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कार्टन में बंद मिली थी 7 महीने की मासूम, स्वीडन के दंपत्ति ने अपनाकर दिया नाम

Santosh Kumar | News18 Bihar
Updated: November 29, 2019, 10:22 AM IST
कार्टन में बंद मिली थी 7 महीने की मासूम, स्वीडन के दंपत्ति ने अपनाकर दिया नाम
छपरा की अनाथ बच्ची को गोद लेने वाला स्वीडन का दंपत्ति

गुरुवार को गरिमा अपने नए मम्मी-पापा के साथ सात समन्दर पर स्वीडन (Sweden) चली गई. दरअसल स्वीडन में रहने वाले एक दंपति शहर के दत्तक ग्रहण केन्द्र (Child Adoption Center) से बच्ची को गोद लिया है

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  • Last Updated: November 29, 2019, 10:22 AM IST
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छपरा. बिहार के छपरा (Chapra) की मासूम बच्ची गरिमा अब स्वीडन (Sweden) में अपने माता-पिता के साथ सपनों को जीएगी. जिस मासूम को उसके परिजनों ने जन्म लेने के सात महीने बाद ही मरने के लिए कार्टन में डालकर नहर के किनारे जंगल-झाड़ी में फेंक दिया था अब उसे सात समुंदर पार स्वीडन के एक दंपति (Foreign Couple) ने अपना लिया है.

दो साल तक दत्तक केंद्र में रही मासूम

तमाम कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद इस दम्पति ने गरिमा नाम की बच्ची को अपना नाम दिया है. छपरा के दत्तक ग्रहण केन्द्र में रह रही दो साल की बच्ची गरिमा की कहानी किसी फेयरी टेल स्टोरी से कम नही है. अपनों से ठुकरायी एक अनाथ, बेसहारा कुपोषित बच्ची जन्म के सात महीने बाद कॉर्टन में बंद कर मरने के लिए नहर के किनार जंगल-झाड़ी में फेंकी गई दी गई थी. निकालते समये किसी को उम्मीद नहीं थी की उसकी सांसे चल रही होगी, लेकिन जब लोगों ने उठाया तो उसकी सांसों की डोर टूटी नहीं थी.

झाड़ी से मिली थी मासूम

उसी वक्त स्थानीय लोगों ने बाल संरक्षण इकाई को सूचना दी. जिस पर विशिष्ट दत्तक ग्रहण केन्द्र के समन्वयक ने बच्ची को बरामद किया. बच्ची को देखा गया तो उसकी अंतिम सांसे चल रही थीं जिसके बाद बच्ची का इलाज आनन-फानन में छपरा सदर अस्पताल में कराया गया. चिकित्सों के बेहतर इलाज से बच्ची स्वस्थ हुई तो विशिष्ट दत्तक ग्रहण में रखा गया जहां उसे गरिमा नाम दिया गया.

स्वीडन से बिहार आया था दंपत्ति

गुरुवार को गरिमा अपने नए मम्मी-पापा के साथ सात समन्दर पर स्वीडन चली गई. दरअसल स्वीडन में रहने वाले एक दंपति शहर के दत्तक ग्रहण केन्द्र से बच्ची को गोद लिया है. विशिष्ट दत्तक ग्रहण केन्द्र में रह रही बच्ची गरिमा को स्वीडन में रहने वाले मम्मी-पापा को सौंपने के लिए कोर्ट की सभी प्रक्रियाएं पूरी की गई. छपरा सिविल कोर्ट ने बच्ची को स्वीडन के दम्पति को सौंपने के लिए आदेश दिया था. अब बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र एवं पासपोर्ट भी बनाया गया है.
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First published: November 29, 2019, 10:16 AM IST
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