Bihar Assembly Election 2020: अमनौर विधानसभा क्षेत्र में गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा

गत बार यहां जीत का अंतर महज 5251 मतों का रहा था.(सांकेतिक तस्वीर).
गत बार यहां जीत का अंतर महज 5251 मतों का रहा था.(सांकेतिक तस्वीर).

Bihar Assembly Election 2020: स्वतंत्रता आंदोलन (Independence movement) से लेकर उसके बाद राजनीतिक चेतना के धनी रहे अमनौर विधानसभा क्षेत्र (Amanour assembly constituency) में खेती-बाड़ी की समस्या ही मुख्य चुनावी मुद्दा है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 26, 2020, 9:03 PM IST
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सारण. तरैया और मढ़ैरा विधानसभा क्षेत्रों से अलग होकर बना अमनौर विधानसभा क्षेत्र (Amanour assembly constituency) स्वतंत्रता सेनानियों की धरती रही है. स्वतंत्रता आंदोलन (Independence movement) से लेकर उसके बाद राजनीतिक चेतना के धनी रहे इस क्षेत्र का अब तक पूरी तरह से विकास नहीं हो पाया है. 2015 में बीजेपी के शत्रुध्न तिवारी उर्फ चोकर बाबा (Shatradhan Tiwari aka Choker Baba) जदयू के कृष्ण कुमार मंटू को हराकर यहां के विधायक बने.

इस बार भी चोकर बाबा बीजेपी के कैंडिडेट होंगे ऐसी संभावना है. हालांकि गठबंधन में यहां सबकुछ ठीक नहीं चल रहा. गठबंधन के कई अन्य नेता भी यहां से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हैं. उसे देखकर कहा जा सकता है कि इस बार की लड़ाई यहां अलग दिखेगी.

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खेती-बाड़ी की समस्या ही मुख्य चुनावी मुद्दा है
खेती पर निर्भर यहां के लोगों के लिए खेती-बाड़ी की समस्या ही मुख्य चुनावी मुद्दा है. सरकारी ट्य़ूबवेल बंद हैं और नहर से किसानों को फायदा कम नुकसान ज्यादा है. नहर में समय से पानी नहीं आता और जब आता है तो उसकी धार को नहर के बांध रोक नहीं पाते. बांध टूटते हैं और फसलें बर्बाद होती हैं. 50 प्रतिशत किसानों को यहां योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. जन वितरण व्यवस्था चरमराई हुई है. 20 प्रतिशत गंवई सड़क आज भी बदहाल है. 20 प्रतिशत गांवों में बिजली नहीं पहुंची है. अमनौर बाजार में नाले के अभाव में जल जमाव की समस्या स्थायी बनी हुई है. मुख्यालय बाजार में पानी की टंकी तो है, लेकिन उससे जलापूर्ति नहीं होती. हालांकि सांसद राजीव प्रताप रुड़ी का गृहक्षेत्र होने के कारण यह इलाका अब तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है.

2,56,735 मतदाता हैं पूरे क्षेत्र में
कुल 2,56,735 मतदाताओं वाले अमनौर विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक कार्य बिजली की दिशा में हुए हैं. 1,36,800 पुरुषों और 1,19,930 महिला मतदाताओं वाले अमनौर में 5 थर्ड जेंडर मतदाता भी है. यहां 90 प्रतिशत गांव मुख्य सड़क से जुड़े हैं. वंचित गांवों का विद्युतीकरण हुआ है. स्वास्थ्य व स्कूल भवन बने हैं तो कई गंवई सड़कों का निर्माण भी हुआ है. कुछ पुल और पुलिया भी बने हैं.

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गत बार जीत का अंतर बेहद कम मतों का रहा था
मयहां शत्रुध्न तिवारी उर्फ चोकर बाबा से पहले 2010 में जदयू के कृष्ण कुमार मंटू यहां विधायक बने थे. उसके बाद वर्ष 2015 के चुनाव में कृष्ण कुमार मंटू बेहद मामूली अंतर से हारे हैं. चोकर बाबा को जहां 39,134 मत मिले थे वहीं कृष्ण कुमार मंटू को 33,883 मत मिले थे. जीत का अंतर महज 5251 मतों का रहा था. जीत का मार्जिन प्रतिशत में देखे तो यह केवल 4.21 फीसदी मतों का रहा.
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