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परिजनों ने मृत मान कर दिया था श्राद्ध, 40 साल बाद इस खास वजह से घर लौटा शख्स

News18 Bihar
Updated: October 25, 2019, 8:58 AM IST
परिजनों ने मृत मान कर दिया था श्राद्ध, 40 साल बाद इस खास वजह से घर लौटा शख्स
परिजनों ने मृत मानकर इस शख्स का श्राद्ध कर्म भी कर दिया था.

बिहार (Bihar) के छपरा (Chhapra) में एक शख्स को मृत समझकर परिवार वालों ने 40 साल पहले उसका श्राद्धकर्म कर दिया था. अब वह अचानक इतने वर्षों बाद घर लौट आया है. घटना जिले के तरैया थाना के भागवतपुर गांव की है.

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छपरा. बिहार (Bihar) के छपरा (Chhapra) में एक शख्स को मृत समझकर परिवार वालों ने 40 साल पहले उसका श्राद्धकर्म कर दिया था. अब वह अचानक इतने वर्षों बाद घर लौट आया है. घटना जिले के तरैया थाना के भागवतपुर गांव की है. बताया जा रहा है कि भागवतपुर निवासी स्वर्गीय मथुरा दास का 59 वर्षीय पुत्र चन्देश्वर दास लगभग 40 वर्षो बाद घर लौटा है.

चन्देश्वर के माता-पिता 15 से 20 वर्ष पूर्व ही मर चुके हैं. गांव लौटे चन्देश्वर दास के दो भाई शिवजी दास एवं रामेश्वर दास यहां रहते हैं. जिन्होंने बताया कि इनका 40 वर्षो से इनका कोई आता-पता नही था. गांव वाले भी इन्हें मृत समझ चुके थे और इनका श्राद्धकर्म करा दिया था क्योंकि आशंका थी कि कोलकाता में 40 वर्ष पूर्व जो दंगा हुआ था, शायद चन्देश्वर उसी में मारा जा चुका है.

परिजनों में खुशी
वहीं चन्देश्वर ने बताया कि कोलकाता से निकालने के बाद वह झारखंड में शादी कर बस गया था लेकिन हाल ही में एनआरसी के लिए जब पहचान की तलाश हुई तो वह अपने गांव पहुंचा. चंदेश्वर को जिंदा देख परिजन काफी खुश दिख रहे हैं.

झारखंड में बस चुका है
चन्देश्वर दास ने बताया कि वह लगभग 40 वर्ष पूर्व अपनी पत्नी के साथ अपने ससुर के यहां कोलकाता गया था. लेकिन तीन चार-दिन के बाद ही वहां साला से विवाद हो गया तो वह गुस्से में वहां से हावड़ा आ गया. फिर छः दिन भूखे सोया. तब वही एक होटल में काम करने लगा जिससे उसके खर्चे चलने लगे. इसी क्रम में वह अपने एक दोस्त की मदद से झारखण्ड के गोंडा के कस्ता गांव में झुनिया देवी से शादी कर बस गया है. उसे एक पुत्र और दो पुत्रियां भी हैं.

एनआरसी की चिंता ने पहुंचा दिया घर
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असम लागू हुए एनआरसी के बाद अब इसे झारखण्ड में भी लागू करने की तैयारी चल रही है. गोंडा प्रशासन से उसे निर्देश मिला है कि तुम जहां के निवासी हो, वहां का डीह प्रमाण पत्र लेकर आओ तो इसी काम के लिए अब वह अपने छपरा स्थिति गांव आया है.

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First published: October 25, 2019, 8:58 AM IST
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