है. हालांकि विधायक मुनेश्वर चौधरी का कहना है कि उनके द्वारा किए गए विकास कार्य को देखा जा सकता है और जनता हर जगह उनका स्वागत कर रही है.

वोटर और जातीय समीकरण
गरखा विधानसभा क्षेत्र में इस बार कुल 3,01,312 वोटर हैं. इनमें 1,62,170 पुरुष और 1,39,136 महिला वोटर हैं. थर्ड जेंडर के यहां 6 वोट हैं. जातीय समीकरण के अनुसार करीब 72000 यादव, 46000 पासवान, 46000 राजपूत, 19000 मुस्लिम, 35000 अनूसूचित जाति और 7000 वैश्य बताए जा रहे हैं. लेकिन यह अपुष्ट आंकड़ा है.

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1976 से यहां ये विधायक रहे
1976 - विश्वनाथ भागत - सोशलिस्ट पार्टी
1969 - जगलाल चौधरी - कांग्रेस
1972 - रघुनंदन मांझी - कांग्रेस
1977 - मुनेश्वर चौधरी - जनता पार्टी
1980 - रघुनंदन मांझी - कांग्रेस
1985 - रघुनंदन मांझी - कांग्रेस
1990 - मुनेश्वर चौधरी - निर्दलीय
1995 - मुनेश्वर चौधरी - जनता दल
2000 - मुनेश्वर चौधरी - राजद
2005 (फरवरी) - रघुनंदन मांझी - निर्दलीय
2005 (अक्टूबर)- ज्ञानचंद मांझी - बीजेपी
2010 - ज्ञानचंद मांझी - बीजेपी
2015 - मुनेश्वर चौधरी - राजद
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