Bihar Assembly Election 2020: लालू घराने से जुड़े रिश्ते ने परसा विधानसभा क्षेत्र को दिलाई नई पहचान

लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव की शादी परसा विधायक चंद्रिका राय की पुत्री ऐश्वर्या राय से मई 2018 में हुई थी.
लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव की शादी परसा विधायक चंद्रिका राय की पुत्री ऐश्वर्या राय से मई 2018 में हुई थी.

Bihar Assembly Election 2020: नारायणी नदी के कछार पर बसा सारण जिले का परसा विधानसभा क्षेत्र यदुवंशियों का सियासी किला रहा है. लेकिन इसको पहचान लालू घराने से रिश्ते जुड़ने के बाद ज्यादा मिली है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 26, 2020, 9:07 PM IST
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सारण. लालू घराने से रिश्ता जुड़ने के बाद चर्चा में आया परसा विधानसभा क्षेत्र (Parsa assembly constituency) अब इस परिवार के विवादों के कारण चर्चा में रहता है. यहां के विधायक चंद्रिका राय की पुत्री एश्वर्या राय (Aishwarya Rai) लालू यादव को पुत्रवधू बहू बनी तो एक नए राजनीतिक समीकरण का आगाज हुआ. लेकिन एश्वर्या को बेघर करने की खबरों ने यहां की राजनीति में भी भूचाल ला दिया. यहां 2015 में राजद से चुनाव जीतने वाले चंद्रिका राय अब नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के खेमे में पहुंच चुके है और इस बार संभावना है कि वे जदयू से चुनाव भी लड़ें.

जदयू के सिंबल के दावेदारों में वर्तमान आरजेडी विधायक चंद्रिका राय के अलावा अमनौर के पूर्व विधायक कृष्ण कुमार उर्फ मंटू की पत्नी सविता देवी भी हैं. बीजेपी नेता सांसद राजीव प्रताप रूडी के खास माने जाने वाले उनके प्रतिनिधि राकेश सिंह भी यहां अपनी राजनीतिक जमीन तैयार कर रहे हैं. इनके अतिरिक्त कांग्रेस, भारतीय सब लोग पार्टी, सीपीएम आदि भी जनता के बीच उपस्थिति दर्ज करा दावेदारी पेश कर रही हैं.

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यह है लालू परिवार का विवाद
लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव की शादी चंद्रिका राय की पुत्री ऐश्वर्या राय से मई 2018 में हुई थी. पांच माह बाद नवंबर में तेजप्रताप ने एश्वर्या से तलाक लेने की अर्जी कोर्ट में डाल दी. बीच के घटनाक्रम में ऐश्वर्या ने भी प्रताड़ना का केस दायर कर दिया. अंतत: पिछले वर्ष के 16 दिसंबर को ऐश्वर्या राबड़ी देवी के आवास से मायके आ गयी. इस वाकये के बाद चंद्रिका राय की लालू प्रसाद से ही नहीं राजद से भी दूरी बढ़ गयी. वे फिलहाल हैं तो परसा के राजद विधायक, लेकिन पार्टी की हर गतिविधि से दूर हैं. उनके सियासी प्रतिद्वंद्वी छोटेलाल राय ने जदयू से नाता तोड़ हाल ही में राजद की सदस्यता ग्रहण कर ली है. चंद्रिका राय के बड़े भाई विधानचंद राय की पुत्री डॉ. करिश्मा राय ने भी राजद की सदस्यता ग्रहण की है.

यदुवंशियों का सियासी किला रहा है परसा
नारायणी नदी के कछार पर बसा परसा विधानसभा क्षेत्र यदुवंशियों का सियासी किला रहा है. विधानसभा क्षेत्र के गठन के बाद यहां पहले विधायक दारोगा प्रसाद राय चुने गये. दारोगा बाबू यहां से 7 बार जीते थे. जेपी आंदोलन की लहर वाले 1977 के चुनाव में उन्हें हराकर यदुवंशी समाज के रामनंद प्रसाद यादव यहां से विधायक बने. दारोगा बाबू के निधन के बाद 1981 के उपचुनाव में उनकी पत्नी प्रभावती देवी विधायक चुनी गयी. फिर उनके द्वितीय पुत्र चंद्रिका राय ने यहां का सियासी किला संभाला. प्रारंभ में पिता की तरह कांग्रेस की टिकट पर 1985 में विधायक बने, लेकिन 1990 में वे लालू प्रसाद के जनता दल के साथ हो लिए. 2005 व 2010 के चुनाव में चंद्रिका राय को जदयू के छोटेलाल राय ने हरा दिया, लेकिन 2015 में चंद्रिका राय फिर जीत गए.

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रेल चक्का फैक्ट्री और हरदिया चंवर है पहचान
कुल 2,61,311 मतदाताओं वाला यह क्षेत्र वैसे तो कृषि आधारित है लेकिन दरियापुर के बेला रेल चक्का कारखाना ने इसे औद्यौगिक नक्शे पर ला दिया है. यहां 1,39,325 पुरुष और 1,21,986 महिला मतदाता हैं. फैक्ट्री हरदियां चंवर में स्थित है. कहते हैं कि यह चंवर 17 कोस में है, लेकिन जल जमाव यहां के लिये अभिशाप है. कृषि विशेषज्ञों की मानें तो जल निकासी की व्यवस्था हो जाए यहां रबी की अच्छी फसल हो सकती है.

परिसीमन के बाद इसका भूगोल कुछ बदल गया है
परसा सूबे का पुराना विधानसभा क्षेत्र है. परिसीमन के बाद इसका भूगोल कुछ बदल गया है. पहले पूरे परसा और मकेर तथा दरियापुर प्रखंड के भाग इसमें समाहित थे. लेकिन अब दरियापुर की सभी 22 पंचायतें और परसा की 14 पंचायतों में से आठ इस विधानसभा क्षेत्र में हैं. साथ ही परसा नगर पंचायत क्षेत्र भी इसका भाग है.
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