Saran News: नौकरी के नाम पर ठगी करनेवाले गिरोह के 2 सदस्य गिरफ्तार, छपरा RPF ने ऐसे की घेराबंदी

छपरा आरपीएफ ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पकड़ा.

Fraud In Chhapra: आरपीएफ सहायक सुरक्षा आयुक्त अमित गुंजन ने बताया कि उन्हें अक्सर यह सूचना मिल रही थी कि बेरोजगार युवकों को रेलवे में नौकरी देने के नाम पर बहला-फुसलाकर अवैध उगाही की जा रही है.

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छपरा. कोरोना संक्रमण के दौर में जहां बेरोजगारी बढ़ गई है और लोग रोजगार की तलाश में हैं. वहीं, कुछ लोग ऐसी स्थिति में लोगों के साथ ठगी कर फायदा उठाने में लगे हैं. छपरा आरपीएफ ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करनेवाले एक ऐसे ही गिरोह का उद्भेदन कर 2 लोगों को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि यह गिरोह बड़े ही शातिर तरीके से इस धंधे को चला रहा था. बताया जा रहा है कि भोले-भाले लोगों को रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने के बाद उनको जॉइनिंग लेटर भी दिया जाता था और खाते में कुछ महीने तक तनख्वाह भी आती थी. लेकिन बाद में जब इस फर्जीवाड़े का पता चलता था तब तक कई नए लोग इस ठगी के शिकार हो चुके होते थे.

मिली जानकारी के अनुसार आरपीएफ को सूचना मिली कि छपरा जंक्शन पर ऐसे ही एक गिरोह के सदस्य आने वाले हैं. इस सूचना के बाद पुलिस ने अपना जाल बिछाया जिसमें यह गिरोह फंस गया. पकड़ा गया युवक सारण जिला के अमनौर थाना क्षेत्र के मनी सिरिसिया गांव निवासी अनिरुद्ध गुप्ता का पुत्र प्रमोद कुमार गुप्ता है. बताया जा रहा है कि उसे छपरा जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया से छपरा जंक्शन आरपीएफ और जीआरपी ने सादे लिबास में घेराबंदी कर फर्जी जॉइनिंग लेटर के साथ गिरफ्तार किया है.

आरपीएफ सहायक सुरक्षा आयुक्त अमित गुंजन नेबताया कि उन्हें अक्सर यह सूचना मिल रही थी कि बेरोजगार युवकों को रेलवे में नौकरी देने के नाम पर बहला-फुसलाकर अवैध उगाही की जा रही है. जब एक पुष्ट सूचना मिली कि फर्जीवाड़ा गिरोह के सदस्य ने तीन युवकों को छपरा जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया में ज्वाइनिंग लेटर देने के लिए बुलाया है तो उसे दबोचने के लिए सादे लिबास में आरपीएफ और राजकीय रेल पुलिस के अधिकारी और जवानों को घेराबंदी करने को कहा गया.

सहायक सुरक्षा आयुक्त के अनुसार बाइक पर सवार होकर जैसे ही जालसाज़ पहुंचा उसे घेर कर पकड़ लिया गया. पकड़े गए जालसाज के पास से पूर्व मध्य रेल के लेटर हेड पर फर्जी जॉइनिंग लेटर, रेलवे का आइकार्ड, कई बैंकों के चेकबुक इत्यादि बरामद हुए हैं. सहायक सुरक्षा आयुक्त के मुताबिक इस गिरोह के लोग अपने चंगुल में फंसे युवकों को विश्वास दिलाने के लिए इनसे वसूले गए रुपयों में से कुछ रकम इनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर देते थे. यह इसलिए कि ताकि इनको भरोसा हो जाये कि इनकी नौकरी रेलवे में लग गई है.

इनके इस झांसे में फंसे युवक अन्य बेरोजगार युवकों को भी जाने अनजाने इनके पास लाते थे और इनका यह फर्जीवाडा चलता रहता था. हालांकि, जब जॉइनिंग लेटर के साथ पीड़ित युवक रेलवे के कार्यालय में पहुंचते थे, तब उन्हें पता चलता था कि वह फर्जीवाड़ा के शिकार हो गये हैं. इस गिरोह के तार बहुत ऊपर तक जुड़े होने की बात कहते हुए सहायक सुरक्षा आयुक्त ने कहा कि सोशल मीडिया से ही इस गिरोह का पता चला है और पकड़े गए जालसाज़ के मोबाइल से इस गिरोह के मास्टरमाइंड को भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.