Bihar Assembly Election 2020: जातीय समीकरणों में उलझे छपरा में BJP के लिये सीट बरकरार रखना बड़ी चुनौती

जलजमाव छपरा शहर का सबसे बड़ा मुद्दा है.
जलजमाव छपरा शहर का सबसे बड़ा मुद्दा है.

Bihar Assembly Election 2020: सारण जिले की छपरा विधानसभा सीट हमेशा से जातीय समीकरणों में उलझी रही है. ऐसे हालात में इस बार बीजेपी के लिये इस बार सीट को बचाये रखना एक बड़ी चुनौती है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 24, 2020, 10:29 AM IST
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सारण. बिहार की राजनीति में अहम स्थान रखने वाले सारण जिले की छपरा विधानसभा सीट (Chapra Assembly Seat) बेहद खास है. छपरा विधानसभा क्षेत्र का चुनाव विकास के बजाय जातीय समीकरण (Cast equation) पर होता आया है. यही वजह है कि यहां की जनता पांच साल समस्याएं गिनाने के बाद चुनाव के वक्त जातीय समीकरण के जाल में फंस जाती है. लंबे समय से यहां की राजनीति में राजपूत और यादव (Rajput and Yadav) समाज का वर्चस्व दिखाई देता रहा है. हालांकि 2015 के चुनाव में इस वर्चस्व को तोड़ते हुए वैश्य समुदाय के नेता डॉ. सीएन गुप्ता ने बाहुबली प्रभुनाथ सिंह के पुत्र रणधीर सिंह को हराकर छपरा के विधायक की सीट को हथिया लिया था.

इस बार वैश्य समुदाय में बिखराव के आसार नजर आने लगे हैं और कई गुट ऐसे भी हैं जिन्होंने डॉ. सीएन गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. हालांकि इस विरोध को दरकिनार करते हुए डॉ. सीएन गुप्ता बीजेपी से पुनः टिकट मिलने की उम्मीद लगाए जनता के बीच घूम रहे हैं. उधर पूर्व विधायक रणधीर सिंह भी राजद से ताल ठोक रहे हैं. शिक्षक समाज ने निर्दलिय प्रत्याशी के रूप में शिक्षाविद डॉ. संजीव सिंह को चुनाव में उतारने का निर्णय लिया है.





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यह है छपरा में वोटों का गणित
छपरा में कुल 3,21,174 मतदाता हैं. इनमें से 1,48,228 महिला और 1,72,942 पुरुष मतदाता हैं. विधानसभा क्षेत्र में 4 थर्ड जेंडर मतदाता भी हैं. बात अगर समीकरणों की करें तो यहां शुरू से ही मुस्लिम-यादव समीकरण सुपर हिट रहा है. हालांकि इस समीकरण का फायदा लगातार यादवों को ही मिला है. लेकिन हाल के दिनों में इस समीकरण का तिलस्म टूटता नजर आया है. यही कारण है कि 2015 के चुनाव में यहां बीजेपी मजबूती से उभरी है. इसके डॉ. सीएन गुप्ता फिलहाल विधायक पद पर हैं.

विधानसभा क्षेत्र के ये हैं मुद्दे
छपरा शहर का जलजमाव ही सबसे बड़ा मुद्दा है. जल निकासी का एकमात्र स्त्रोत खनुआ नाला पूरी तरह जाम है. हर बरसात में लोग इसे जोर-शोर से उठाते हैं लेकिन जनप्रतिनिधि इस दिशा में सार्थक पहल नहीं करते हैं. सड़कों पर अतिक्रमण के कारण जाम भी बड़ा मुद्दा है. दिनभर लोग जाम में फंसते हैं. लोकनायक जयप्रकाश नारायण का गांव सिताब दियारा कटाव की चपेट में है. हर साल सरयू नदी गांव के करीब आती जा रही है. इस बार तो जेपी के घर से कुछ फर्लांग की दूरी पर कटाव रुका. जेपी को गांव को बचाना बड़ी चुनौती है.

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पिता के प्रभाव वाले क्षेत्र में बेटे ने संभाल रखी है कमान
तेजस्वी ने हाल के दिनों में छपरा शहर में डबल डेकर पुल निर्माण की शुरुआत की गई है. इसका श्रेय तत्कालीन डीप्टी सीएम तेजस्वी को दिया जाता है. यह इलाका पूरी तरह लालू यादव के प्रभाव के क्षेत्र माना जाता रहा है. हालांकि उनके जेल जाने के बाद उनके बेटे तेजस्वी ने उनकी कमी को पूरा करने की कोशिश जरुर की है.

गत आठ विधानसभा चुनाव में ये रहे विनर विधायक

2015 -डॉ. सीएन गुप्ता - बीजेपी
2014 -उपचुनाव रणधीर कुमार सिंह - राजद
2010 - जनार्दन सिंह सीग्रीवाल - बीजेपी
2005 (अक्टूबर) राम प्रवेश राय - जदयू
2005 (फरवरी) राम प्रवेश राय - जदयू
2000 उदित राय - राजद
1995 उदित राय - जनता दल
1990 उदित राय - निर्दलीय
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